12 अगस्त 2026
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कर्नाटक कैबिनेट विभाग बंटवारा: सीएम शिवकुमार ने राज्यपाल गहलोत को भेजी लिस्ट, मानसून सत्र से पहले फैसला

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कर्नाटक कैबिनेट विभाग बंटवारा: सीएम शिवकुमार ने राज्यपाल गहलोत को भेजी लिस्ट, मानसून सत्र से पहले फैसला

सारांश

कर्नाटक में विधानसभा मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर सीएम शिवकुमार ने विभाग बंटवारे की सूची राज्यपाल को भेज दी — हफ्तों की लॉबिंग, कांग्रेस हाईकमान के दबाव और दिल्ली दौरों के बाद आखिरकार अटकलों पर विराम।

मुख्य बातें

सीएम डीके शिवकुमार ने 12 अगस्त को घोषणा की कि विभाग बंटवारे की सूची राज्यपाल थावरचंद गहलोत को मंजूरी के लिए भेजी गई।
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं होगा, केवल विभागों का आवंटन होगा।
खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा सहित कई वरिष्ठ और नए मंत्री अहम विभागों के लिए लॉबिंग में थे।
कांग्रेस हाईकमान इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल था; शिवकुमार के कई दिल्ली दौरे हुए।
कर्नाटक विधानसभा मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होना था, जिससे सरकार पर समय पर फैसले का दबाव था।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार, 12 अगस्त को घोषणा की कि नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे की सूची अंतिम रूप ले चुकी है और औपचारिक मंजूरी के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत को भेज दी गई है। इस घोषणा से कर्नाटक कांग्रेस सरकार में कैबिनेट फेरबदल को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

मुख्यमंत्री का बयान

बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने स्पष्ट किया, 'विभागों के बंटवारे की लिस्ट फाइनल हो गई है और मंजूरी के लिए गवर्नर के पास भेज दी गई है। मीडिया को कुछ घंटों में लिस्ट मिल जाएगी। कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।' यह बयान उस समय आया जब विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू होने वाला था और विपक्ष देरी को राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में था।

मंत्रियों की लॉबिंग और दबाव

सूत्रों के अनुसार, नवनियुक्त मंत्रियों और वरिष्ठ मंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण विभाग पाने के लिए जबरदस्त लॉबिंग चल रही थी। खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा कथित तौर पर सोशल वेलफेयर विभाग के इच्छुक बताए गए। वहीं, पूर्व सिद्दारमैया सरकार में मंत्री रहे जमीर अहमद खान, एन. चेलुवरयास्वामी, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा और एस.एस. मल्लिकार्जुन अपने पुराने विभाग वापस पाने के लिए प्रयासरत थे।

नए मंत्रियों में के. शिवलिंगेगौड़ा, रिजवान अरशद, के.एस. बसंतप्पा, पी.एम. नरेंद्र स्वामी, एच.सी. बालकृष्ण और अजय सिंह भी अहम विभागों के लिए प्रयास कर रहे थे।

कांग्रेस हाईकमान की भूमिका

सूत्रों का कहना है कि विभागों के बंटवारे में कांग्रेस हाईकमान बारीकी से शामिल था और मुख्यमंत्री शिवकुमार पर दबाव था। शिवकुमार के कई बार दिल्ली दौरे के बावजूद बुधवार तक अंतिम बंटवारा लंबित रहा, जो इस प्रक्रिया की जटिलता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर पहले से ही गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मानसून सत्र और राजनीतिक दांव

गौरतलब है कि गुरुवार से शुरू होने वाले कर्नाटक विधानसभा मानसून सत्र से ठीक पहले यह विलंब राजनीतिक रूप से संवेदनशील था। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष इस देरी को सरकार की अंदरूनी खींचतान के प्रमाण के रूप में पेश करने की कोशिश कर सकता है। अब जब राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद औपचारिक घोषणा अपेक्षित है, सरकार इस मुद्दे को सत्र से पहले सुलझाने में सफल रही।

आगे क्या

राज्यपाल थावरचंद गहलोत की मंजूरी के बाद विभागों की आधिकारिक सूची जारी होने की उम्मीद है। विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से पहले यह कदम कांग्रेस सरकार के लिए राजनीतिक रूप से राहत देने वाला है, हालांकि सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति पर सबकी नजरें रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कर्नाटक कांग्रेस के भीतर गुटीय खींचतान का प्रतिबिंब है — जहाँ हाईकमान को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। यह ऐसे समय में हुआ जब सरकार गारंटी योजनाओं पर पहले से दबाव में है और मानसून सत्र में विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में था। मुख्यमंत्री के कई दिल्ली दौरों के बावजूद अंतिम फैसले में इतना वक्त लगना यह संकेत देता है कि गठबंधन के भीतर सत्ता-संतुलन अभी भी नाजुक है। असली परीक्षा यह होगी कि विभागों का यह बंटवारा सरकार को एकजुट करता है या असंतुष्ट गुट नई माँगें लेकर खड़े हो जाते हैं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में विभाग बंटवारे की सूची किसे भेजी गई है?
सीएम डीके शिवकुमार ने 12 अगस्त को बताया कि विभाग बंटवारे की अंतिम सूची राज्यपाल थावरचंद गहलोत को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
क्या कर्नाटक में कैबिनेट फेरबदल हो रहा है?
नहीं। सीएम शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं होगा — केवल नए और मौजूदा मंत्रियों के बीच विभागों का पुनर्वितरण किया जा रहा है।
कर्नाटक में विभाग बंटवारे में देरी क्यों हुई?
सूत्रों के अनुसार, नए और वरिष्ठ मंत्रियों के बीच अहम विभागों के लिए जबरदस्त लॉबिंग चल रही थी और कांग्रेस हाईकमान इस प्रक्रिया में बारीकी से शामिल था। सीएम शिवकुमार को कई बार दिल्ली जाना पड़ा, फिर भी बुधवार तक फैसला लंबित रहा।
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र कब से शुरू हो रहा है?
कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार, 13 अगस्त से शुरू होने वाला है। विभाग बंटवारे में देरी के कारण सरकार सत्र से पहले इस मुद्दे को निपटाने के दबाव में थी।
कौन-से मंत्री किन विभागों के लिए लॉबिंग कर रहे थे?
रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा सोशल वेलफेयर विभाग चाहते थे, जबकि जमीर अहमद खान, एन. चेलुवरयास्वामी, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा और एस.एस. मल्लिकार्जुन अपने पुराने विभाग वापस पाने के इच्छुक थे। नए मंत्री के. शिवलिंगेगौड़ा, रिजवान अरशद और अन्य भी महत्वपूर्ण विभागों के लिए प्रयासरत थे।
राष्ट्र प्रेस
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