25 सितंबर 2026
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शहबाज शरीफ ने UNGA में हाफिज सईद पर पत्रकारों के सवाल टाले, आतंकवाद पर साधी चुप्पी

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शहबाज शरीफ ने UNGA में हाफिज सईद पर पत्रकारों के सवाल टाले, आतंकवाद पर साधी चुप्पी

सारांश

न्यूयॉर्क में 81वीं UNGA के दौरान शहबाज शरीफ ने हाफिज सईद और आतंकवाद पर पत्रकारों के सीधे सवालों पर चुप्पी साधी। भारत ने यूएन मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान को आतंक निर्यात और POK में दमन पर कड़ा जवाब दिया।

मुख्य बातें

शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर 2026 को UNGA में हाफिज सईद पर मुकदमे को लेकर पत्रकारों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है; संयुक्त राष्ट्र ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया है और अमेरिका ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने यूएन मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद निर्यात का आरोप लगाया।
POK में जून 2026 से कई नागरिकों की मौत, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी तथा खाद्य व दवा आपूर्ति रोकने का आरोप।
भारत ने कहा कि पाकिस्तान को क्षेत्रीय विस्तार की बजाय अपनी कर्जग्रस्त अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ 25 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शिरकत करने पहुंचे, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वे वहाँ आतंकवाद को लेकर पूछे गए सीधे सवालों से बचते नजर आए। प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमे को लेकर पूछे गए सवालों पर शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।

यूएन मुख्यालय पर क्या हुआ

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शहबाज शरीफ को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुँचते दिखाया गया है, जहाँ पत्रकारों ने उनसे पूछा, 'आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?' शरीफ बिना कोई प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए।

यूएन भवन से निकलते वक्त पत्रकारों ने उनसे यही सवाल दोहराया — 'आप लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे?' इस बार भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बिना कुछ बोले आगे निकल गए। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद वित्तपोषण को लेकर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

हाफिज सईद कौन है

हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकियों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया हुआ है और अमेरिकी सरकार ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है।

गौरतलब है कि सईद पाकिस्तान में कथित तौर पर कानूनी प्रक्रिया से बाहर रहते हुए सक्रिय बताया जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ इस्लामाबाद के संबंधों में एक स्थायी विवाद का विषय रहा है।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

इससे पहले बुधवार को यूएन मानवाधिकार परिषद में भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान अपनी जनता की बेहतर सेवा तब करेगा जब वह दूसरों की जमीन हड़पने या आतंक निर्यात करने के बजाय विकास पर ध्यान दे, क्योंकि न तो ये हरकतें और न ही परिषद में उसका नाटक उसकी अर्थव्यवस्था को बचाने वाले कर्ज चुकाने में मदद करेगा।'

त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद को क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा पालने या सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के बजाय अपनी कर्ज पर टिकी अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

पाक-अधिकृत कश्मीर पर भारत का आरोप

भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान के घरेलू रिकॉर्ड को भी उजागर किया। उन्होंने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (POK) में नागरिकों के दमन का हवाला दिया, जहाँ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को कथित तौर पर घातक बल से दबाया गया।

क्षितिज त्यागी ने परिषद में कहा, 'पिछले शुक्रवार को इस परिषद को बताया गया था कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जून से अब तक कई नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और खाद्य सामग्री तथा दवाओं को रोका गया है।'

आगे क्या

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 81वीं UNGA में पाकिस्तान पर आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। शरीफ की चुप्पी को कूटनीतिक हलकों में उल्लेखनीय माना जा रहा है। भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में यूएन मंच एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद के सवाल पर तीखा बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों पुरानी पाकिस्तानी राज्य-नीति की स्वीकारोक्ति जैसी दिखती है — जहाँ आतंकी संगठनों को 'रणनीतिक संपत्ति' की तरह संरक्षित किया जाता रहा है। एक डॉलर-इनाम-शुदा, यूएन-सूचीबद्ध आतंकी पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खड़े होकर भी कुछ न कह पाना, पाकिस्तान की वैश्विक साख की असली कीमत बताता है। भारत का 'कर्ज चुकाने' वाला जवाब कूटनीतिक भाषा में तीखा वार है — जो बताता है कि नई दिल्ली की रणनीति अब सीधे आर्थिक कमजोरी को निशाना बनाने की है। सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बार केवल बयानबाजी से आगे बढ़कर जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहबाज शरीफ ने UNGA में हाफिज सईद पर सवाल क्यों नहीं दिया?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शहबाज शरीफ ने 25 सितंबर 2026 को UNGA के बाहर पत्रकारों के लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद पर मुकदमे संबंधी सवालों का कोई जवाब नहीं दिया और बिना बोले आगे निकल गए। उनकी चुप्पी को कूटनीतिक हलकों में उल्लेखनीय माना जा रहा है।
हाफिज सईद कौन है और उस पर क्या आरोप हैं?
हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। संयुक्त राष्ट्र ने उसे वैश्विक आतंकी घोषित किया है और अमेरिकी सरकार ने उस पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा हुआ है; वह भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकियों में से एक है।
भारत ने UNGA में पाकिस्तान को क्या जवाब दिया?
भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने यूएन मानवाधिकार परिषद में कहा कि पाकिस्तान को आतंक निर्यात और दूसरों की जमीन हड़पने की बजाय अपनी कर्जग्रस्त अर्थव्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में जून से हुई कई नागरिक मौतों और खाद्य व दवा आपूर्ति रोकने का भी उल्लेख किया।
पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में क्या स्थिति बताई गई?
भारतीय राजनयिक के अनुसार POK में जून 2026 से अब तक कई नागरिक मारे गए हैं, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है तथा खाद्य सामग्री और दवाओं की आपूर्ति रोकी गई है। बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को कथित तौर पर घातक बल से दबाया गया है।
81वीं UNGA में भारत-पाकिस्तान के बीच मुख्य टकराव किस मुद्दे पर रहा?
81वीं UNGA में भारत और पाकिस्तान के बीच मुख्य टकराव सीमा पार आतंकवाद, हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमे और POK में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दों पर रहा। भारत ने यूएन मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की आर्थिक कमजोरी और आतंकवाद नीति दोनों को एक साथ निशाने पर लिया।
राष्ट्र प्रेस
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