माधुरी दीक्षित पैठणी साड़ी में 'कौन होणार करोड़पति' प्रीमियर पर, बोलीं — यह महाराष्ट्र की सदियों पुरानी पहचान है
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित मराठी क्विज़ शो 'कौन होणार करोड़पति' के प्रीमियर इवेंट में पारंपरिक पैठणी साड़ी पहनकर नजर आईं, और उनका यह अंदाज़ सोशल मीडिया से लेकर फ़ैशन जगत तक चर्चा का विषय बन गया। 25 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित इस प्रीमियर में माधुरी ने न केवल अपने लुक से, बल्कि पैठणी की सांस्कृतिक अहमियत पर दिए अपने बयान से भी सबका ध्यान खींचा।
माधुरी ने क्या कहा पैठणी के बारे में
अपने इस खास लुक पर बात करते हुए माधुरी दीक्षित ने कहा, 'पैठणी बहुत खास है। यह केवल देखने में सुंदर नहीं है, बल्कि इसके साथ महाराष्ट्र का इतिहास, परंपरा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जुड़ी हुई है। यह ऐसी चीज़ है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती आई है और अब महाराष्ट्र की पहचान का एक अहम हिस्सा बन चुकी है।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'पैठणी पहनना महाराष्ट्र की उन सभी चीज़ों को सेलिब्रेट करने का एक खूबसूरत तरीका है, जिनके लिए यह राज्य जाना जाता है। मुझे पैठणी की बुनाई बहुत पसंद है और यह बात भी मुझे बेहद अच्छी लगती है कि हर पैठणी का अपना अलग अंदाज़ और अपनी एक खास पहचान होती है।'
परंपरा और आधुनिकता का संगम
माधुरी ने पैठणी को परंपरा और समकालीनता के मेल की मिसाल बताते हुए कहा, 'अपनी संस्कृति को आज के समय के हिसाब से सेलिब्रेट करना अच्छा लगता है। ऐसा करते हुए अपनी पुरानी परंपराओं को भी सम्मान दिया जा सकता है। मेरे लिए पैठणी इसी खूबसूरत मेल की मिसाल है, जिसमें पारंपरिक अंदाज़ के साथ आज के समय की खूबसूरती भी नज़र आती है।'
गौरतलब है कि पैठणी महाराष्ट्र के औरंगाबाद (अब छत्रपति संभाजीनगर) ज़िले के पैठण शहर की विशिष्ट हथकरघा बुनाई है, जो अपनी रेशमी बनावट, जरी के काम और मोर के पंखों जैसे बूटे के लिए प्रसिद्ध है। इसे भौगोलिक संकेत (GI टैग) भी प्राप्त है।
शो की जानकारी: कब और कहाँ देखें
'कौन होणार करोड़पति' 12 अक्टूबर से सोनी मराठी और सोनी लिव पर प्रसारित होने वाला है। शो में माधुरी दीक्षित बतौर होस्ट कंटेस्टेंट्स से सवाल करती नज़र आएंगी और उनके सपनों और जीवन की कहानियों को करीब से जानेंगी। शो का प्रोमो पहले ही दर्शकों के सामने आ चुका है और इसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
माधुरी की अनूठी उपस्थिति
माधुरी दीक्षित जब भी किसी सार्वजनिक मंच पर उपस्थित होती हैं, उनका चुनाव — चाहे पोशाक का हो या शब्दों का — सुर्खियाँ बटोरता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हस्तशिल्प और हैंडलूम को बढ़ावा देने की मुहिम राष्ट्रीय स्तर पर गति पकड़ रही है, और सेलेब्रिटीज़ का इस दिशा में योगदान कारीगरों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।