कर्नाटक मंत्रालय बंटवारा: कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी के बाद होगा आवंटन, 13 अगस्त से मानसून सत्र
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मंत्रालय आवंटन को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ निर्णायक बैठक होने जा रही है। 11 अगस्त को वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि एआईसीसी (AICC) की ओर से चर्चा पूरी होते ही बेंगलुरू स्थित कर्नाटक सरकार के नवनियुक्त मंत्रियों को उनके विभाग सौंप दिए जाएंगे। 13 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने के कारण सरकार पर समय का दबाव है।
मुख्य घटनाक्रम
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित मंत्रालय सूची की समीक्षा के लिए होने वाली बैठक में एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पहले ही प्रस्तावित सूची वेणुगोपाल को सौंप चुके हैं। शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही अंतिम सूची सीएम को सौंपी जाएगी।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
मंत्री शिवराज तंगदागी ने कोप्पल में पत्रकारों से कहा कि मंगलवार शाम तक मंत्रालय आवंटन पूरा हो जाने की प्रबल संभावना है। उन्होंने कहा, 'मुझे जो भी मंत्रालय दिया जाएगा, मैं उसका निर्वहन करूंगा — इस संबंध में दुविधा का कोई सवाल नहीं।' तंगदागी ने यह भी याद दिलाया कि बी.एस. येदियुरप्पा के कार्यकाल में भी मंत्रालय आवंटन में देरी हुई थी।
जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कोलार में कहा कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले ही आवंटन का काम पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया, 'पार्टी में काफी हद तक असंतुष्टि बरकरार रहेगी — यह मुमकिन नहीं कि हर जगह शांति की स्थिति बनी रहे।'
डिप्टी सीएम पद पर अनिश्चितता
मंत्रालय आवंटन में देरी की एक बड़ी वजह उप-मुख्यमंत्री पद के सृजन को लेकर जारी अनिश्चितता भी बताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली ने बेलगावी में कहा, 'उप-मुख्यमंत्री के पद पर कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पार्टी जो भी फैसला करेगी, हम उसे मानेंगे।'
विपक्ष पर पलटवार
मंत्री एच.सी. बालकृष्ण ने बेंगलुरू में विपक्ष को जवाब देते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) [जेडी(एस)] कांग्रेस की आलोचना के लिए ही मौजूद हैं। हम अपने जिलों में सभी विभागों का प्रबंध स्वयं कर रहे हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष मंत्रालय आवंटन में देरी को सरकार की अक्षमता के रूप में पेश कर रहा है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि 13 अगस्त से कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है, जिससे कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर इस अनिश्चितता को तत्काल समाप्त करने का दबाव है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि सत्र से पहले आवंटन हो जाएगा, हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट पर व्यापक चर्चा सत्र के बाद भी जारी रहेगी। नवनिर्वाचित मंत्रियों को जल्द विभाग मिलने की उम्मीद है।