16 जुलाई 2026
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कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार फिर टला, कांग्रेस हाई कमान ने 16 जुलाई को टाला फैसला

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कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार फिर टला, कांग्रेस हाई कमान ने 16 जुलाई को टाला फैसला

सारांश

कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार एक बार फिर टल गया — नई दिल्ली में घंटों की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद भी कांग्रेस हाई कमान आम सहमति नहीं बना सकी। AICC अध्यक्ष खड़गे का अचानक बेंगलुरु जाना निर्णय में सबसे बड़ी बाधा बना। अगले चार दिनों में एक और दौर की बातचीत संभव।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार 16 जुलाई 2026 को कांग्रेस हाई कमान के अंतिम निर्णय स्थगित करने के कारण टल गया।
AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अचानक बेंगलुरु रवाना होने से बैठक अधूरी रही।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार , पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की।
पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले चार दिनों में एक और दौर की चर्चा संभव।
हरिप्रसाद ने कहा कि देरी एक महीने या उससे अधिक नहीं चलेगी।

कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार 16 जुलाई 2026 को एक बार फिर अधर में लटक गया, जब अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अचानक नई दिल्ली से बेंगलुरु रवाना होना पड़ा और हाई कमान अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बना सकी। नई दिल्ली में हुई कई उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद, कर्नाटक नेतृत्व खाली हाथ लौटा।

क्या हुआ बैठक में

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके अलावा सोनिया गांधी के आवास पर उनकी उपस्थिति में अलग से विचार-विमर्श भी हुआ।

बैठक में AICC के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और राज्य के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, पहले दौर की चर्चा वरिष्ठ AICC पदाधिकारियों के साथ हुई, जिसके बाद राहुल गांधी और सोनिया गांधी से अलग-अलग बैठकें हुईं।

हरिप्रसाद की प्रतिक्रिया

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हरिप्रसाद ने कहा, 'यह कहना मुश्किल है कि चर्चा पूरी हुई या अधूरी। नेतृत्व ने सभी नेताओं के विचार सुने हैं। इसके बाद निर्णय लिया जाना है, और जब भी हमें बुलाया जाएगा, हमें अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए दिल्ली वापस आना पड़ सकता है।' उन्होंने यह भी पुष्टि की कि कर्नाटक नेतृत्व ने दिन में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला से अलग-अलग भेंट की।

खड़गे की अनुपस्थिति बनी बाधा

मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ-साथ कर्नाटक के एक वरिष्ठ नेता भी हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि उनकी अनुपस्थिति में मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम मुहर लगने की संभावना नहीं है। खड़गे दोपहर बाद नई दिल्ली से रवाना हो गए, हालांकि उनके अचानक जाने के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं।

गौरतलब है कि कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार लंबे समय से लंबित है और पार्टी के अंदर विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाना हाई कमान के लिए एक जटिल कार्य बना हुआ है।

आगे क्या होगा

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, अगले चार दिनों में एक और दौर की चर्चा होने की संभावना है। स्थगन की अवधि के बारे में पूछे जाने पर हरिप्रसाद ने कहा कि यह मानने का कोई कारण नहीं है कि देरी एक महीने या उससे अधिक समय तक चलेगी। उन्होंने कहा, 'एआईसीसी अध्यक्ष यहां नहीं हैं, और प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।' कर्नाटक के नेता अगले निर्देश मिलते ही दिल्ली लौटने को तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कांग्रेस के भीतर गहरे गुटीय संतुलन की जटिलता को उजागर करती है। शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच की खींचतान पार्टी के लिए पुरानी पहेली है, और हाई कमान का बार-बार निर्णय टालना इस बात का संकेत है कि कोई भी फॉर्मूला अभी तक सभी को स्वीकार्य नहीं हुआ। खड़गे की अनुपस्थिति को तकनीकी कारण बताना सुविधाजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पार्टी के पास कर्नाटक में एक स्थिर और सर्वमान्य कैबिनेट बनाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है — या यह टालमटोल 2028 के विधानसभा चुनाव तक चलती रहेगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार क्यों टाला गया?
कांग्रेस हाई कमान 16 जुलाई को अंतिम निर्णय पर सहमति नहीं बना सकी, क्योंकि AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अचानक बेंगलुरु रवाना हो गए। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि उनकी अनुपस्थिति में मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम मुहर लगना संभव नहीं था।
नई दिल्ली में किन नेताओं के बीच बैठक हुई?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और KPCC अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात की। बैठक में AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज भी उपस्थित थे।
कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार कब तक होने की उम्मीद है?
पार्टी सूत्रों के अनुसार अगले चार दिनों में एक और दौर की चर्चा होने की संभावना है। बीके हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि देरी एक महीने या उससे अधिक नहीं चलेगी और प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे की भूमिका इस प्रक्रिया में क्यों अहम है?
खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ कर्नाटक के वरिष्ठ नेता भी हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि कर्नाटक से जुड़े किसी भी बड़े फैसले पर उनकी सहमति अनिवार्य मानी जाती है, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में अंतिम निर्णय लेना संभव नहीं था।
बीके हरिप्रसाद ने बैठक के बाद क्या कहा?
हरिप्रसाद ने कहा कि नेतृत्व ने सभी नेताओं के विचार सुने हैं और अगले निर्देश मिलते ही कर्नाटक नेतृत्व दिल्ली वापस लौटेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चर्चा पूरी हुई या नहीं, यह अभी कहना मुश्किल है।
राष्ट्र प्रेस
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