केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त KSRTC बस यात्रा शुरू, 3,125 साधारण बसों पर मिलेगा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार, 15 जून को तिरुवनंतपुरम के थम्पानूर सेंट्रल बस टर्मिनल से महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का औपचारिक उद्घाटन किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के चुनावी घोषणापत्र में किया गया यह अहम वादा अब जमीन पर उतर चुका है। यह योजना केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण श्रेणी की बसों पर लागू होगी।
योजना का विवरण और दायरा
इस योजना के तहत राज्य भर में चल रही KSRTC की 5,700 से अधिक बसों में से लगभग 3,125 साधारण (ऑर्डिनरी) बसें शामिल की गई हैं। सुबह 9 बजे से पात्र सेवाओं में महिला यात्रियों को कंडक्टर शून्य-किराया (जीरो-फेयर) टिकट जारी करेंगे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस योजना का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को भी मिलेगा।
उद्घाटन की पहली सेवा थम्पानूर से राज्य सचिवालय तक तीन किलोमीटर से भी कम की प्रतीकात्मक यात्रा के रूप में संपन्न हुई। इस अवसर पर परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन, पिछड़े वर्ग मंत्री के.ए. तुलसी, मुख्य सचिव ए.जे. जयतिलक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे तथा उन्होंने पहली यात्रा में भी भाग लिया।
ऐतिहासिक पल: महिला चालक ने चलाई पहली बस
इस उद्घाटन समारोह की एक विशेष पहचान बनीं KSRTC की अनुभवी चालक वी.पी. शीला, जिन्होंने पहली बस का संचालन किया। शीला 13 वर्ष पहले KSRTC की पहली महिला चालक बनी थीं और उन्हें इस ऐतिहासिक अवसर के लिए पेरंबवूर से विशेष रूप से बुलाया गया था। बस में एक महिला कंडक्टर भी तैनात थीं। शीला ने कहा कि इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
मुख्य सचिव जयतिलक ने इस पहल को सामान्य सार्वजनिक परिवहन सुधार से कहीं बड़ा बताया। उन्होंने कहा कि भले ही बसें 'साधारण' हों, लेकिन यात्रा का अनुभव 'साधारण' नहीं है। उन्होंने महिला यात्रियों से अपील की कि वे अपना शून्य-किराया टिकट लें और बेझिझक यात्रा करें।
महिलाओं पर आर्थिक असर
बस में सवार महिला यात्रियों ने इस पहल का उत्साह के साथ स्वागत किया। कई महिलाओं ने बताया कि इस योजना से उन्हें हर महीने ₹2,500 से ₹3,500 तक की बचत हो सकती है, जिससे घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सतीशन ने योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एक निवेश बताते हुए कहा कि मुफ्त यात्रा से होने वाली बचत वापस अर्थव्यवस्था और परिवार की जरूरतों में लगेगी।
नवनियुक्त परिवहन सचिव टी.वी. अनुपमा ने इस योजना को लागू करने वाले पहले सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री सतीशन ने महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा के पहले टिकट सौंपे और मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ सचिवालय तक की यात्रा बस में की।
राजनीतिक विवाद और विपक्ष का बहिष्कार
उद्घाटन समारोह के दौरान राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण रहा। सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह योजना चुनावी वादों पर खरी नहीं उतरती, क्योंकि मुफ्त यात्रा की सुविधा सभी KSRTC सेवाओं के बजाय केवल 'साधारण' श्रेणी की बसों तक सीमित रखी गई है।
परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने इस पहल को केरल के परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और 1938 में त्रावणकोर प्रशासन के तहत सार्वजनिक परिवहन की शुरुआत से लेकर आज के KSRTC तंत्र तक के विकास का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री सतीशन ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के साथ-साथ निजी बस संचालकों के हितों का भी ध्यान रखेगी।
आगे की राह
यह योजना ऐसे समय में लागू हुई है जब केरल में महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। गौरतलब है कि कई अन्य राज्य — जैसे दिल्ली और तमिलनाडु — पहले ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजनाएँ लागू कर चुके हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि KSRTC इस वित्तीय बोझ को कैसे वहन करता है और क्या योजना को भविष्य में एक्सप्रेस व अन्य श्रेणी की बसों तक भी विस्तारित किया जाएगा।