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केरल की 13 लाख महिलाओं ने की मुफ्त KSRTC यात्रा, प्रियदर्शनी योजना के पहले दिन ₹2.20 करोड़ के टिकट

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केरल की 13 लाख महिलाओं ने की मुफ्त KSRTC यात्रा, प्रियदर्शनी योजना के पहले दिन ₹2.20 करोड़ के टिकट

सारांश

केरल की प्रियदर्शनी योजना ने पहले ही दिन इतिहास रच दिया — 13 लाख से अधिक महिलाएँ KSRTC बसों में मुफ्त सवार हुईं, यात्री संख्या लगभग दोगुनी हो गई। लेकिन इस सफलता की कीमत निजी बस संचालक चुका रहे हैं, जिन्हें पहले दिन डीजल का खर्च भी नहीं निकला।

मुख्य बातें

प्रियदर्शनी मुफ्त यात्रा योजना का शुभारंभ 16 जून 2025 को तिरुवनंतपुरम के थंपानूर KSRTC परिसर से मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने किया।
पहले दिन 13,29,938 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने KSRTC साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की।
8 जून की तुलना में महिला यात्री संख्या में 5,95,245 की वृद्धि — लगभग दोगुनी।
पहले दिन जारी महिला टिकटों का अनुमानित मूल्य ₹2.20 करोड़ ।
निजी बस संचालकों को पहले दिन डीजल लागत भी नहीं निकली; ऑपरेटर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने की तैयारी में।

केरल में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की सरकार द्वारा शुरू की गई 'प्रियदर्शनी मुफ्त यात्रा योजना' ने अपने पहले ही दिन — 16 जून 2025 — ऐतिहासिक आँकड़े दर्ज किए, जब राज्यभर में 13,29,938 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की। इस एक दिन में जारी महिला टिकटों का अनुमानित मूल्य ₹2.20 करोड़ तक पहुँच गया, जो योजना की तात्कालिक लोकप्रियता को रेखांकित करता है। हालाँकि, इस पहल से निजी बस संचालकों में असंतोष उभरा है, जिनका कहना है कि पहले ही दिन उन्हें डीजल की लागत भी नहीं निकली।

पहले दिन का रिकॉर्ड: छह लाख अतिरिक्त यात्री

आँकड़े बताते हैं कि 8 जून को KSRTC की साधारण बसों में महिला यात्रियों की संख्या 7,34,693 थी, जो 16 जून को बढ़कर 13,29,938 हो गई — यानी एक सप्ताह में 5,95,245 अतिरिक्त महिला यात्री। यह वृद्धि लगभग दोगुनी है और दर्शाती है कि मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएँ निजी साधनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन की ओर आकर्षित हुईं।

गौरतलब है कि यह योजना केवल KSRTC की साधारण (ऑर्डिनरी) बसों पर लागू है, न कि एक्सप्रेस या वातानुकूलित सेवाओं पर।

उद्घाटन समारोह: थंपानूर से हुई शुरुआत

योजना का औपचारिक उद्घाटन 16 जून की सुबह 9 बजे तिरुवनंतपुरम के थंपानूर स्थित KSRTC परिसर में हुआ। मुख्यमंत्री सतीशन ने पारंपरिक डबल घंटी बजाकर इस पहल का शुभारंभ किया। सरकार ने इस कदम को महिलाओं की आवागमन सुगमता बढ़ाने, यात्रा-व्यय का बोझ कम करने तथा शिक्षा, रोज़गार और आवश्यक सेवाओं तक पहुँच में सुधार के व्यापक लक्ष्य से जोड़ा है।

निजी ऑपरेटरों का विरोध

जहाँ सरकारी बसों में भीड़ उमड़ी, वहीं निजी बस संचालकों की आर्थिक स्थिति पहले ही दिन चिंताजनक रही। ऑपरेटरों के एक पदाधिकारी ने कहा, "हम स्थिति का आकलन करेंगे और मुख्यमंत्री वीडी सतीशन से मिलकर अपना पक्ष रखने का इंतजार कर रहे हैं।" उनका कहना है कि सोमवार रात के प्रारंभिक आकलन में यह स्पष्ट हो गया कि उन्हें डीजल की लागत निकालने लायक यात्री भी नहीं मिले। यह ऐसे समय में आया है जब केरल का निजी बस क्षेत्र पहले से ही ईंधन लागत और यात्री संख्या में गिरावट से जूझ रहा है।

सरकार की मंशा और व्यापक असर

सरकार के अनुसार, प्रियदर्शनी योजना का उद्देश्य केवल किराया माफी नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी और लैंगिक-संवेदनशील बनाना है। इस योजना के तहत राज्यभर की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को KSRTC की साधारण बसों में निःशुल्क टिकट उपलब्ध कराए जाते हैं। पहले दिन की भारी उपस्थिति ने सरकार के इस अनुमान को बल दिया है कि आने वाले दिनों में और अधिक महिलाएँ सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगी।

आगे क्या होगा

निजी बस ऑपरेटर संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का इरादा जताया है। यदि यात्री संख्या में यह असंतुलन जारी रहा, तो निजी क्षेत्र पर दबाव और बढ़ सकता है, और राज्य सरकार पर मुआवज़े या नीतिगत समायोजन की माँग तेज़ हो सकती है। प्रियदर्शनी योजना की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि सरकार KSRTC की बढ़ती परिचालन लागत को किस प्रकार वहन करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या यह योजना निजी बस क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर करेगी। केरल में निजी बस ऑपरेटर पहले से ही संकट में हैं; यदि सरकार ने मुआवज़े का कोई ढाँचा नहीं बनाया, तो यह कल्याणकारी योजना एक समानांतर परिवहन संकट को जन्म दे सकती है। लोकप्रिय घोषणाओं के साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का संतुलन ही इस योजना की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियदर्शनी मुफ्त यात्रा योजना क्या है?
प्रियदर्शनी मुफ्त यात्रा योजना केरल सरकार की एक कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत राज्यभर की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को KSRTC की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 16 जून 2025 को तिरुवनंतपुरम से किया।
पहले दिन कितनी महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की?
16 जून 2025 को योजना के पहले दिन 13,29,938 महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों ने KSRTC साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की। यह संख्या पिछले सोमवार (8 जून) की 7,34,693 महिला यात्रियों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
निजी बस ऑपरेटरों ने इस योजना पर आपत्ति क्यों जताई?
निजी बस संचालकों का कहना है कि योजना के पहले दिन यात्री संख्या इतनी कम हो गई कि उन्हें डीजल की लागत भी नहीं मिली। ऑपरेटरों के एक पदाधिकारी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री सतीशन से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
इस योजना से महिलाओं को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार, यह योजना महिलाओं के यात्रा-व्यय का बोझ कम करेगी और उनकी शिक्षा, रोज़गार व आवश्यक सेवाओं तक पहुँच आसान बनाएगी। पहले दिन के आँकड़े बताते हैं कि लगभग 6 लाख अतिरिक्त महिलाएँ KSRTC की ओर आकर्षित हुईं।
क्या यह योजना सभी KSRTC बसों पर लागू है?
नहीं, प्रियदर्शनी योजना केवल KSRTC की साधारण (ऑर्डिनरी) बसों पर लागू है। एक्सप्रेस या वातानुकूलित सेवाओं पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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