31 जुलाई 2026
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केरल में महिलाओं के लिए 'प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना' लागू, यूडीएफ ने एक महीने में पूरा किया 'इंदिरा गारंटी' वादा

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केरल में महिलाओं के लिए 'प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना' लागू, यूडीएफ ने एक महीने में पूरा किया 'इंदिरा गारंटी' वादा

सारांश

केरल में यूडीएफ सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर 'प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना' लागू कर दी — 3,125 केएसआरटीसी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा मिलेगी। कांग्रेस ने इसे 'इंदिरा गारंटी' के तहत किए वादे की पूर्ति बताया है।

मुख्य बातें

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 15 जून 2026 को थम्पानूर सेंट्रल बस टर्मिनल पर 'प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना' का उद्घाटन किया।
यूडीएफ सरकार ने सत्ता में आने के एक महीने के भीतर यह 'इंदिरा गारंटी' पूरी की।
राज्य की 5,700 से अधिक केएसआरटीसी बसों में से 3,125 साधारण बसें इस योजना के अंतर्गत आएंगी।
महिला यात्रियों को सुबह 9 बजे IST से पात्र सेवाओं में कंडक्टर जीरो-फेयर टिकट जारी करेंगे।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे कर्नाटक और तेलंगाना की तर्ज पर कांग्रेस-शासित राज्यों में वादा पूरा करने की श्रृंखला बताया।

केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर अपनी पहली प्रमुख चुनावी प्रतिबद्धता पूरी करते हुए 'प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना' लागू कर दी है, जिसके तहत राज्य की महिलाएं केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। 15 जून 2026 को थम्पानूर सेंट्रल बस टर्मिनल पर हुए उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इस योजना का शुभारंभ किया, जो कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के घोषणापत्र में 'इंदिरा गारंटी' के रूप में शामिल थी।

योजना का स्वरूप और दायरा

प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना केएसआरटीसी की 'साधारण' श्रेणी की बसों पर लागू होगी। राज्य भर में परिचालित 5,700 से अधिक बसों में से लगभग 3,125 बसें इस योजना के अंतर्गत आएंगी। सुबह 9 बजे IST से पात्र सेवाओं में महिला यात्रियों को कंडक्टर जीरो-फेयर टिकट जारी करेंगे। पहली सेवा थम्पानूर से स्टेट सेक्रेटेरिएट तक — तीन किलोमीटर से भी कम की दूरी — के रूप में प्रतीकात्मक रूप से संचालित की गई।

सरकार की प्रतिक्रिया और अधिकारियों के बयान

उद्घाटन समारोह में परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन, पिछड़े वर्गों के मंत्री के.ए. तुलसी और मुख्य सचिव ए.जे. जयतिलक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव जयतिलक ने इस पहल को सामान्य सार्वजनिक परिवहन सुधार से कहीं बड़ा बताते हुए कहा कि "भले ही बसें साधारण हों, लेकिन यात्रा का अनुभव 'साधारण' नहीं है।" उन्होंने महिला यात्रियों से अपील की कि वे बेझिझक जीरो-फेयर टिकट लें और यात्रा करें।

परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने इसे केरल के परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया और 1938 में त्रावणकोर प्रशासन के अंतर्गत सार्वजनिक परिवहन की शुरुआत से लेकर आज के केएसआरटीसी तंत्र तक की विकास-यात्रा का उल्लेख किया।

आम महिलाओं पर असर

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एक दीर्घकालिक निवेश करार दिया। उनके अनुसार, मुफ्त यात्रा से होने वाली बचत सीधे परिवार और समुदाय के खर्चों में सहायक होगी और अर्थव्यवस्था में वापस आएगी। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ निजी बस ऑपरेटरों के हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।

केसी वेणुगोपाल का दावा

कांग्रेस महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "सत्ता में आने के एक महीने के भीतर ही यूडीएफ ने अपनी पहली 'इंदिरा गारंटी' लागू कर दी है! बहुप्रतीक्षित 'प्रियदर्शिनी फ्री बस स्कीम' अब लागू हो गई है। पूरे केरल में महिलाएं केएसआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी और हर महीने हजारों रुपये बचा सकेंगी। हम जन-कल्याण में विश्वास रखते हैं और हमेशा अपने वादे पूरे करते हैं, चाहे वह कर्नाटक हो, तेलंगाना हो या अब केरल।"

वेणुगोपाल ने इस घोषणा को कांग्रेस-शासित राज्यों में वादा पूरा करने की व्यापक प्रवृत्ति से जोड़ा। गौरतलब है कि कर्नाटक और तेलंगाना में भी कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं।

आगे की राह

यह योजना केएसआरटीसी के वित्तीय ढाँचे पर दीर्घकालिक दबाव डाल सकती है, जो पहले से ही परिचालन घाटे से जूझ रही है। सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मुफ्त टिकटों की भरपाई के लिए राज्य बजट से कितनी सब्सिडी दी जाएगी। निजी बस ऑपरेटरों की प्रतिक्रिया और योजना के क्रियान्वयन की निगरानी आने वाले महीनों में इस पहल की सफलता का पैमाना तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पहले से घाटे में है — सरकार ने सब्सिडी की राशि और भरपाई का तंत्र अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है। दूसरे राज्यों के अनुभव बताते हैं कि ऐसी योजनाएं सवारी संख्या बढ़ाती हैं, लेकिन बिना पर्याप्त बजट आवंटन के परिवहन निगम पर बोझ भी बढ़ाती हैं। निजी बस ऑपरेटरों के साथ संतुलन बनाना इस योजना की दीर्घकालिक सफलता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना क्या है?
यह केरल की यूडीएफ सरकार की वह योजना है जिसके तहत महिलाएं केएसआरटीसी की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। 15 जून 2026 को शुरू हुई इस योजना में राज्य की लगभग 3,125 बसें शामिल हैं।
'इंदिरा गारंटी' से इस योजना का क्या संबंध है?
'इंदिरा गारंटी' कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों की श्रृंखला है। प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना इस श्रृंखला की पहली गारंटी है, जिसे सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर लागू किया गया।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकती हैं और कैसे?
केरल की सभी महिलाएं केएसआरटीसी की पात्र साधारण बसों में सुबह 9 बजे IST से मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। कंडक्टर उन्हें जीरो-फेयर टिकट जारी करेंगे — कोई अलग पास या पंजीकरण आवश्यक नहीं बताया गया है।
क्या सभी केएसआरटीसी बसें इस योजना में शामिल हैं?
नहीं, यह योजना केवल केएसआरटीसी की 'साधारण' श्रेणी की बसों पर लागू है। राज्य की 5,700 से अधिक बसों में से लगभग 3,125 बसें इस योजना के अंतर्गत आती हैं; एक्सप्रेस या वातानुकूलित सेवाएं इसमें शामिल नहीं हैं।
केसी वेणुगोपाल ने इस योजना पर क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूडीएफ ने सत्ता में आने के एक महीने के भीतर पहली 'इंदिरा गारंटी' पूरी कर दी है। उन्होंने इसे कर्नाटक और तेलंगाना की तरह कांग्रेस-शासित राज्यों में वादे पूरे करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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