केरल में 'प्रियदर्शिनी' योजना लागू: महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को KSRTC बसों में मुफ्त यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
केरल सरकार ने सोमवार, 15 जून 2026 से राज्यभर में 'प्रियदर्शिनी' मुफ्त बस यात्रा योजना लागू कर दी, जिसके तहत सभी आयु वर्ग की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बस सेवाओं में निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। यह योजना कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान घोषित पाँच 'इंदिरा गारंटी' में से पहली है, जिसे सत्ता संभालने के एक महीने के भीतर ही लागू किया गया है।
योजना में क्या शामिल है
प्रियदर्शिनी योजना के पहले चरण में KSRTC की सभी साधारण बस सेवाओं में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मुफ्त यात्रा का अधिकार होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस लाभ के लिए आय, सामाजिक स्थिति या किसी अन्य पात्रता मानदंड की कोई बाध्यता नहीं है।
यात्रा प्रक्रिया को अत्यंत सरल रखा गया है — कोई पूर्व पंजीकरण, आवेदन या दस्तावेज़ जमा करने की ज़रूरत नहीं होगी। पात्र यात्री बस कंडक्टर से इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) के ज़रिये शून्य मूल्य (जीरो-वैल्यू) 'प्रियदर्शिनी' टिकट प्राप्त कर सीधे यात्रा कर सकेंगी।
डिजिटल ट्रैकिंग और पारदर्शिता
सरकार ने योजना में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल टिकटिंग प्रणाली अपनाई है। यह प्रणाली प्रत्येक यात्रा का रिकॉर्ड रखेगी, जिससे खर्चों का लेखा-जोखा और KSRTC को प्रतिपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। गौरतलब है कि इस तरह की योजनाओं में वित्तीय जवाबदेही सबसे बड़ी चुनौती रही है, और डिजिटल ट्रैकिंग इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए योजना के शुभारंभ का स्वागत किया। उन्होंने लिखा, "बहुप्रतीक्षित प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना अब लागू हो गई है। केरल की महिलाएं अब KSRTC की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी और हर महीने हजारों रुपये की बचत करेंगी। हम जनकल्याणकारी नीतियों में विश्वास करते हैं और कर्नाटक, तेलंगाना के बाद अब केरल में भी अपने वादों को पूरा कर रहे हैं।"
वेणुगोपाल ने इसे UDF सरकार की पहली 'इंदिरा गारंटी' की पूर्ति बताया। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कर्नाटक और तेलंगाना में भी इसी तरह की कल्याणकारी योजनाओं को अपनी राजनीतिक पहचान बना रही है।
आम जनता पर असर
सरकार के अनुसार, इस योजना से लाखों महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को रोज़मर्रा की आवाजाही, शिक्षा, रोज़गार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए राहत मिलेगी। परिवारों पर परिवहन खर्च का बोझ कम होने के साथ-साथ सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या
फिलहाल योजना का पहला चरण लागू किया गया है। आने वाले समय में सरकार इसके विस्तार और अन्य 'इंदिरा गारंटी' को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। योजना की सफलता काफी हद तक KSRTC की परिचालन क्षमता और डिजिटल प्रतिपूर्ति तंत्र की दक्षता पर निर्भर करेगी।