24 अगस्त 2026
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संजय राउत का परिवहन मंत्री को पत्र: रैपिडो-ओला-उबर से रिक्शा चालकों की आजीविका खतरे में

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संजय राउत का परिवहन मंत्री को पत्र: रैपिडो-ओला-उबर से रिक्शा चालकों की आजीविका खतरे में

सारांश

संजय राउत ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर रैपिडो, ओला और उबर के विस्तार से हजारों मराठी रिक्शा चालकों की आजीविका पर मंडरा रहे संकट को उजागर किया — और कुछ मंत्रियों पर रैपिडो से वित्तीय संबंध रखने का गंभीर आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 24 अगस्त 2026 को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखा।
राउत ने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ मंत्रियों के रैपिडो से वित्तीय व व्यावसायिक संबंध हैं और कंपनी ने उन्हें करोड़ों रुपये दिए हैं।
उन्होंने रिक्शा चालक संघर्ष समिति के साथ परिवहन मंत्री से बैठक का समय माँगा।
20 अगस्त 2026 को राउत ने अमित शाह को भी पत्र लिखकर सहकारी क्षेत्र पर अन्याय का आरोप लगाया था।
उस पत्र की प्रति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार को भेजी गई थी।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 24 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर माँग की है कि रैपिडो, ओला और उबर जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों के विस्तार के कारण हजारों मराठी रिक्शा चालकों की आजीविका पर आए संकट को तत्काल दूर किया जाए। राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रवासियों को आजीविका से वंचित करना न्यायसंगत नहीं है।

पत्र में क्या कहा

राउत ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राज्य के कुछ मंत्रियों के रैपिडो कंपनी के साथ वित्तीय और व्यावसायिक संबंध हैं। उन्होंने लिखा कि रैपिडो ने दही हांडी, गणेशोत्सव और कुछ मंत्रियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रायोजित किया है तथा करोड़ों रुपये दिए हैं। राउत के अनुसार, कुछ मंत्रियों को चुनाव प्रचार के लिए भी इस कंपनी से धनराशि मिली है। उन्होंने आशंका जताई कि हजारों रिक्शा चालकों को इन्हीं संबंधों के बदले 'एहसान चुकाने' के लिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री का हवाला

राउत ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि महाराष्ट्र के वर्तमान उपमुख्यमंत्री का मूल पेशा ही रिक्शा चालक रहा है। ऐसे में राज्य के रिक्शा चालकों की रोज़ी-रोटी छीनना नैतिक रूप से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने परिवहन मंत्री से रिक्शा चालक संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक का समय माँगा है।

पृष्ठभूमि: सहकारी क्षेत्र पर पहले भी उठाए सवाल

गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय आया है जब राउत पहले से ही केंद्र सरकार पर महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र के साथ अन्याय का आरोप लगा चुके हैं। 20 अगस्त 2026 को उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को मराठी में पत्र लिखकर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने और मुंबई में राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त विकास निगम (एनयूसीएफडीसी) कार्यालय के उद्घाटन पर गहरी चिंता व्यक्त की थी।

उस पत्र की प्रति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राष्ट्रीय सहकारी समिति अध्यक्ष शरद पवार को भी भेजी गई थी। राउत ने आरोप लगाया था कि विधेयक जल्दबाजी में पारित किया गया और एनयूसीएफडीसी के माध्यम से महाराष्ट्र व गोवा के शीर्ष शहरी सहकारी बैंकों की संपत्ति उनके सदस्यों की सहमति के बिना जब्त की गई। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के सहकारी आंदोलन पर 'सीधा हमला' बताया था।

आगे क्या होगा

राउत ने परिवहन मंत्री सरनाईक से बैठक के लिए उचित समय और स्थान तय करने का अनुरोध किया है। रिक्शा चालक संघर्ष समिति इस मुद्दे पर सरकार से सीधी बातचीत की माँग कर रही है। यह देखना होगा कि सरकार राइड-हेलिंग कंपनियों के विस्तार और परंपरागत रिक्शा चालकों के हितों के बीच संतुलन कैसे बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ — सरकार की चुप्पी इस आरोप को और वज़नदार बना देती है। असली सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र सरकार के पास राइड-हेलिंग कंपनियों के लिए कोई नियामक ढाँचा है जो परंपरागत रिक्शा चालकों के हितों की रक्षा करे — अगर नहीं, तो यह संकट और गहराएगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने परिवहन मंत्री को पत्र क्यों लिखा?
संजय राउत ने रैपिडो, ओला और उबर के विस्तार के कारण महाराष्ट्र में हजारों मराठी रिक्शा चालकों की आजीविका पर आए संकट को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मंत्रियों के रैपिडो से वित्तीय संबंध हैं।
राउत ने रैपिडो पर क्या आरोप लगाए हैं?
राउत ने आरोप लगाया कि रैपिडो ने दही हांडी, गणेशोत्सव और कुछ मंत्रियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को करोड़ों रुपये देकर प्रायोजित किया और कुछ मंत्रियों को चुनाव के लिए भी धनराशि दी। उन्होंने कहा कि इसी एहसान के बदले रिक्शा चालकों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
रिक्शा चालक संघर्ष समिति क्या चाहती है?
रिक्शा चालक संघर्ष समिति सरकार से सीधी बातचीत चाहती है। राउत ने परिवहन मंत्री से इस समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक का समय और स्थान तय करने का अनुरोध किया है।
राउत ने इससे पहले सहकारी क्षेत्र पर क्या कहा था?
20 अगस्त 2026 को राउत ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 और एनयूसीएफडीसी कार्यालय उद्घाटन पर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधेयक जल्दबाजी में पारित हुआ और महाराष्ट्र व गोवा के सहकारी बैंकों की संपत्ति सदस्यों की सहमति के बिना जब्त की गई।
इस विवाद में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की क्या भूमिका है?
राउत ने सहकारी क्षेत्र से जुड़े अपने पहले के पत्र की प्रति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी भेजी थी। रिक्शा चालकों के मुद्दे पर अभी तक फडणवीस सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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