भागलपुर में गंगा का तटबंध 50 मीटर टूटा, ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का आवास जलमग्न
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भागलपुर जिले के नौगछिया इलाके में कजिकोरैया-राघोपुर सीमांत तटबंध रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात 2 बजकर 30 मिनट पर लगभग 50 मीटर की चौड़ाई में ध्वस्त हो गया। गंगा नदी के उफनते जलस्तर के दबाव में टूटे इस तटबंध से बाढ़ का पानी तेज़ी से रिहायशी इलाकों में घुस गया और राघोपुर क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया।
मुख्य घटनाक्रम
तटबंध टूटने की यह घटना 24 अगस्त की रात घटी। राघोपुर इलाका बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की बस्ती है। तटबंध के ध्वस्त होते ही मंत्री के आवास में भी बाढ़ का पानी घुस गया। स्थानीय निवासियों को रात के अंधेरे में अचानक पानी का सैलाब झेलना पड़ा।
मौके पर मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, 'हम दुर्गा स्थान के पास खेत में खाट पर सो रहे थे, तभी तटबंध की तरफ से लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। हम तुरंत तटबंध देखने गए और पाया कि वह सच में टूट गया है।'
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर के जिलाधिकारी (डीएम) सहित आपदा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए। प्रशासन ने तत्काल आपातकालीन सुरक्षा उपाय शुरू किए और तटबंध को बचाने के लिए फ्लड फाइटिंग का कार्य जारी किया। हालाँकि, गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से मरम्मत कार्य में गंभीर बाधा आ रही है।
सरकार की चिंता
पटना में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हर साल बाढ़ का कहर बिहार पर टूटता है। भागलपुर बांध का टूटना चिंता का विषय है। पानी का दबाव इतना ज़्यादा था कि बांध टूट गया। मुझे विश्वास है कि सरकार ज़रूरी कदम उठाएगी और बांध को फिर से बनाने के लिए जो भी संभव होगा, सरकार करेगी।'
आम जनता पर असर
तटबंध टूटने से नौगछिया के कई गाँवों में बाढ़ का खतरा तेज़ी से बढ़ गया है। यह ऐसे समय में आया है जब गंगा नदी का जलस्तर पहले से ही चेतावनी के निशान के करीब था। गौरतलब है कि बिहार में हर वर्ष मानसून के दौरान तटबंध टूटने की घटनाएँ सामने आती हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित होते हैं।
क्या होगा आगे
फिलहाल प्रशासन की टीम स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और राहत कार्यों में जुटी है। तटबंध की मरम्मत गंगा के जलस्तर में कमी आने पर ही संभव हो सकेगी। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की कोशिशें जारी हैं।