खेलो इंडिया संवाद: PM मोदी के 'खेलेंगे तो खिलेंगे' संदेश से झारखंड के युवाओं में नई ऊर्जा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त 2026 को 'खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम' के अंतर्गत देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं को खेलों से जुड़ने, फिटनेस को जीवन की प्राथमिकता बनाने और 'खेलो इंडिया अभियान' का सक्रिय हिस्सा बनने की प्रेरणा दी। झारखंड के धनबाद और रांची सहित राज्यभर में युवाओं और खिलाड़ियों में इस कार्यक्रम को लेकर असाधारण उत्साह देखा गया।
धनबाद में छात्राओं का उत्साह
धनबाद के एसएसएलएनटी महिला कॉलेज के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राओं ने प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन को पूरी गंभीरता से सुना। कई छात्राएं पीएम मोदी के वक्तव्यों को अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड करती और उनकी तस्वीरें लेती नज़र आईं। कार्यक्रम में धनबाद विधायक राज सिन्हा, कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शर्मिला रानी सहित महाविद्यालय प्रशासन के सदस्य भी उपस्थित रहे।
PM मोदी का खेल संदेश: 'खेलेंगे तो खिलेंगे'
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं और जेन-ज़ी पीढ़ी से सीधा संवाद करते हुए कहा कि युवाओं के मन में नए-नए विचार आने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेल केवल मनोरंजन या पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं — खेल हमें जीवन की चुनौतियों से जूझना और उन्हें पार करना भी सिखाते हैं। मोदी ने कहा, 'जो खेलते हैं, वे खिलते हैं।' उनके अनुसार, मैदान पर जीत के साथ-साथ खिलाड़ी के परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य का भी मान बढ़ता है।
उन्होंने अपने स्पोर्ट्स विजन को 'विकसित भारत' के निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि देश की खेल क्षमता और युवा शक्ति को एकजुट करना इस अभियान का मूल उद्देश्य है।
शिक्षाविदों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के बाद डॉ. शर्मिला रानी ने 'खेलो इंडिया संवाद' को छात्राओं के भीतर खेल भावना विकसित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होना अनिवार्य है और प्रधानमंत्री का यह संवाद इस दिशा में प्रेरणादायी कदम है।
धनबाद विधायक राज सिन्हा ने भी इस संवाद को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि देश में खेल और खिलाड़ियों के लिए जिस अनुकूल माहौल का निर्माण हो रहा है, उससे आने वाले वर्षों में भारत की युवा प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराएंगी।
छात्राओं की आवाज़ और माँगें
कार्यक्रम में शामिल छात्राओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के संवाद ने उनके भीतर खेल के प्रति नई ऊर्जा और जोश भर दिया है। एक छात्रा ने कहा, 'पीएम ने खेल और देश के विकास को लेकर बात कही है। हमें अपने देश का नाम रोशन करना है। हम में खेल के प्रति जुनून होना चाहिए।'
एक अन्य छात्रा, जो पावरलिफ्टिंग चैंपियन हैं और राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए मई में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, ने कहा कि अन्य लड़कियों को भी अपने पसंदीदा खेल में देश का नाम रोशन करने के लिए आगे आना चाहिए। छात्राओं ने खेल के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं और ज़रूरी संसाधन उपलब्ध कराने की माँग भी रखी।
रांची में IIM और केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति
झारखंड की राजधानी रांची में IIM रांची में भी 'खेलो इंडिया संवाद' का आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि देशभर में 5,000 स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिनमें से 1,500 स्थानों पर प्रधानमंत्री ने खेल जगत की प्रमुख हस्तियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि जब तक खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा, ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ में पदकों की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी विदेश से लौटने वाले खिलाड़ियों को बुलाकर संवाद करते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं।
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भारत 2036 ओलंपिक की मेज़बानी की दावेदारी को लेकर सक्रिय है और खेल नीति में युवा भागीदारी को केंद्र में रखने की कोशिश तेज़ हो रही है।