खेलो इंडिया संवाद: पंजाबी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधती चौधरी ने युवाओं को दी खेल की प्रेरणा
सारांश
मुख्य बातें
पटियाला के पंजाबी विश्वविद्यालय में 27 अगस्त 2026 को 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से सीधा संवाद किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पंजाबी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को दिखाया गया, जहाँ विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधती चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
प्रधानमंत्री मोदी ने वर्चुअल संवाद के दौरान युवाओं को खेलों से जुड़ने, फिटनेस को जीवन में प्राथमिकता देने और 'खेलो इंडिया' अभियान का सक्रिय हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। पटियाला में आयोजित इस स्थानीय कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, युवा खिलाड़ियों और शिक्षकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
वाइस चांसलर और अरुंधती चौधरी दोनों ने विद्यार्थियों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए और खेलों के बहुआयामी महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
वाइस चांसलर का संदेश
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने कहा कि 'खेलो इंडिया' जैसे कार्यक्रम बच्चों को खेलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस के लिए नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उतने ही ज़रूरी हैं — तनाव और अवसाद जैसी स्थितियों से निपटने में खेल सहायक हो सकते हैं।
वाइस चांसलर ने यह भी कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देश में खेलों का बुनियादी ढाँचा मजबूत हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा खिलाड़ियों को नौकरी तथा पुरस्कार जैसी सुविधाएँ दिए जाने से युवाओं में खेल को करियर के रूप में अपनाने का उत्साह बढ़ा है।
अरुंधती चौधरी की प्रेरणादायक बातें
राजस्थान के कोटा से ताल्लुक रखने वाली अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधती चौधरी ने विद्यार्थियों के साथ अपने खेल जीवन के संघर्ष और सफलताओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन स्तर की प्रतियोगिताओं और जूनियर नेशनल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर चुकी हैं।
चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में हार हो या जीत, सबसे महत्वपूर्ण है निरंतर मेहनत और आगे बढ़ने का जज्बा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाने के लिए पूरे दृढ़ संकल्प के साथ अभ्यास जारी रखना चाहिए।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में पंजाबी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपनी बात रखी। बीटेक के विद्यार्थी अंसुल आलूवालिया ने कहा कि इस संवाद से उन्हें खेलों में हो रहे बदलावों और सरकार की खेल नीतियों को समझने का अवसर मिला। एनएसएस स्वयंसेवक खुशदीप कौर ने कहा कि खिलाड़ियों के संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानियाँ सुनकर विद्यार्थियों को गहरी प्रेरणा मिली।
बीटेक की छात्रा गौरी ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले खेल छोड़ दिया था, लेकिन इस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दोबारा खेलों से जुड़ने की इच्छा जागी है। यह प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि 'खेलो इंडिया संवाद' जैसे कार्यक्रम जमीनी स्तर पर युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
आगे की राह
'खेलो इंडिया' अभियान के तहत इस तरह के संवाद कार्यक्रम देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य खेल संस्कृति को जड़ों तक पहुँचाना और युवाओं को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है।