भारत-श्रीलंका नौसेना प्रमुखों की नई दिल्ली में बैठक, समुद्री सुरक्षा व संयुक्त अभियानों पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका नौसेना के कमांडर वाइस एडमिरल डेमियन फर्नांडो 27 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन से मिले और द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा की। 1 जुलाई 2026 को श्रीलंका नौसेना के 27वें कमांडर का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है, जो भारत को रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।
औपचारिक स्वागत और श्रद्धांजलि
भारत पहुँचने पर वाइस एडमिरल फर्नांडो को नई दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की। यह शिष्टाचार भारत-श्रीलंका रक्षा संबंधों में परस्पर सम्मान की परंपरा को दर्शाता है।
बैठक में क्या हुई चर्चा
दोनों नौसेना प्रमुखों के बीच संयुक्त समुद्री अभियानों, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा उपायों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श हुआ। गौरतलब है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच दोनों पड़ोसी देशों के बीच नौसैनिक समन्वय की अहमियत और बढ़ गई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने 'नेबरहुड फर्स्ट' सिद्धांत के तहत हिंद महासागरीय देशों के साथ रक्षा साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।
रक्षा उद्योग से संवाद और कोच्चि दौरा
वाइस एडमिरल फर्नांडो अपनी यात्रा के दौरान भारतीय रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे, जिसमें रक्षा क्षेत्र में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। यात्रा के अगले चरण में वे कोच्चि जाएंगे, जहाँ वे दक्षिणी नौसेना कमान के मुख्यालय और भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे। इन दौरों का लक्ष्य दोनों नौसेनाओं के बीच प्रशिक्षण संबंधों और पेशेवर आदान-प्रदान को और गहरा करना है।
वाइस एडमिरल फर्नांडो का भारत से व्यक्तिगत जुड़ाव
वाइस एडमिरल फर्नांडो का भारत से केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि पेशेवर नाता भी है। उन्होंने भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान INS द्रोणाचार्य में तोपखाना और मिसाइल विशेषज्ञता का प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जहाँ उन्हें 'बेस्ट ऑल राउंड ऑफिसर' का सम्मान मिला था। यह पृष्ठभूमि दोनों नौसेनाओं के बीच दशकों पुराने पेशेवर रिश्तों की गहराई को उजागर करती है।
आगे की राह
भारत और श्रीलंका की नौसेनाएं समुद्री सुरक्षा, संयुक्त गश्त और पेशेवर आदान-प्रदान के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग करती रही हैं। वाइस एडमिरल फर्नांडो की इस यात्रा से दोनों नौसेनाओं के बीच पहले से जारी सहयोग को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नए कमांडर की पहली विदेश यात्रा के रूप में भारत का चुनाव कोलंबो की रणनीतिक प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है।