गांधीनगर के कलोल में जहरीली गैस से 3 मजदूरों की मौत, ETP टैंक सफाई के दौरान हादसा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गांधीनगर के कलोल में जहरीली गैस से 3 मजदूरों की मौत, ETP टैंक सफाई के दौरान हादसा

सारांश

गुजरात के कलोल में माफतलाल इंडस्ट्रीज के ETP टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। यह अक्टूबर 2025 के अहमदाबाद हादसे के बाद राज्य में महज कुछ महीनों में दूसरी ऐसी त्रासदी है — सवाल उठता है कि औद्योगिक सुरक्षा नियम कागज़ों तक ही सीमित हैं?

मुख्य बातें

15 मई 2026 को गांधीनगर के कलोल साईज जीआईडीसी में जहरीली गैस रिसाव से 3 मजदूरों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान अमित प्रीतम परिहार (32) , अमर कुमार श्रीवास्तव (33) और शिवनाथ रामशंकर दुबे (44) के रूप में हुई।
चौथे मजदूर अनिल भगवान लोधी गंभीर रूप से घायल हैं, अस्पताल में उपचाराधीन।
हादसा माफतलाल गुजरात इंडस्ट्रीज के ETP संयंत्र के भूमिगत टैंक की सफाई के दौरान हुआ।
FSL टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए; कलोल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की जाँच शुरू की।
अक्टूबर 2025 में अहमदाबाद में भी इसी तरह के हादसे में 3 मजदूरों की मौत हुई थी।

गुजरात के गांधीनगर जिले के कलोल स्थित साईज जीआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में 15 मई 2026 को एक दर्दनाक हादसे में तीन मजदूरों की जान चली गई, जबकि एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। माफतलाल गुजरात इंडस्ट्रीज के ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) संयंत्र के भूमिगत टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से यह हादसा हुआ। कलोल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की भी जाँच की जा रही है।

हादसे का घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, मजदूर भूमिगत टैंक में जमा कीचड़ और कचरा निकालने के लिए उतरे थे। जैसे ही वे टैंक के अंदर गए, जहरीली गैस के संपर्क में आने से उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश होकर कीचड़ में फंस गए। पहले एक मजदूर के प्रभावित होने पर उसे बचाने के लिए अन्य मजदूर भी टैंक में उतरे, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।

मृतक और घायल की पहचान

हादसे में जान गँवाने वाले तीनों मजदूर अन्य राज्यों से थे। मध्य प्रदेश के निवासी अमित प्रीतम परिहार (उम्र 32 वर्ष), उत्तर प्रदेश के अमर कुमार श्रीवास्तव (उम्र 33 वर्ष) और शिवनाथ रामशंकर दुबे (उम्र 44 वर्ष) की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई। चौथे मजदूर अनिल भगवान लोधी की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में उपचार जारी है। तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

पुलिस जाँच और फॉरेंसिक कार्रवाई

कलोल पुलिस ने प्रारंभिक जाँच के आधार पर बताया कि हादसे का कारण गैस रिसाव है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्रित किए हैं। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है। जाँच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या कंपनी ने मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

यह ऐसी पहली घटना नहीं है। अक्टूबर 2025 में अहमदाबाद के दानिलिम्दा इलाके में एक जींस धुलाई इकाई के परिसर में भूमिगत सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से प्रकाश परमार, विशाल ठाकोर और सुनील राठवा नाम के तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में सीमित समय के भीतर यह इस तरह का दूसरा बड़ा हादसा है, जो सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच के साथ-साथ औद्योगिक सुरक्षा नियमों के पालन की समीक्षा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मृतकों के परिवार सदमे में हैं और उन्हें मुआवजे तथा न्याय की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए 'कन्फाइंड स्पेस एंट्री' प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक प्रणालीगत विफलता की ओर इशारा है जहाँ सुरक्षा प्रोटोकॉल या तो लागू नहीं होते या ठेकेदारी व्यवस्था में कहीं खो जाते हैं। कलोल पुलिस की जाँच का दायरा केवल 'आकस्मिक मृत्यु' तक सीमित रहा तो जवाबदेही तय नहीं होगी — असली सवाल यह है कि कंपनी ने क्या सुरक्षा उपकरण दिए और क्या श्रम विभाग ने कभी निरीक्षण किया।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर के कलोल में क्या हादसा हुआ?
15 मई 2026 को कलोल के साईज जीआईडीसी स्थित माफतलाल गुजरात इंडस्ट्रीज के ETP संयंत्र के भूमिगत टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस रिसाव से तीन मजदूरों की मौत हो गई। एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है।
इस हादसे में कौन-कौन से मजदूरों की मौत हुई?
मध्य प्रदेश के अमित प्रीतम परिहार (32 वर्ष), उत्तर प्रदेश के अमर कुमार श्रीवास्तव (33 वर्ष) और शिवनाथ रामशंकर दुबे (44 वर्ष) की मौत हुई। चौथे मजदूर अनिल भगवान लोधी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?
कलोल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और FSL टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्रित किए हैं। जाँच का मुख्य बिंदु यह है कि कंपनी ने मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं।
क्या गुजरात में पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं?
हाँ, अक्टूबर 2025 में अहमदाबाद के दानिलिम्दा इलाके में एक जींस धुलाई इकाई के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से प्रकाश परमार, विशाल ठाकोर और सुनील राठवा नाम के तीन मजदूरों की मौत हो चुकी है। यह राज्य में कुछ महीनों में इस तरह का दूसरा बड़ा हादसा है।
ETP टैंक सफाई के दौरान गैस रिसाव से बचाव कैसे होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत या बंद जगहों (कन्फाइंड स्पेस) में प्रवेश से पहले गैस की जाँच, ऑक्सीजन मास्क, सुरक्षा हार्नेस और बाहर से निगरानी अनिवार्य होती है। इन प्रोटोकॉल का पालन न होने पर ऐसे हादसे होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले