बाराबंकी में फैक्ट्री के जलभरे गड्ढे में डूबे दो बच्चे, तीसरे की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 20 सितंबर 2026 की शाम एक निर्माणाधीन फैक्ट्री परिसर में बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि तीसरा बच्चा अभी भी लापता है। पुलिस के अनुसार घटना कुर्सी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के बैना गांव के बाहर स्थित फैक्ट्री स्थल पर हुई।
घटनाक्रम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देवा (13 वर्ष), सुमित (10 वर्ष) और दिव्यांश (15 वर्ष) नाम के तीनों बच्चे रविवार शाम अन्य बच्चों के साथ फैक्ट्री परिसर में गए थे। फैक्ट्री में मिट्टी खुदाई के लिए बनाए गए इस गड्ढे में हाल की बारिश का पानी भर गया था। बच्चे नहाने की नीयत से उस गड्ढे में उतर गए और गहरे पानी में चले जाने से डूबने लगे।
उनके साथ मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया, जिससे स्थानीय ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने देवा और सुमित को पानी से बाहर निकालकर एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
बचाव अभियान
कुर्सी थाने की पुलिस स्थानीय गोताखोरों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। अंधेरे के कारण बचाव कार्य में बाधा आई और लापता बच्चे दिव्यांश की तलाश के लिए अतिरिक्त रोशनी का प्रबंध किया गया। रात तक चले व्यापक तलाशी अभियान के बाद भी दिव्यांश का पता नहीं चल सका।
सुरक्षा को लेकर चिंता
यह हादसा निर्माण स्थलों पर गहरे गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मॉनसून के मौसम में ऐसे खुले गड्ढे बारिश के पानी से भर जाते हैं और बच्चों के लिए जानलेवा जोखिम बन जाते हैं। गौरतलब है कि बच्चे परिसर की बाड़बंदी या सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण अंदर पहुंच सके — यह सवाल जाँच का विषय होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में मॉनसून सक्रिय है और जलभराव की घटनाएँ बढ़ी हैं। निर्माण स्थलों पर खुले गड्ढों से होने वाले हादसे बार-बार सामने आते हैं, लेकिन ठोस नियमन अब भी एक चुनौती बना हुआ है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जाएगी कि बच्चे फैक्ट्री परिसर में किस तरह दाखिल हुए और साइट पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं। दिव्यांश को खोजने का अभियान जारी है और बचाव दल सुबह होते ही फिर से तलाशी शुरू करने की तैयारी में है।