12 जुलाई 2026
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डूंगरपुर के वात्रक एनीकट में चार बच्चों की डूबकर मौत, तीन सगे भाई-बहन शामिल

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डूंगरपुर के वात्रक एनीकट में चार बच्चों की डूबकर मौत, तीन सगे भाई-बहन शामिल

सारांश

राजस्थान के डूंगरपुर में वात्रक एनीकट पर नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबकर मौत हो गई — मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी फुफेरी बहन शामिल हैं। ग्रामीणों की सतर्कता से दो बच्चों की जान बची। एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़।

मुख्य बातें

12 जुलाई की सुबह डूंगरपुर के वात्रक एनीकट में नहाने गए छह बच्चों में से चार की डूबकर मौत हो गई।
मृतकों में बाबूसिंह डामोर की बेटी हिना (24) , पुत्र प्रतीक (20) , बेटी इशिता (15) और फुफेरी बहन रौनक (20) शामिल हैं।
ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए दो बच्चों — राजवीर और जयसिंह — को सुरक्षित बाहर निकाला; दोनों सीमलवाड़ा अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
धम्बोला थाना पुलिस ने शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से बड़ी गांव और आसपास के पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र स्थित बड़ी गांव के वात्रक एनीकट में रविवार, 12 जुलाई की सुबह एक दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की डूबकर मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल हैं। दो अन्य बच्चों को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया और उन्हें उपचार के लिए सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी गांव के छह बच्चे वात्रक एनीकट में नहाने पहुँचे। नहाने के दौरान सभी बच्चे गहरे पानी में चले गए। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे, जबकि चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गँवाने वाले बच्चों में बाबूसिंह डामोर की बड़ी बेटी हिना (24), पुत्र प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं — तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इनके साथ नहाने गई इनकी फुफेरी बहन रौनक (20), पुत्री गौतम भाई परमार निवासी पालनपुर, की भी डूबने से मौत हो गई।

घायल बच्चों की स्थिति

हादसे में राजवीर पुत्र कोहरा डामोर और जयसिंह पुत्र सुरेश डामोर को ग्रामीणों ने समय रहते पानी से बाहर निकाला। दोनों को सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही धम्बोला थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्षेत्र में शोक की लहर

एक ही परिवार के चार सदस्यों की एक साथ मौत से बड़ी गांव सहित पूरे क्षेत्र में गहरे शोक का माहौल है। परिवार में मातम पसरा हुआ है। यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि ग्रामीण इलाकों में एनीकट और जलाशयों के पास बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम न होने से ऐसी त्रासदियाँ बार-बार होती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तालाब और नदियों के किनारे बच्चों के डूबने की खबरें आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान पर ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीण इलाकों में जलाशयों के पास चेतावनी बोर्ड, बाड़बंदी और त्वरित बचाव दल की अनुपस्थिति इन त्रासदियों की जड़ में है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की एक साथ मौत प्रशासन की उस चूक को उजागर करती है जो हर साल दोहराई जाती है। सवाल यह है कि ऐसी घटनाओं के बाद भी नीतिगत स्तर पर ग्रामीण जल सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं मिलती।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वात्रक एनीकट हादसे में कितने बच्चों की मौत हुई?
डूंगरपुर के वात्रक एनीकट में 12 जुलाई को हुए हादसे में चार बच्चों की डूबकर मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई-बहन — हिना (24), प्रतीक (20), इशिता (15) — और उनकी फुफेरी बहन रौनक (20) शामिल हैं।
क्या सभी छह बच्चों की मौत हो गई?
नहीं, छह बच्चों में से दो को ग्रामीणों ने समय रहते पानी से बाहर निकाल लिया। राजवीर और जयसिंह को सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 12 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे राजस्थान के डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के बड़ी गांव स्थित वात्रक एनीकट पर हुआ।
पुलिस ने घटना के बाद क्या कार्रवाई की?
धम्बोला थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची और चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मृतक बच्चे किस परिवार से थे?
तीन मृतक — हिना, प्रतीक और इशिता — बड़ी गांव निवासी बाबूसिंह डामोर के बच्चे थे। चौथी मृतका रौनक पालनपुर निवासी गौतम भाई परमार की पुत्री थी और इन तीनों की फुफेरी बहन थी।
राष्ट्र प्रेस
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