दक्षिण पूर्वी रेलवे का स्टेशनों पर स्वच्छ पेयजल अभियान: 14,248 टैंक साफ, 167 स्थानों पर सुधार कार्य
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण पूर्वी रेलवे (एसईआर) ने अपने नेटवर्क के स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रखरखाव, सफाई, परीक्षण और सुधारात्मक अभियान छेड़ा है। 20 सितंबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, इस मुहिम के तहत 24,033 जल टैंकों में से 14,248 टैंकों (59.23 प्रतिशत) की सफाई पहले ही पूरी की जा चुकी है।
जल अवसंरचना सुधार: मुख्य घटनाक्रम
एसईआर के अधिकारियों ने बताया कि 167 स्थानों की पहचान की गई है जहाँ जल आपूर्ति अवसंरचना में कमियाँ दूर करना आवश्यक है। इनमें से 39 स्थानों पर क्षतिग्रस्त जल टैंकों, पाइपलाइनों और फिल्टरों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जा रहा है, जबकि 33 स्थानों पर कार्य अभी जारी है।
इसके अतिरिक्त, 81 स्थानों पर पाइपलाइनों की मरम्मत या प्रतिस्थापन का काम पहले ही पूरा हो चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी और मानसून के बाद के मौसम में रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ती है और स्वच्छ पेयजल की माँग तेज होती है।
फिल्टरेशन और क्लोरीनीकरण व्यवस्था
जल शोधन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 55 प्रेशर या ग्रेविटी फिल्टरों में से 52 की जाँच और सफाई की जा चुकी है। फिल्टरों में जमा गंदगी और अशुद्धियाँ हटाई गई हैं तथा जहाँ आवश्यक था, वहाँ खराब फिल्टर घटकों और उपकरणों को बदला गया।
अधिकारी ने बताया कि एसईआर में 63 क्लोरीनीकरण संयंत्र हैं और इन सभी की देखरेख पूरी की जा चुकी है। जहाँ जरूरत पड़ी, वहाँ पानी के पर्याप्त क्लोरीनीकरण को सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन की खुराक को नियंत्रित किया गया।
जल गुणवत्ता परीक्षण और निगरानी
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के समन्वय से व्यापक जल गुणवत्ता निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक अवशिष्ट क्लोरीन स्तर (आरसीएल) के परीक्षण के लिए 1,561 जल नमूने, जीवाणु परीक्षण के लिए 283 नमूने और रासायनिक परीक्षण के लिए 21 नमूने एकत्र किए गए हैं।
गौरतलब है कि आरसीएल, जीवाणु और रासायनिक मापदंडों सहित जल का नियमित भौतिक निरीक्षण और परीक्षण जारी है, ताकि आपूर्ति किए जा रहे पानी की गुणवत्ता और उपयुक्तता सुनिश्चित की जा सके।
रखरखाव और रिसाव नियंत्रण
पानी के कूलर और शुद्धिकरण इकाइयों के प्रभावी रखरखाव के लिए एसईआर में एक व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) लागू है। इसके अलावा, मासिक रूप से पानी के भंडारण टैंकों की निर्धारित सफाई और रखरखाव किया जा रहा है।
फील्ड कर्मचारी पानी के कूलर, नल और फिटिंग से रिसाव को रोकने के लिए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे जल की बर्बादी में कमी आ रही है। यह पहल सभी खंडों में जल स्रोतों, उपचार और निस्पंदन संयंत्रों, भूमिगत और ओवरहेड जल टैंकों, पीवीसी टैंकों, जल बूथों, नलों तथा जल वितरण बिंदुओं के नियमित निरीक्षण पर केंद्रित है।
आगे की राह
शेष 40.77 प्रतिशत टैंकों की सफाई और 33 स्थानों पर जारी काम के पूरा होने के साथ एसईआर का यह अभियान अगले चरण में प्रवेश करेगा। रेलवे का यह प्रयास स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।