भोपाल मंडल में मानसून के लिए रेलवे की पुख्ता तैयारी, संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष पेट्रोलिंग शुरू
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल ने मानसून सीजन के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए 1 जुलाई 2026 तक व्यापक तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। भारी वर्षा, आंधी-तूफान और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ट्रैक, पुलों, सिग्नल प्रणाली एवं विद्युत परिसंपत्तियों की विशेष निगरानी की जा रही है।
संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष सतर्कता
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भोपाल–इटारसी, भोपाल–बीना, बीना–गुना, गुना–अशोकनगर–रूठियाई तथा इटारसी–नर्मदापुरम सहित अन्य संवेदनशील रेलखंडों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। घाट क्षेत्रों, पुलों, जलभराव-संभावित स्थलों और अन्य जोखिम वाले बिंदुओं पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश
मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून अवधि में मौसम की स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जाए। साथ ही स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी संसाधन हर समय तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मानसून पेट्रोलिंग की यह व्यवस्था हर वर्ष की जाती है, किंतु इस बार संवेदनशील खंडों पर इसे और सघन किया गया है।
ट्रैक पेट्रोलिंग एवं निगरानी व्यवस्था
संभावित जोखिम वाले स्थानों पर ट्रैक पेट्रोलमैन एवं चौकीदार तैनात किए गए हैं, जो रेल पथ, पुलों एवं अन्य संरचनाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सूचना और कार्रवाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। संवेदनशील पुलों पर जलस्तर की निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण सक्रिय रखे गए हैं।
जल निकासी एवं अवसंरचना सुधार
रेलवे ट्रैक, यार्ड एवं स्टेशन परिसरों में जलभराव से बचाव के लिए नालियों, पुलियों एवं जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई कराई गई है। ट्रैक के आसपास जमा मलबा एवं अन्य अवरोध हटाकर वर्षा जल की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा विद्युतीकृत रेलखंडों पर ओवरहेड उपकरण (ओएचई), सिग्नल एवं ट्रैक का संयुक्त निरीक्षण किया गया है और संभावित खतरा उत्पन्न करने वाले पेड़ों एवं शाखाओं की छंटाई भी कर दी गई है।
आगे की तैयारी
भोपाल मंडल के सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं, ताकि मानसून के पूरे मौसम में यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके। रेलवे संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रतिकूल मौसम में रेल परिचालन प्रभावित न हो।