मुंबई मानसून 2025: मंत्री आशीष शेलार की अध्यक्षता में रेलवे-प्रशासन समन्वय बैठक, 126 पंप और 15 माइक्रो टनल तैयार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव से निपटने की तैयारियों को तेज कर दिया है। मुंबई उपनगरीय संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने शुक्रवार, 12 जून को पश्चिमी रेलवे मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों को एकजुट होकर एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। यह बैठक मानसून-पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
बैठक में मुंबई नगर निगम (BMC) के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकणे, मध्य रेलवे के मंडल महाप्रबंधक हिरेश मीना, पश्चिमी रेलवे के मंडल महाप्रबंधक पंकज सिंह, मुंबई शहर और उपनगरों के जिला कलेक्टर, अग्निशमन विभाग, मेट्रो प्रशासन तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह व्यापक भागीदारी इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार इस बार अंतर-विभागीय समन्वय को केंद्र में रखकर मानसून प्रबंधन करना चाहती है।
रेलवे की मानसून-पूर्व तैयारियाँ
पश्चिमी रेलवे ने बैठक में बताया कि चर्चगेट से विरार के बीच रेलवे लाइन के नीचे जल निकासी के लिए कुल 15 माइक्रो टनल बनाई गई हैं, जिनमें से 4 टनल इस वर्ष पूरी की गई हैं। जल निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए पंपों की संख्या बढ़ाकर 126 कर दी गई है और अब तक 2,400 वैगन गाद हटाई जा चुकी है।
मध्य रेलवे ने बताया कि उसके मार्ग पर पंपों की संख्या बढ़ाकर 220 कर दी गई है। लगभग 350 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर स्थित 160 नालों और सीवर लाइनों की सफाई पूरी कर ली गई है। दोनों रेलवे मार्गों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और वर्षामापी यंत्र भी स्थापित किए गए हैं।
नालों का चौड़ीकरण और गहराई का काम जारी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कांजुरमार्ग स्थित उषा नगर नाला और कुर्ला के ब्राह्मणवाड़ी नाले को गहरा और चौड़ा करने का काम अभी जारी है। इस काम के पूरा होने के बाद भारी बारिश के दौरान जलनिकासी की गति में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ये दोनों नाले पिछले कई मानसून सत्रों में जलभराव के प्रमुख कारण रहे हैं।
मंत्री शेलार के प्रमुख निर्देश
मंत्री आशीष शेलार ने निर्देश दिया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में रेलवे स्टेशन पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने, स्टेशन के बाहर यातायात जाम कम करने, यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों के सीसीटीवी और सूचना प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए एक व्यापक एकीकृत योजना तैयार की जाए।
उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर, पैदल पुलों, यातायात पुलों और होर्डिंग्स का संरचनात्मक ऑडिट कराने की भी आवश्यकता बताई। साथ ही मस्जिद बंदर और आसपास रेलवे सीमा में स्थित 24 जर्जर इमारतों और कुछ झोपड़ियों के पुनर्वास को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए। BMC और अग्निशमन विभाग ने बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए और रेलवे-नगर निगम समन्वय की सराहना की।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब मुंबई में मानसून के दस्तक देने की संभावना कुछ ही सप्ताहों में है और शहर की जल निकासी व्यवस्था हर साल परीक्षा में खरी उतरने का दबाव झेलती है। एकीकृत सूचना प्रणाली और संरचनात्मक ऑडिट जैसे कदम यदि समय पर पूरे होते हैं, तो इस बार की तैयारी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यवस्थित साबित हो सकती है।