एकनाथ शिंदे ने मुंबई मानसून तैयारियों की समीक्षा की, BMC को NDRF जैसा आपदा दल बनाने का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार, 15 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मुंबई और महानगर क्षेत्र में मानसून पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तर्ज पर एक समर्पित आपदा प्रतिक्रिया दल गठित करने का निर्देश दिया, ताकि मानसून के दौरान जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुंबई महापौर ऋतु तावड़े, उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, और मुंबई नगर आयुक्त अश्विनी भिडे सहित रेलवे, पुलिस, CIDCO, MHADA, MMRDA, SRA, तटरक्षक बल, नौसेना, NDRF और BEST विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री संजय घाड़ी भी इस अवसर पर मौजूद थे।
मुख्य निर्देश और तैयारियाँ
शिंदे ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष बारिश में देरी के कारण एजेंसियों को तैयारी का अतिरिक्त समय मिला है, जिसका पूरा उपयोग होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहाँ भी नालियों की सफाई अधूरी है, उसे तत्काल पूरा किया जाए। जल संग्रहण तालाबों और बाढ़ नियंत्रण द्वारों को चालू हालत में रखा जाए, तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाए जाएँ।
होर्डिंग्स का संरचनात्मक ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए — यह निर्देश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले वर्षों में मुंबई में मानसून के दौरान होर्डिंग गिरने से जनहानि हो चुकी है। रेलवे को रेल पटरियों के नीचे की नालियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया, जबकि BEST और ST को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की योजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
सड़क और बुनियादी ढाँचे की स्थिति
शिंदे ने बताया कि मुंबई में कुल 2,000 किलोमीटर सड़कों में से 1,700 किलोमीटर का कंक्रीटीकरण पूरा हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप सड़क और गड्ढों की मरम्मत लागत में 80 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। मेट्रो स्टेशनों में जलभराव न हो, इसके लिए भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य और झुग्गी क्षेत्रों पर ध्यान
उपमुख्यमंत्री ने झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया, ताकि जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के नाम पर संचालित औषधालयों में दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश भी दिए गए।
बहु-एजेंसी समन्वय पर बल
शिंदे ने कहा कि NDRF, नौसेना, वायुसेना और सेना आपदा के समय सदैव सहयोग करती हैं। उन्होंने सभी प्रशासनिक एजेंसियों से अपील की कि वे एकजुट होकर काम करें और मुंबईवासियों को मानसून के दौरान अधिकतम राहत सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि मुंबई हर वर्ष मानसून के दौरान भारी जलभराव और भूस्खलन की चपेट में आती है, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इस वर्ष बारिश में देरी ने एजेंसियों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया है, जिसका लाभ उठाना आवश्यक है।