31 जुलाई 2026
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एकनाथ शिंदे ने मुंबई मानसून तैयारियों की समीक्षा की, BMC को NDRF जैसा आपदा दल बनाने का निर्देश

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एकनाथ शिंदे ने मुंबई मानसून तैयारियों की समीक्षा की, BMC को NDRF जैसा आपदा दल बनाने का निर्देश

सारांश

मानसून से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई की तैयारियों की बागडोर खुद संभाली — BMC को NDRF जैसा आपदा दल बनाने का निर्देश दिया, नालियों से लेकर होर्डिंग ऑडिट तक हर मोर्चे पर एजेंसियों को अलर्ट किया, और बताया कि 1,700 किमी सड़क कंक्रीटीकरण से मरम्मत लागत 80% घटी।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 15 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मुंबई मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा की।
BMC को NDRF की तर्ज पर समर्पित आपदा प्रतिक्रिया दल गठित करने का निर्देश दिया गया।
मुंबई में 2,000 किमी में से 1,700 किमी सड़कों का कंक्रीटीकरण पूरा; मरम्मत लागत में 80% की कमी।
नालियों की सफाई, होर्डिंग का संरचनात्मक ऑडिट, भूस्खलन क्षेत्रों में सुरक्षा जाल और जल संग्रहण तालाबों को चालू करने के निर्देश।
झुग्गी क्षेत्रों में जलनिकासी और औषधालयों में दवा भंडार सुनिश्चित करने पर विशेष बल।
बैठक में महापौर ऋतु तावड़े , नगर आयुक्त अश्विनी भिडे , NDRF, नौसेना, रेलवे समेत दर्जनों एजेंसियों के अधिकारी शामिल।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार, 15 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए मुंबई और महानगर क्षेत्र में मानसून पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की तर्ज पर एक समर्पित आपदा प्रतिक्रिया दल गठित करने का निर्देश दिया, ताकि मानसून के दौरान जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुंबई महापौर ऋतु तावड़े, उपमुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता, प्रधान सचिव नवीन सोना, और मुंबई नगर आयुक्त अश्विनी भिडे सहित रेलवे, पुलिस, CIDCO, MHADA, MMRDA, SRA, तटरक्षक बल, नौसेना, NDRF और BEST विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री संजय घाड़ी भी इस अवसर पर मौजूद थे।

मुख्य निर्देश और तैयारियाँ

शिंदे ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष बारिश में देरी के कारण एजेंसियों को तैयारी का अतिरिक्त समय मिला है, जिसका पूरा उपयोग होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहाँ भी नालियों की सफाई अधूरी है, उसे तत्काल पूरा किया जाए। जल संग्रहण तालाबों और बाढ़ नियंत्रण द्वारों को चालू हालत में रखा जाए, तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाए जाएँ।

होर्डिंग्स का संरचनात्मक ऑडिट अनिवार्य रूप से किया जाए — यह निर्देश विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले वर्षों में मुंबई में मानसून के दौरान होर्डिंग गिरने से जनहानि हो चुकी है। रेलवे को रेल पटरियों के नीचे की नालियों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया, जबकि BEST और ST को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की योजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

सड़क और बुनियादी ढाँचे की स्थिति

शिंदे ने बताया कि मुंबई में कुल 2,000 किलोमीटर सड़कों में से 1,700 किलोमीटर का कंक्रीटीकरण पूरा हो चुका है। इसके परिणामस्वरूप सड़क और गड्ढों की मरम्मत लागत में 80 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। मेट्रो स्टेशनों में जलभराव न हो, इसके लिए भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य और झुग्गी क्षेत्रों पर ध्यान

उपमुख्यमंत्री ने झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया, ताकि जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के नाम पर संचालित औषधालयों में दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश भी दिए गए।

बहु-एजेंसी समन्वय पर बल

शिंदे ने कहा कि NDRF, नौसेना, वायुसेना और सेना आपदा के समय सदैव सहयोग करती हैं। उन्होंने सभी प्रशासनिक एजेंसियों से अपील की कि वे एकजुट होकर काम करें और मुंबईवासियों को मानसून के दौरान अधिकतम राहत सुनिश्चित करें। गौरतलब है कि मुंबई हर वर्ष मानसून के दौरान भारी जलभराव और भूस्खलन की चपेट में आती है, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इस वर्ष बारिश में देरी ने एजेंसियों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया है, जिसका लाभ उठाना आवश्यक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

निर्देश जारी होते हैं — और हर साल जुलाई-अगस्त में शहर जलमग्न होता है। BMC को NDRF जैसा दल बनाने का निर्देश सकारात्मक है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह दल कब तक गठित होगा और मानसून शुरू होने से पहले कितना प्रशिक्षित होगा। 1,700 किमी सड़क कंक्रीटीकरण और 80% लागत कटौती के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर जब तक नालियों की सफाई और होर्डिंग ऑडिट ज़मीन पर पूरे नहीं होते, ये संख्याएँ सुर्खियों तक सीमित रह सकती हैं। बारिश में देरी ने एजेंसियों को अतिरिक्त समय दिया है — यह अवसर चूका तो जवाबदेही तय करना मुश्किल होगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने मुंबई मानसून समीक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 15 जून 2026 को BMC को NDRF की तर्ज पर आपदा प्रतिक्रिया दल बनाने, नालियों की सफाई तत्काल पूरी करने, होर्डिंग का संरचनात्मक ऑडिट कराने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एजेंसियों से समन्वित रूप से काम करने की अपील की।
मुंबई में सड़क कंक्रीटीकरण का काम कहाँ तक पहुँचा है?
मुंबई में कुल 2,000 किलोमीटर सड़कों में से 1,700 किलोमीटर का कंक्रीटीकरण पूरा हो चुका है। इससे सड़क और गड्ढों की मरम्मत लागत में 80 प्रतिशत की कमी आई है।
इस वर्ष मुंबई में मानसून की तैयारी में क्या खास है?
इस वर्ष बारिश में देरी के कारण एजेंसियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला है। पहली बार BMC को NDRF जैसा समर्पित आपदा दल बनाने का औपचारिक निर्देश दिया गया है, और मेट्रो स्टेशनों में जलभराव रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुंबई मानसून बैठक में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
बैठक में BMC, रेलवे, पुलिस, CIDCO, MHADA, MMRDA, SRA, तटरक्षक बल, नौसेना, NDRF और BEST विभाग के अधिकारी शामिल थे। महापौर ऋतु तावड़े और नगर आयुक्त अश्विनी भिडे भी उपस्थित रहीं।
झुग्गी क्षेत्रों के लिए मानसून में क्या विशेष व्यवस्था की गई है?
शिंदे ने निर्देश दिया कि झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में पानी की उचित निकासी सुनिश्चित की जाए ताकि जलजनित बीमारियाँ न फैलें। इसके अलावा बालासाहेब ठाकरे के नाम पर संचालित औषधालयों में दवाओं का पर्याप्त भंडार रखने के भी निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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