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मुंबई में मॉनसून की भारी बारिश: मालवानी में 340 मिमी वर्षा, बीएमसी ने 7,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए

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मुंबई में मॉनसून की भारी बारिश: मालवानी में 340 मिमी वर्षा, बीएमसी ने 7,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए

सारांश

मुंबई में 24 जून को मॉनसून ने कहर बरपाया — मालवानी में 340 मिमी और परेल में 334 मिमी बारिश दर्ज हुई। बीएमसी ने 7,000 से अधिक कर्मचारी तैनात किए, नौ पेड़ गिरे, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं। वसई-विरार और नालासोपारा भी बुरी तरह प्रभावित।

मुख्य बातें

मुंबई में 24 जून को मॉनसून की भारी बारिश से कई इलाके जलमग्न; मालवानी में 340 मिमी और परेल में 334 मिमी वर्षा दर्ज।
कोलाबा में 248 मिमी और सांताक्रूज़ में 225 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
बीएमसी ने 7,000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को शहर भर में तैनात किया; डीवॉटरिंग पंप और बाढ़ नियंत्रण प्रणालियाँ सक्रिय।
वसई-विरार और नालासोपारा में भी व्यापक जलभराव; अलायंस हॉस्पिटल मार्ग पूरी तरह जलमग्न।
शहर में करीब नौ पेड़ गिरे; दादर ईस्ट में पेड़ कार पर गिरा — किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा; नागरिकों से आईएमडी एडवाइजरी मानने की अपील।

मुंबई में 24 जून को मॉनसून ने जोरदार दस्तक दी — शहर के कई इलाकों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाके जलमग्न हो गए और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने स्थिति से निपटने के लिए अपने 7,000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को शहर भर में तैनात कर दिया।

वर्षा के आँकड़े: कहाँ कितनी बारिश

आँकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मालवानी रहा, जहाँ करीब 340 मिमी वर्षा दर्ज की गई। परेल के कुछ हिस्सों में लगभग 334 मिमी बारिश हुई। वहीं, कोलाबा में 248 मिमी और सांताक्रूज़ में 225 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि इस बार मॉनसून की मार शहर के पश्चिमी उपनगरों पर सबसे भारी रही।

बीएमसी की आपातकालीन तैयारी

बीएमसी का आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी क्षमता से सक्रिय हो गया। डीवॉटरिंग पंप, स्टॉर्मवॉटर पंपिंग स्टेशन और बाढ़ नियंत्रण प्रणालियाँ चालू कर दी गईं, जिससे मुख्य सड़कों पर यातायात काफी हद तक सुचारू बना रहा। आपदा प्रबंधन विभाग निचले इलाकों, रेलवे स्टेशनों, प्रमुख सड़कों, पुलों और तटीय क्षेत्रों पर कड़ी नज़र बनाए हुए है। विभिन्न विभागों के इंजीनियर और फील्ड स्टाफ चौबीसों घंटे कार्यरत हैं।

म्युनिसिपल कमिश्नर की अपील

म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की एडवाइजरी का पालन करें और आपात स्थिति में तत्काल बीएमसी कंट्रोल रूम से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि लगातार भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सभी नगर निगम विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठाया जा रहा है।

मुंबई से परे: वसई-विरार और नालासोपारा भी प्रभावित

भारी बारिश का असर केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहा। महाराष्ट्र के वसई-विरार और नालासोपारा इलाकों में भी व्यापक जलभराव हुआ। नालासोपारा में कई सड़कें और निचले इलाके घंटों पानी में डूबे रहे। अलायंस हॉस्पिटल तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे आवागमन ठप हो गया और स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

घटनाएँ और राहत कार्य

तेज़ हवाओं और भारी बारिश के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब नौ पेड़ गिरे। दादर ईस्ट में एक बड़ा पेड़ खड़ी कार पर आ गिरा, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, बीएमसी अधिकारियों और अन्य आपातकालीन दलों ने तत्काल बचाव एवं सफाई अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है — जो राहत की बात है। मेट्रो प्रशासन ने भी यात्री माँग और मौसम की स्थिति के अनुसार सेवाएँ बढ़ाने की तैयारी रखी है।

गौरतलब है कि मुंबई हर मॉनसून सीज़न में जलभराव की इसी चुनौती से जूझती है, और यह वर्ष भी उस क्रम में एक और कड़ी बन गया है। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए बीएमसी की सतर्कता और नागरिकों की सावधानी दोनों की परीक्षा जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बीएमसी की 'हाई अलर्ट' घोषणा और अगले दिन 'स्थिति सामान्य' का बयान आता है। असली सवाल यह है कि अरबों रुपये के स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के बाद भी मालवानी और परेल जैसे इलाके हर बार क्यों डूबते हैं। बीएमसी की त्वरित तैनाती सराहनीय है, लेकिन प्रतिक्रिया-केंद्रित दृष्टिकोण और दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की विफलता के बीच की खाई को भरे बिना यह चक्र हर मॉनसून में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में 24 जून को कितनी बारिश हुई?
24 जून को मुंबई के मालवानी में करीब 340 मिमी और परेल में लगभग 334 मिमी बारिश दर्ज की गई। कोलाबा में 248 मिमी और सांताक्रूज़ में 225 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
बीएमसी ने भारी बारिश से निपटने के लिए क्या कदम उठाए?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 7,000 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को शहर भर में तैनात किया। डीवॉटरिंग पंप, स्टॉर्मवॉटर पंपिंग स्टेशन और बाढ़ नियंत्रण प्रणालियाँ सक्रिय की गईं और सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया।
क्या भारी बारिश में कोई हताहत हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, शहर में करीब नौ पेड़ गिरने की घटनाएँ हुईं, जिनमें दादर ईस्ट में एक पेड़ खड़ी कार पर गिरा। हालाँकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
मुंबई के अलावा कौन-से इलाके प्रभावित हुए?
महाराष्ट्र के वसई-विरार और नालासोपारा इलाकों में भी भारी जलभराव हुआ। नालासोपारा में अलायंस हॉस्पिटल तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे आवागमन ठप हो गया।
म्युनिसिपल कमिश्नर ने नागरिकों से क्या अपील की?
म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने नागरिकों से भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की एडवाइजरी का पालन करने और आपात स्थिति में बीएमसी कंट्रोल रूम से तत्काल संपर्क करने की अपील की। उन्होंने आश्वस्त किया कि नागरिक सुरक्षा के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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