मुंबई में 24 घंटे में 218 मिमी तक बारिश, मुलुंड-सांताक्रूज-पवई सबसे अधिक प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 2 जुलाई 2026 को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात बाधित हुआ। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 2 जुलाई की सुबह 6 बजे के बीच पूर्वी उपनगरों में सर्वाधिक 164 मिमी, पश्चिमी उपनगरों में 149 मिमी और मुंबई शहर क्षेत्र में 134 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मुख्य घटनाक्रम: कहाँ कितनी बारिश
पूर्वी उपनगरों में मुलुंड स्थित मिठा नगर पालिका स्कूल क्षेत्र में सर्वाधिक 218.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई — जो पिछले 24 घंटों में पूरे शहर में किसी भी एकल केंद्र पर दर्ज सबसे अधिक बारिश रही। इसके बाद एस वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 212 मिमी, पवई के पासपोली नगर पालिका स्कूल में 208.4 मिमी, गावनपाड़ा फायर स्टेशन क्षेत्र में 205.8 मिमी और मानखुर्द फायर स्टेशन क्षेत्र में 200 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी उपनगरों में सांताक्रूज सबसे अधिक प्रभावित रहा। SWM सांताक्रूज वर्कशॉप में 216 मिमी और नारियलवाड़ी स्कूल में 214.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अंधेरी फायर स्टेशन में 204 मिमी, कूपर अस्पताल में 193.2 मिमी और के-वेस्ट वार्ड कार्यालय में 192.6 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
मुंबई शहर क्षेत्र का हाल
मुंबई शहर के मुख्य क्षेत्र में जी-साउथ वार्ड कार्यालय में 187.8 मिमी, एफ-साउथ वार्ड में 179 मिमी, एफ-नॉर्थ वार्ड में 175 मिमी, वडाला स्थित बी. नाडकर्णी पार्क नगर पालिका स्कूल में 173.6 मिमी और वर्ली के आदर्श नगर स्कूल में 172.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून पहले से ही सामान्य से अधिक सक्रिय बना हुआ है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई शहर और उपनगर क्षेत्र के लिए गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आम जनता पर असर
लगातार बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही और कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। BMC प्रशासन ने कहा कि हालात पर निरंतर नज़र रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार राहत उपाय किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मुंबई में हर मानसून सत्र में जलभराव एक पुरानी समस्या रही है, और इस बार की बारिश की तीव्रता ने उस चुनौती को एक बार फिर उजागर किया है।
आने वाले घंटों में बारिश की स्थिति पर IMD की अगली अपडेट से स्पष्ट होगा कि मुंबई के निवासियों को और कितनी राहत मिलने की संभावना है।