कोलकाता मेट्रो ऑरेंज लाइन: तीसरे चरण में ट्रैक बिछाने का काम पूरा, बेलेघाटा-आईटी सेंटर सेक्शन तैयार
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (कवि सुभाष–जय हिंद विमानबंदर कॉरिडोर) के तीसरे चरण — बेलेघाटा से आईटी सेंटर सेक्शन — पर 20 सितंबर 2026 को पहली बार पुश ट्रॉली से निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जो इस 32 किलोमीटर लंबी परियोजना में एक अहम मील का पत्थर है। इस निरीक्षण के पूरा होने का सीधा अर्थ है कि इस सेक्शन पर वायाडक्ट और बैलेस्टलेस ट्रैक का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है, और अब विद्युतीकरण का अगला चरण शुरू किया जा सकेगा।
तीसरे चरण में क्या हुआ पूरा
मेट्रो रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, बेलेघाटा-आईटी सेंटर सेक्शन पर वायाडक्ट और बैलेस्टलेस ट्रैक का काम मुकम्मल हो गया है। एक अधिकारी ने कहा, 'बेलेघाटा से आईटी सेंटर तक तीसरे चरण में पुश ट्रॉली से किया गया निरीक्षण बताता है कि काफी काम पूरा हो चुका है। इस चरण के चालू होने के बाद यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी, क्योंकि इससे शहर का आईटी हब सीधे दक्षिणी इलाकों से जुड़ जाएगा।'
अब इस सेक्शन पर थर्ड रेल बिछाने और सिग्नल सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही, जल्द ही ऑटो ट्रेन रनिंग सिस्टम (ATRS) भी लगाया जाएगा, जो लाल सिग्नल पार होने पर स्वतः ट्रेन को रोक देता है — यहाँ तक कि मोटरमैन का ध्यान भटकने पर भी।
परियोजना की पृष्ठभूमि
कवि सुभाष–जय हिंद विमानबंदर मेट्रो परियोजना को वर्ष 2010 में मंजूरी मिली थी और इसे पाँच चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले दो चरण — कवि सुभाष से हेमंत मुखोपाध्याय और हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा — पहले ही चालू हो चुके हैं और उन पर यात्री सेवाएँ संचालित हो रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब कोलकाता मेट्रो का मौजूदा नेटवर्क केवल करीब 73 किलोमीटर का है। गौरतलब है कि कोलकाता देश का पहला शहर था जहाँ 1984 में मेट्रो सेवा शुरू हुई थी, लेकिन बाद में मेट्रो शुरू करने वाले कई शहर नेटवर्क विस्तार में आगे निकल गए हैं। मेट्रो रेलवे का अब लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में नेटवर्क को कम से कम 130 किलोमीटर तक बढ़ाया जाए।
अन्य विस्तार योजनाएँ
पर्पल लाइन (जोका से एस्प्लेनेड) पर भी काम आगे बढ़ रहा है। बारानगर से बैरकपुर तक के हिस्से का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, एयरपोर्ट से बारासात तक एक नई मेट्रो लिंक को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है, जिससे जेसोर रोड पर यातायात का दबाव कम होगा।
कोलकाता नगर निगम ने हाल ही में बीटी रोड के नीचे से गुजरने वाली पानी की पाइपलाइन को स्थानांतरित करने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है, जो कई वर्षों से लंबित था। यह NOC मिलने के बाद बीटी रोड के साथ वायाडक्ट निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
आम यात्रियों पर असर
वर्ष 2025-26 में मेट्रो रेलवे ने 23.60 करोड़ यात्रियों को सफर कराया, यानी औसतन प्रतिदिन करीब 6.5 लाख यात्री। ऑरेंज लाइन का तीसरा चरण शुरू होने के बाद न केवल यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि न्यू टाउन और साल्ट लेक स्थित आईटी हब तक पहुँच आसान होगी। बेहतर सार्वजनिक परिवहन के उपयोग से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।
ऑरेंज लाइन के पूरी तरह चालू होने से कोलकाता के सुदूर दक्षिणी इलाके सीधे नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ जाएँगे — एक संपर्क जो लंबे समय से यात्रियों और उद्योग दोनों की माँग रही है।