बारानगर-बैरकपुर मेट्रो पिंक लाइन को KMC की NOC, CM सुवेंदु अधिकारी ने बताया ऐतिहासिक कदम
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (KMC) ने बारानगर-बैरकपुर मेट्रो कॉरिडोर (पिंक लाइन) के लिए औपचारिक रूप से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर दी है, जिसे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 24 अगस्त 2026 को कोलकाता के उत्तरी उपनगरों में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। बीटी रोड के किनारे प्रस्तावित यह 12 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर लंबे समय से प्रशासनिक अनुमतियों की प्रतीक्षा में था।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैं बीटी रोड के किनारे बारानगर-बैरकपुर मेट्रो कॉरिडोर (पिंक लाइन) के लिए KMC द्वारा NOC जारी किए जाने का दिल से स्वागत करता हूँ।' उन्होंने इसे कोलकाता के उत्तरी उपनगरों में तेज़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और कहा कि इससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
बुनियादी ढाँचे की चुनौती और समाधान
अधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि परिवहन विस्तार के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना उतना ही ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि पेयजल आपूर्ति को बाधित न होने देने के लिए एक नई समर्पित पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे शहर की ज़रूरी जलापूर्ति सुरक्षित रहेगी और साथ ही बड़े पैमाने पर परिवहन बुनियादी ढाँचे का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने इसे 'आपसी तालमेल और टिकाऊ विकास का बेहतरीन उदाहरण' करार दिया।
सरकारी तालमेल पर ज़ोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में नागरिक निकायों, राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय यह सुनिश्चित करेगा कि जनहित से जुड़े अहम प्रोजेक्ट तेज़ी से पूरे हों और उनमें कोई अनावश्यक बाधा न आए। उन्होंने जटिल इंजीनियरिंग समस्याओं को सुलझाने और शहरी नियोजन को बेहतर बनाने के लिए सरकार और प्रशासन के मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आम जनता पर असर
यह कॉरिडोर पूरा होने पर बारानगर से बैरकपुर तक के लाखों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अभी भीड़भाड़ वाले बीटी रोड पर निर्भर हैं। गौरतलब है कि कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का यह विस्तार शहर के उत्तरी हिस्से को पहली बार एक आधुनिक रेल-आधारित परिवहन प्रणाली से जोड़ेगा।
आगे की राह
NOC मिलने के बाद अब परियोजना की अगली तकनीकी और निर्माण प्रक्रियाएँ शुरू होने का मार्ग साफ हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय बनाए रखते हुए इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की कोशिश की जाएगी।