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अहमदाबाद: यूएन मेहता अस्पताल के सीवेज टैंक में बेहोश हुए तीन मजदूर, दमकल ने किया रेस्क्यू

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अहमदाबाद: यूएन मेहता अस्पताल के सीवेज टैंक में बेहोश हुए तीन मजदूर, दमकल ने किया रेस्क्यू

सारांश

अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान एक के बाद एक तीन मजदूर बेहोश हो गए। शाहपुर और नरोदा अग्निशमन दलों ने समन्वित अभियान चलाकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला — और एक बार फिर सीमित स्थानों में काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा का सवाल सामने आया।

मुख्य बातें

6 जुलाई 2026 की शाम यूएन मेहता अस्पताल, अहमदाबाद के परिसर में सीवेज टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूर बेहोश हुए।
पहले प्रवीण वाघेला टैंक में गिरे, फिर उन्हें बचाने उतरे साहिल नादिया और रॉकी मैकवान भी बेहोश हो गए।
शाहपुर (स्टेशन अधिकारी भावेश रावत ) और नरोदा (स्टेशन अधिकारी युवराजदान गढ़वी ) अग्निशमन दलों ने संयुक्त बचाव अभियान चलाया।
पहली सूचना शाम 7:24 बजे मिली; तीनों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महापौर हितेश बरोट सहित वरिष्ठ नगर निगम अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे; घटना के कारणों की जाँच जारी है।

अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल परिसर में 6 जुलाई 2026 की शाम रखरखाव कार्य के दौरान एक भूमिगत सीवेज टैंक में तीन मजदूर बेहोश हो गए, जिन्हें अहमदाबाद अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के दलों ने समन्वित बचाव अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। तीनों को चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटनाक्रम कैसे हुआ

प्रवीण वाघेला नामक कर्मचारी भूमिगत सीवेज टैंक की सफाई के दौरान बेहोश होकर आंशिक रूप से भरे टैंक में गिर गया। उसे बचाने के इरादे से दो अन्य कर्मचारी — साहिल नादिया और रॉकी मैकवान — टैंक में उतरे, लेकिन वे भी टैंक के भीतर मौजूद हानिकारक गैसों के कारण बेहोश हो गए। अग्निशमन विभाग के अनुसार, इस कार्य में सीवेज टैंक की सफाई के साथ-साथ अस्पताल की भूमिगत जल निकासी प्रणाली में लगी एक इलेक्ट्रिक मोटर की मरम्मत भी शामिल थी।

बचाव अभियान का विवरण

अहमदाबाद अग्निशमन केंद्र को घटना की सूचना शाम 7:25 बजे मिली। इससे एक मिनट पहले, शाम 7:24 बजे, एक आम नागरिक ने सीधे शाहपुर अग्निशमन केंद्र से मदद माँगी, जबकि नरोदा अग्निशमन केंद्र को अलग सूचना शाम 7:28 बजे प्राप्त हुई। शाहपुर दल का नेतृत्व स्टेशन अधिकारी भावेश रावत ने और नरोदा दल का नेतृत्व स्टेशन अधिकारी युवराजदान गढ़वी ने किया। दोनों दलों ने घटनास्थल पर पहुँचकर समन्वित अभियान चलाया और तीनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

अहमदाबाद के महापौर हितेश बरोट सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुँचे और उन्हें बचाव अभियान की पूरी जानकारी दी गई। गौरतलब है कि यूएन मेहता अस्पताल गुजरात के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है, जिससे इस घटना ने अस्पताल परिसरों में रखरखाव कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मजदूरों की स्थिति और आगे की जाँच

तीनों श्रमिकों की तत्काल स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, घटना के सटीक कारणों की आगे जाँच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कन्फाइन्ड स्पेस (सीमित स्थान) में काम करने वाले सफाई कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ लगातार उठती रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हार्नेस और स्टैंडबाय रेस्क्यू टीम — अनुपस्थित हैं। तीनों मजदूरों का एक के बाद एक बेहोश होना इस बात का प्रमाण है कि 'बचाने' की कोशिश में उतरना कितना घातक हो सकता है जब सुरक्षा उपकरण न हों। देश में सफाई कर्मियों की मौतों पर कानून बनाने की बात वर्षों से होती रही है, लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की कमी इन हादसों को बार-बार दोहराती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में सीवेज टैंक हादसा क्या है?
6 जुलाई 2026 की शाम यूएन मेहता अस्पताल परिसर में रखरखाव कार्य के दौरान एक भूमिगत सीवेज टैंक में तीन मजदूर एक-एक करके बेहोश हो गए। अहमदाबाद अग्निशमन सेवा के दो दलों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया।
तीनों मजदूर सीवेज टैंक में कैसे फँसे?
पहले प्रवीण वाघेला टैंक की सफाई के दौरान बेहोश होकर गिरे। उन्हें बचाने के लिए साहिल नादिया और रॉकी मैकवान टैंक में उतरे, लेकिन वे भी भीतर मौजूद हानिकारक गैसों के कारण बेहोश हो गए। यह 'रेस्क्यूअर भी फँस जाए' वाली स्थिति कन्फाइन्ड स्पेस हादसों में आम है।
बचाव अभियान में कौन-से अग्निशमन केंद्र शामिल थे?
शाहपुर और नरोदा अग्निशमन केंद्रों के दल घटनास्थल पर भेजे गए। शाहपुर दल का नेतृत्व स्टेशन अधिकारी भावेश रावत ने और नरोदा दल का नेतृत्व स्टेशन अधिकारी युवराजदान गढ़वी ने किया।
तीनों मजदूरों की स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
तीनों को चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी तत्काल स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है और जाँच जारी है।
इस घटना के बाद क्या कार्रवाई की जाएगी?
अधिकारियों के अनुसार घटना के सटीक कारणों की आगे जाँच की जाएगी। महापौर हितेश बरोट सहित वरिष्ठ नगर निगम अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और उन्हें बचाव अभियान की जानकारी दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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