30 सितंबर 2026
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मंगलुरु एमआरपीएल प्लांट विस्फोट: एक की मौत, 9 घायल; हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में लगी आग काबू में

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मंगलुरु एमआरपीएल प्लांट विस्फोट: एक की मौत, 9 घायल; हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में लगी आग काबू में

सारांश

मंगलुरु की एमआरपीएल रिफाइनरी में हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट की टेस्टिंग के दौरान जोरदार विस्फोट — एक इलेक्ट्रिशियन की मौत, 9 घायल। धमाका इतना तेज़ था कि 2 किमी दूर तक इमारतें हिल गईं। शिफ्ट बदलने के चलते बड़ी जनहानि टली।

मुख्य बातें

30 सितंबर 2026 को दोपहर 12.15 बजे मंगलुरु स्थित एमआरपीएल की हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में टेस्टिंग के दौरान विस्फोट हुआ।
इलेक्ट्रिशियन मनीष (30 वर्ष, हलेयांगडी) की मौत हो गई; 9 श्रमिक घायल, जिनमें राजेश बैपटिस्ट 30% झुलसे — आईसीयू में भर्ती।
सुबह 11.30 बजे शिफ्ट बदलने के कारण अधिकतर कर्मी बाहर थे, जिससे बड़ी जनहानि टली।
धमाके का असर पनांबुर, कावूर, सुरथकल, जोकट्टे तक; मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कंपन महसूस, बुनियादी ढाँचे को नुकसान नहीं।
डिप्टी कमिश्नर दर्शन एच.वी.
और स्वास्थ्य मंत्री यू.टी.
खादर ने स्थिति नियंत्रण में होने की पुष्टि की।
विस्फोट के सटीक कारण और कुल नुकसान का आकलन जारी।

मंगलुरु स्थित मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) के संयंत्र में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12.15 बजे जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद भड़की आग में इलेक्ट्रिशियन मनीष (आयु 30 वर्ष) की मौत हो गई और नौ श्रमिक घायल हो गए। दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है और फिलहाल विस्फोट के सटीक कारण तथा कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

हादसे का घटनाक्रम

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, विस्फोट एमआरपीएल की हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में टेस्टिंग के दौरान हुआ। उल्लेखनीय है कि सुबह 11.30 बजे शिफ्ट बदलने के बाद अधिकतर कर्मचारी यूनिट से बाहर जा चुके थे, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि टल गई। अधिकारियों के मुताबिक, यदि उस समय अधिक संख्या में कर्मी मौजूद होते, तो हादसा और गंभीर हो सकता था।

विस्फोट के बाद यूनिट के बॉयलर सेक्शन में आग भड़क उठी और पूरे इलाके में घना धुआँ फैल गया। एमआरपीएल की फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के दस्ते और शहर से बुलाई गई दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। बाद में आग पर काबू पा लिया गया।

मृतक और घायलों का विवरण

मृतक की पहचान मंगलुरु के बाहरी इलाके हलेयांगडी निवासी मनीष (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो एमआरपीएल संयंत्र में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, विस्फोट के समय मनीष घायल श्रमिक राजेश बैपटिस्ट के साथ वहाँ मौजूद था। मनीष गंभीर रूप से झुलस गया था और दमकलकर्मियों ने उसका शव बाहर निकाला।

घायलों में सुरथकल निवासी बैपटिस्ट, प्रसाद, इंद्रजीत, रमन, जेरोम, जयराम, अविनाश, अक्षय और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। बैपटिस्ट करीब 30 प्रतिशत झुलस गया है और उसे श्रीनिवास अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है। शेष घायलों का इलाज एजी अस्पताल और एमआरपीएल अस्पताल में चल रहा है।

आसपास के इलाकों पर असर

धमाका इतना शक्तिशाली था कि एमआरपीएल के निकटवर्ती पनांबुर, कावूर, सुरथकल और जोकट्टे इलाकों में कई घरों में कंपन महसूस की गई। जोकट्टे स्थित ग्राम पंचायत कार्यालय और आसपास के घरों के दरवाजे-खिड़कियाँ हिल गईं, जबकि कुछ स्थानों पर शीशे टूट गए।

एमआरपीएल के नज़दीकी एक आंगनवाड़ी केंद्र की खिड़की के शीशे और दीवार को भी नुकसान पहुँचा। एहतियात के तौर पर वहाँ मौजूद बच्चों को तत्काल बाहर निकाल लिया गया। विस्फोट का असर एमआरपीएल से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक चर्च तक भी पहुँचा, जहाँ छत की टाइलें टूट गईं और खिड़की-दरवाजों को नुकसान हुआ। मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कंपन महसूस की गई, हालाँकि अधिकारियों ने बुनियादी ढाँचे को कोई नुकसान नहीं होने की जानकारी दी।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर दर्शन एच.वी. ने मीडिया को मृत्यु और घायलों की पुष्टि की। मंगलुरु के जिला प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि विस्फोट टेस्टिंग के दौरान हुआ, घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है।

स्थानीय नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मुनीर कटिपल्ला ने घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब करीब 10 साल पहले यह यूनिट स्थापित हुई थी, तब भी स्थानीय लोगों ने इसे खतरनाक बताते हुए विरोध किया था और सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए थे।

आगे की जाँच

फिलहाल विस्फोट का सटीक कारण, नुकसान का पूरा आकलन और जाँच की प्रक्रिया जारी है। एमआरपीएल के कैमरों में धमाके की तीव्रता कैद हुई है, जो जाँच में सहायक होगी। यह घटना औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों और नियमित ऑडिट की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह सवाल खड़ा करता है कि उन आपत्तियों पर कितनी गंभीरता से ध्यान दिया गया। शिफ्ट बदलने का समय 'भाग्यशाली संयोग' था, नीति नहीं — और औद्योगिक सुरक्षा को संयोग पर नहीं छोड़ा जा सकता। जब तक स्वतंत्र जाँच के नतीजे और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, यह घटना महज एक दुर्घटना की तरह नहीं, बल्कि एक चेतावनी की तरह दर्ज होनी चाहिए।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगलुरु एमआरपीएल संयंत्र में विस्फोट कब और कहाँ हुआ?
विस्फोट 30 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12.15 बजे मंगलुरु स्थित एमआरपीएल की हाइड्रो-ट्रीटिंग यूनिट में टेस्टिंग के दौरान हुआ। इसके बाद बॉयलर सेक्शन में आग लग गई, जिस पर बाद में दमकल विभाग ने काबू पा लिया।
एमआरपीएल हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई है — मृतक की पहचान हलेयांगडी निवासी 30 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन मनीष के रूप में हुई है। नौ श्रमिक घायल हुए हैं, जिनमें राजेश बैपटिस्ट करीब 30 प्रतिशत झुलसे हैं और उन्हें श्रीनिवास अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
क्या एमआरपीएल विस्फोट से आसपास के इलाकों को नुकसान हुआ?
हाँ, धमाका इतना शक्तिशाली था कि पनांबुर, कावूर, सुरथकल और जोकट्टे इलाकों में घरों में कंपन महसूस हुई, कई जगह शीशे टूट गए। एमआरपीएल के पास स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र की खिड़की और दीवार को नुकसान पहुँचा तथा करीब दो किलोमीटर दूर एक चर्च की छत की टाइलें भी टूट गईं।
मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विस्फोट का क्या असर पड़ा?
हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि परिसर में कंपन महसूस की गई, लेकिन बुनियादी ढाँचे को कोई नुकसान नहीं हुआ और न ही कोई शीशा टूटा। हवाई अड्डे का संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।
एमआरपीएल हादसे की जाँच की स्थिति क्या है?
अभी विस्फोट के सटीक कारण और कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। डिप्टी कमिश्नर दर्शन एच.वी. और स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने स्थिति नियंत्रण में होने की पुष्टि की है। एमआरपीएल के कैमरों में धमाके की तीव्रता कैद हुई है, जो जाँच में सहायक होगी।
राष्ट्र प्रेस
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