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बेंगलुरु खदान हादसा: क्रशर मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 7 मजदूरों की मौत की जांच तेज

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बेंगलुरु खदान हादसा: क्रशर मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 7 मजदूरों की मौत की जांच तेज

सारांश

बेंगलुरु के मदपट्टना में ऊपरी खदान की जेसीबी मशीन से गिरे बोल्डर ने 7 मजदूरों की जान ले ली — बिना किसी चेतावनी के। मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूरों की यह मौत खदान सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता को उजागर करती है। क्रशर मालिक समेत 3 गिरफ्तार।

मुख्य बातें

बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित क्रशर यूनिट में गुरुवार तड़के हुए हादसे में 7 मजदूरों की मौत और 5 घायल ।
साई राम क्रशर के मालिक पांडुरंगा , इंचार्ज लोकेश और स्थानीय इंचार्ज राजू को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
ऊपरी खदान में जेसीबी मशीन द्वारा धकेले गए बोल्डर के कारण नीचे काम कर रहे मजदूर दब गए; नीचे वालों को कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।
मृतकों में 6 मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर और 1 कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी शामिल।
शिवकुमार ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी; मुआवजे की घोषणा रिपोर्ट के बाद होगी।

कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित क्रशर यूनिट में हुए दर्दनाक खदान हादसे के सिलसिले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार तड़के हुई इस त्रासदी में 7 मजदूरों की मौत हो गई थी और 5 अन्य घायल हो गए थे। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने साई राम क्रशर के मालिक पांडुरंगा, खदान के इंचार्ज लोकेश और स्थानीय इंचार्ज राजू को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, पांडुरंगा ने बसवेश्वरा क्रशर को लीज पर लेकर खदान का संचालन किया था। जांच के दायरे में कावेरी क्रशर के मालिक उदय शंकर और बसवेश्वरा क्रशर के मालिक डी. आनंदस्वामी से भी पूछताछ की संभावना है।

हादसा कैसे हुआ

सेंट्रल जोन के आईजीपी एस. गिरीश ने बताया कि यह हादसा अलग-अलग मालिकों की दो आसपास की खदानों से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि ऊपरी खदान में काम कर रही एक जेसीबी मशीन ने एक विशाल बोल्डर को धकेल दिया, जो नीचे काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा। बाल-बाल बचे तमिलनाडु के मजदूर गोपी ने आरोप लगाया कि बोल्डर हटाने से पहले नीचे काम कर रहे लोगों को कोई चेतावनी नहीं दी गई। पत्थर की चपेट में आने से कई मजदूर चट्टानों के नीचे दब गए।

पुलिस ने बताया कि कुछ शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन था। घटनास्थल पर मौजूद एक ट्रैक्टर, एक टिपर और अन्य भारी मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुँचा।

मृतकों की पहचान

मारे गए 7 मजदूरों की पहचान रामू, राजपाल सिंह, सत्यनारायण सिंह, राम अवतार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नूहार और भुवनेश्वर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक मजदूर कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था, जबकि शेष मध्य प्रदेश से आए प्रवासी मजदूर थे। यह हादसा प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा पूरी जानकारी मिलने के बाद की जाएगी। मजदूर गोपीकृष्णन की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आगे क्या होगा

पुलिस दोनों खदानों के संचालन, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और लीज समझौते की जांच कर रही है। गौरतलब है कि खदान सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी ब्लास्टिंग या भारी मशीनरी के उपयोग से पहले निचले स्तर पर काम कर रहे श्रमिकों को अनिवार्य रूप से सतर्क किया जाना चाहिए। जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि खदान सुरक्षा के व्यवस्थागत पतन की कहानी है। दो आसपास की खदानें, अलग-अलग मालिक, और नीचे काम कर रहे मजदूरों को बिना किसी चेतावनी के छोड़ देना — यह लापरवाही नहीं, आपराधिक उदासीनता है। कर्नाटक में खदान लाइसेंसिंग और निरीक्षण तंत्र पर सवाल उठना लाज़िमी है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब प्रवासी मजदूरों ने असुरक्षित खदानों में अपनी जान गँवाई हो। मुआवजे की घोषणा से परे, राज्य सरकार को खदान सुरक्षा ऑडिट और अंतर-खदान समन्वय प्रोटोकॉल पर ठोस जवाब देना होगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु खदान हादसा क्या है और यह कब हुआ?
यह हादसा गुरुवार तड़के बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित क्रशर यूनिट में हुआ, जिसमें 7 मजदूरों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हो गए। ऊपरी खदान में जेसीबी मशीन द्वारा धकेले गए एक विशाल बोल्डर के नीचे दबने से मजदूरों की जान गई।
बेंगलुरु खदान हादसे में किसे गिरफ्तार किया गया?
कर्नाटक पुलिस ने साई राम क्रशर के मालिक पांडुरंगा, खदान इंचार्ज लोकेश और स्थानीय इंचार्ज राजू को गिरफ्तार किया है। तीनों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया है।
हादसे में मारे गए मजदूर कौन थे और कहाँ के थे?
मारे गए 7 मजदूरों की पहचान रामू, राजपाल सिंह, सत्यनारायण सिंह, राम अवतार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नूहार और भुवनेश्वर सिंह के रूप में हुई है। इनमें से एक कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था, जबकि शेष 6 मध्य प्रदेश से आए प्रवासी मजदूर थे।
हादसे की वजह क्या बताई जा रही है?
जांच में सामने आया है कि ऊपरी खदान में चल रही जेसीबी मशीन ने एक बड़ा बोल्डर धकेल दिया जो नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया। बचे हुए मजदूर गोपी के अनुसार, बोल्डर हटाने से पहले नीचे काम कर रहे लोगों को कोई चेतावनी नहीं दी गई थी।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हादसे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी जानकारी प्राप्त होने के बाद पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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