बेंगलुरु खदान हादसा: क्रशर मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 7 मजदूरों की मौत की जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित क्रशर यूनिट में हुए दर्दनाक खदान हादसे के सिलसिले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार तड़के हुई इस त्रासदी में 7 मजदूरों की मौत हो गई थी और 5 अन्य घायल हो गए थे। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने साई राम क्रशर के मालिक पांडुरंगा, खदान के इंचार्ज लोकेश और स्थानीय इंचार्ज राजू को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, पांडुरंगा ने बसवेश्वरा क्रशर को लीज पर लेकर खदान का संचालन किया था। जांच के दायरे में कावेरी क्रशर के मालिक उदय शंकर और बसवेश्वरा क्रशर के मालिक डी. आनंदस्वामी से भी पूछताछ की संभावना है।
हादसा कैसे हुआ
सेंट्रल जोन के आईजीपी एस. गिरीश ने बताया कि यह हादसा अलग-अलग मालिकों की दो आसपास की खदानों से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि ऊपरी खदान में काम कर रही एक जेसीबी मशीन ने एक विशाल बोल्डर को धकेल दिया, जो नीचे काम कर रहे मजदूरों पर जा गिरा। बाल-बाल बचे तमिलनाडु के मजदूर गोपी ने आरोप लगाया कि बोल्डर हटाने से पहले नीचे काम कर रहे लोगों को कोई चेतावनी नहीं दी गई। पत्थर की चपेट में आने से कई मजदूर चट्टानों के नीचे दब गए।
पुलिस ने बताया कि कुछ शव इतनी बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे कि उनकी पहचान करना लगभग नामुमकिन था। घटनास्थल पर मौजूद एक ट्रैक्टर, एक टिपर और अन्य भारी मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुँचा।
मृतकों की पहचान
मारे गए 7 मजदूरों की पहचान रामू, राजपाल सिंह, सत्यनारायण सिंह, राम अवतार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नूहार और भुवनेश्वर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक मजदूर कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था, जबकि शेष मध्य प्रदेश से आए प्रवासी मजदूर थे। यह हादसा प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा पूरी जानकारी मिलने के बाद की जाएगी। मजदूर गोपीकृष्णन की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस दोनों खदानों के संचालन, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और लीज समझौते की जांच कर रही है। गौरतलब है कि खदान सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी ब्लास्टिंग या भारी मशीनरी के उपयोग से पहले निचले स्तर पर काम कर रहे श्रमिकों को अनिवार्य रूप से सतर्क किया जाना चाहिए। जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।