असम कारखाना विस्फोट: 4 श्रमिकों की मौत के बाद मालिक समेत 5 गिरफ्तार, FSL जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
असम के कछार जिले में एक रॉड निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत के बाद पुलिस ने कारखाने के मालिक राकेश कुमार सुराना समेत पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर हरकत में आई पुलिस ने यह कार्रवाई 27 जुलाई 2026 को की। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की एक टीम ने विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का दौरा किया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ विस्फोट
यह हादसा रविवार, 27 जुलाई को तड़के करीब 11 बजे हुआ, जब कारखाने की प्रसंस्करण इकाई में पिघली हुई धातु में कथित तौर पर विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि उसकी आवाज़ पूरे इलाके में सुनाई दी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट में पीड़ितों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे।
चारों मृतकों की पहचान अप्पू बोरैक, किरण मुंडा, श्यामल गौर और सागर नाथ के रूप में हुई है। ये सभी पड़ोसी राज्य त्रिपुरा के अगरतला के निवासी थे। सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों ने उनकी मौत की पुष्टि की, जिसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
राहत एवं बचाव कार्य
विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन दल और आपातकालीन सेवाओं के कर्मी घटनास्थल पर पहुँचे और कई घायल श्रमिकों को बचाया। कुछ घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जबकि मामूली चोट पाने वाले अन्य श्रमिकों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
असम सरकार ने चारों मृतक श्रमिकों के परिवारों को ₹5 लाख प्रति परिवार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। उदहारबंद विधायक राजदीप गोआला ने कछार के उपायुक्त राहुल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर शोक संतप्त परिवारों को यह वित्तीय सहायता सौंपी।
सरकार की प्रतिक्रिया और जांच
असम के मंत्री कौशिक राय ने घोषणा की कि विस्फोट के कारणों और औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की जाँच के लिए तीन समानांतर जाँचें शुरू की गई हैं — एक मजिस्ट्रेट जाँच, एक पुलिस जाँच और श्रम विभाग द्वारा एक अलग जाँच। जिला प्रशासन ने कंपनी से कारखाने में लागू सुरक्षा उपायों का ब्यौरा भी माँगा है।
गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपियों में कंपनी के मालिक राकेश कुमार सुराना के अलावा कारखाने के संचालन और प्रबंधन से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जाँच जारी है।
गंभीर आरोप: पहले भी हुए थे विस्फोट
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस कारखाने में पहले भी छोटे विस्फोट होते रहे, लेकिन उनकी कभी आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट नहीं की गई। एक मृतक श्रमिक के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रबंधन ने शुरू में घटना की गंभीरता को छिपाने का प्रयास किया। पुलिस ने कहा है कि इन आरोपों की भी जाँच की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल
यह घटना असम में कार्यस्थल सुरक्षा और औद्योगिक नियमों के प्रवर्तन को एक बार फिर जाँच के दायरे में ले आई है। गौरतलब है कि त्रिपुरा जैसे पड़ोसी राज्यों से आए प्रवासी मज़दूर अक्सर ऐसी इकाइयों में काम करते हैं जहाँ सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही या सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।