बेंगलुरु खदान हादसा: 7 मजदूरों की मौत, राष्ट्रपति मुर्मु, उपराष्ट्रपति और PM मोदी ने जताया शोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित एक पत्थर की खदान में गुरुवार, 2 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे हुए भीषण हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी कुछ मजदूर दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। इस दर्दनाक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
हादसा कैसे हुआ
अधिकारियों के अनुसार, उस समय खदान में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। एक दिन पहले ब्लास्टिंग होने के बाद मजदूर जमीन से लगभग 40 फीट नीचे खुदाई में जुटे थे, तभी अचानक चट्टान का एक विशाल हिस्सा टूटकर उन पर आ गिरा। यह हादसा इतनी तेज़ी से हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
गंभीर रूप से घायल 5 मजदूरों को तत्काल आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मारे गए अधिकांश मजदूर बिहार के प्रवासी श्रमिक हैं, जबकि कुछ घायल कर्नाटक के स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की संवेदनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी जिले में पत्थर की खदान में हुए हादसे में लोगों की मौत से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।'
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा, 'कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी जिले में पत्थर की खदान में हुई दुर्घटना में बहुमूल्य जिंदगियों का जाना बेहद पीड़ादायक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी जिले में पत्थर की खदान में हुए हादसे में लोगों की जान जाने की खबर से बेहद दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
मुख्यमंत्री शिवकुमार की प्रतिक्रिया और सख्त चेतावनी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि मदपट्टना में चट्टान टूटने से 7 मजदूरों की मौत अत्यंत दुखद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खदानों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना खदान मालिकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
शिवकुमार ने चेताया कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले खदान मालिकों के विरुद्ध राज्य सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सवालों के घेरे में रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
घटनास्थल पर पुलिस, जिला प्रशासन और बचाव दल की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। भारी मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार, कई शव अभी भी भारी पत्थरों के नीचे दबे हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह हादसा प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिहार से आए मजदूर अक्सर दक्षिण भारत की खदानों और निर्माण स्थलों पर काम करते हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों की निगरानी अपर्याप्त बताई जाती है। बचाव अभियान के परिणाम और मृतकों की अंतिम संख्या आने वाले घंटों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।