बिहार में नालंदा भगदड़ पर राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का शोक संदेश

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बिहार में नालंदा भगदड़ पर राष्ट्रपति मुर्मु और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का शोक संदेश

सारांश

बिहार के नालंदा में शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शोक व्यक्त किया है। यह घटना 8 श्रद्धालुओं की मृत्यु का कारण बनी। जानिए इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया।
  • भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई।
  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की।
  • घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को बिहार के नालंदा स्थित शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ पर गहरा शोक व्यक्त किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आधिकारिक कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बिहार के नालंदा में एक मंदिर में हुई भगदड़ में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं सभी शोकाकुल परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं कामना करती हूं।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के कार्यालय ने नालंदा हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, "बिहार के नालंदा में भगदड़ के कारण हुई जानमाल की दुखद हानि से मैं अत्यंत आहत हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की मैं प्रार्थना करता हूं।"

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा के शीतला माता मंदिर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए 6 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की।

नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में मां शीतला मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान अत्यधिक भीड़ के कारण अचानक स्थिति अनियंत्रित हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 8 से 10 लोग घायल हो गए।

इस बीच, इस घटना के बाद कर्तव्यहीनता के आरोप में दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद नालंदा जिला पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गया। घायलों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाती है कि भीड़ प्रबंधन में बेहतर उपायों की आवश्यकता है। सभी संबंधित अधिकारियों को इस घटना से सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

नालंदा में भगदड़ कब हुई?
नालंदा में भगदड़ 31 मार्च को हुई।
इस भगदड़ में कितने लोग घायल हुए?
इस भगदड़ में 8 से 10 लोग घायल हुए हैं।
राष्ट्रपति ने इस घटना पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शोक व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की।
प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के लिए क्या सहायता दी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए की सहायता की घोषणा की।
इस घटना के बाद क्या कार्रवाई की गई?
इस घटना के बाद दीपनगर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया।
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