क्या हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ ने देश को झकझोर दिया?

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क्या हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ ने देश को झकझोर दिया?

सारांश

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार को हुई भगदड़ ने देश को झकझोर दिया है। 6 श्रद्धालुओं की जान गई, जबकि कई घायल हुए। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक व्यक्त किया। प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया है। यह घटना सभी को सोचने पर मजबूर करती है।

मुख्य बातें

6 श्रद्धालुओं की मौत हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक व्यक्त किया।
घटनास्थल पर पुलिस और मेडिकल टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया।
भगदड़ की घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है।

नई दिल्ली, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में रविवार को हुई भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं का निधन हो गया, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने नरेंद्र मोदी के हवाले से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "उत्तराखंड के हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई भगदड़ में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। ईश्वर करे कि घायल शीघ्र स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।"

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर लिखा, "हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर के मार्ग में भगदड़ की दुर्घटना में अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार बहुत पीड़ादायक है। मैं सभी शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं प्रार्थना करती हूं कि घायल हुए सभी श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।"

इससे पहले, प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताते हुए एक्स पर लिखा, "हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुए हृदय विदारक हादसे में 6 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

उन्होंने आगे लिखा, "प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं।"

जानकारी के अनुसार, भारी भीड़ के कारण हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भगदड़ का घटना घटित हुई है। बताया जा रहा है कि भारी भीड़ के बीच मंदिर परिसर में रविवार को अफरा-तफरी मची। धक्का-मुक्की होने के बाद लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। इससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने भगदड़ की घटना में 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। जब धार्मिक स्थलों पर इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं, तो सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इस हादसे ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि हमें भविष्य में इस तरह की घटनाओं से कैसे बचना है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनसा देवी मंदिर में भगदड़ कैसे हुई?
भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस घटना में कुल 6 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को क्या सहायता दी है?
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
राष्ट्र प्रेस