3 अगस्त 2026
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कर्नाटक: पुलिस हिरासत में मजदूर खलील की मौत, दो कांस्टेबल गिरफ्तार — परिजनों ने लगाया टॉर्चर का आरोप

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कर्नाटक: पुलिस हिरासत में मजदूर खलील की मौत, दो कांस्टेबल गिरफ्तार — परिजनों ने लगाया टॉर्चर का आरोप

सारांश

कर्नाटक के हगारीबोम्मनहल्ली थाने में 35 वर्षीय मजदूर खलील की कथित हिरासत में मौत ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पत्नी की शिकायत पर दो कांस्टेबल गिरफ्तार हुए, पर परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले मौत को मिर्गी का दौरा बताने की कोशिश की — जबकि शव पर चोट के निशान कुछ और ही कहानी कह रहे थे।

मुख्य बातें

35 वर्षीय निर्माण मजदूर खलील की 3 अगस्त को हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर हिरासत में मौत हो गई।
हेड कॉन्स्टेबल इत्तागी राघवेंद्र और पुलिस कॉन्स्टेबल वेंकटेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
परिजनों का आरोप है कि खलील को लाठियों और रॉड से पीटा गया; शव पर सिर, नाक और कान से खून बहने के निशान थे।
पुलिस ने शुरू में मौत को मिर्गी के दौरे का नतीजा बताया था, जिसे परिजनों ने खारिज किया।
मजिस्ट्रेट जाँच और पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है; सीआईडी जाँच की संभावना जताई जा रही है।
थाने के बाहर सैकड़ों लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया; स्थानीय विधायक नेमिराज नाइक ने न्याय की माँग की।

कर्नाटक के विजयनगर जिले में हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को सोमवार, 3 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई 35 वर्षीय निर्माण मजदूर खलील की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत के सिलसिले में की गई है। परिजनों का आरोप है कि थाने के भीतर लाठियों और रॉड से बेरहमी से की गई पिटाई के कारण उनकी जान गई।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान हेड कॉन्स्टेबल इत्तागी राघवेंद्र और पुलिस कॉन्स्टेबल वेंकटेश के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी शाइनाज की शिकायत पर विजयनगर एसपी एस. जाह्नवी ने मौके पर ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जिसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, हरापनाहल्ली के मूल निवासी और हगारीबोम्मनहल्ली में परिवार के साथ रह रहे खलील को रविवार देर रात पत्नी के साथ सार्वजनिक स्थान पर हुए घरेलू विवाद के बाद थाने लाया गया था। शाइनाज स्वयं पुलिस के पास शिकायत लेकर गई थीं।

परिजनों के आरोप और शव की स्थिति

परिवार का कहना है कि हिरासत में लिए जाने के बाद खलील के सिर, नाक और कान से खून बह रहा था और शरीर पर चोट के कई निशान थे, जो हिरासत में यातना दिए जाने की ओर इशारा करते हैं। मृतक के रिश्तेदार नौशाद अली ने आरोप लगाया कि पति-पत्नी के मामूली झगड़े को लेकर पुलिस ने खलील के साथ अमानवीय व्यवहार किया।

नौशाद अली ने कहा, 'पति-पत्नी के बीच बस एक झगड़ा हुआ था। पुलिस उसे थाने ले गई और पीट-पीटकर मार डाला। उसकी जान कौन वापस लाएगा?' पुलिस ने शुरू में मौत को मिर्गी के दौरे का नतीजा बताने की कोशिश की थी, जिसे परिजनों ने सिरे से खारिज किया।

प्रशासनिक कार्रवाई और जाँच

बल्लारी रेंज के आईजी डॉ. हर्ष समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने हगारीबोम्मनहल्ली थाने का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी जाह्नवी और डिप्टी एसपी मल्लेश डोडमानी कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने के लिए मौके पर ही तैनात रहे। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जाँच की गई और पोस्टमार्टम भी पूरा हो चुका है।

आम जनता का विरोध

इस घटना के बाद हगारीबोम्मनहल्ली में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए। सैकड़ों लोग पहले थाने के बाहर और फिर उस अस्पताल के सामने जमा हुए जहाँ खलील का शव ले जाया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित हिरासत हत्या के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की माँग की।

स्थानीय विधायक नेमिराज नाइक भी घटनास्थल पर पहुँचे, शोक संतप्त परिवार से मिले और आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की माँग की।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों को लेकर जवाबदेही की माँग तेज हो रही है। गौरतलब है कि इस मामले में सीआईडी जाँच की संभावना भी जताई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रेट जाँच के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आख्यान-निर्माण होती है — खलील के मामले में 'मिर्गी के दौरे' की कहानी इसी का उदाहरण है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आँकड़े बताते हैं कि भारत में हर साल दर्जनों हिरासत मौतें दर्ज होती हैं, फिर भी दोषसिद्धि दर बेहद कम रहती है। एसपी द्वारा त्वरित एफआईआर दर्ज करना और वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर पहुँचना दबाव में उठाए गए कदम हैं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक होती है या नहीं और क्या जाँच बिना राजनीतिक दखल के स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक के हगारीबोम्मनहल्ली में पुलिस हिरासत में मौत का मामला क्या है?
35 वर्षीय निर्माण मजदूर खलील को रविवार देर रात पत्नी के साथ घरेलू विवाद के बाद हगारीबोम्मनहल्ली थाने लाया गया था। परिजनों के अनुसार थाने के भीतर लाठियों और रॉड से पिटाई के कारण उनकी मौत हो गई, जबकि पुलिस ने शुरू में मौत को मिर्गी का दौरा बताया था।
इस मामले में किन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है?
हेड कॉन्स्टेबल इत्तागी राघवेंद्र और पुलिस कॉन्स्टेबल वेंकटेश को गिरफ्तार किया गया है। मृतक की पत्नी शाइनाज की शिकायत पर विजयनगर एसपी एस. जाह्नवी ने मौके पर ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
क्या इस मामले में सीआईडी जाँच होगी?
अभी तक आधिकारिक तौर पर सीआईडी जाँच की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इसकी संभावना जताई जा रही है। मजिस्ट्रेट जाँच और पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और उसके निष्कर्ष मामले की आगे की दिशा तय करेंगे।
खलील की मौत के बाद हगारीबोम्मनहल्ली में क्या हुआ?
थाने के बाहर और अस्पताल के सामने सैकड़ों लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। स्थानीय विधायक नेमिराज नाइक भी घटनास्थल पर पहुँचे और परिवार से मिलकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
पुलिस हिरासत में मौत के मामलों में कानूनी प्रावधान क्या हैं?
भारत में पुलिस हिरासत में मौत के मामलों में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत हत्या या गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो सकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ऐसे मामलों की स्वतंत्र निगरानी करता है और मजिस्ट्रेट जाँच अनिवार्य होती है।
राष्ट्र प्रेस
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