महाराष्ट्र: जलगांव क्रूजर हादसे में दुल्हन समेत 3 और मुंबई में क्रेन गिरने से पुलिस कांस्टेबल की मौत
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल को महाराष्ट्र में दो अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत और 6 गंभीर रूप से घायल।
- जलगांव के धरनगांव तालुका में क्रूजर-गैस टैंकर टक्कर में दुल्हन पूजा रवि वाघलकर, दत्तू भागवत और जगदीश वाघलकर की मौत।
- गुजरात से अकोला लौट रही बारात की क्रूजर का टायर फटने से हादसा हुआ; एक बच्चे की हालत नाजुक।
- मुंबई के मानखुर्द में एमएमआरडीए फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर क्रेन गिरने से कांस्टेबल संतोष चव्हाण की मौत।
- मुंबई पुलिस के अनुसार कथित तौर पर भूस्खलन के कारण क्रेन गिरी; ठेकेदार के खिलाफ मानखुर्द पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी।
महाराष्ट्र में बुधवार, 29 अप्रैल को दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई और 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पहला हादसा जलगांव के धरनगांव तालुका में हुआ, जहाँ एक क्रूजर के गैस टैंकर से टकराने पर नवविवाहिता दुल्हन पूजा रवि वाघलकर सहित तीन लोगों की जान चली गई। दूसरी घटना मुंबई के मानखुर्द इलाके में हुई, जहाँ एमएमआरडीए फ्लाईओवर निर्माण के दौरान क्रेन का एक हिस्सा गिरने से पुलिस कांस्टेबल संतोष चव्हाण की मृत्यु हो गई।
जलगांव हादसा: बारात से लौट रही क्रूजर का टायर फटा
जलगांव के धरनगांव तालुका में वराड खुर्द गाँव के निकट यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब गुजरात से बारात लेकर अकोला लौट रही एक क्रूजर का टायर अचानक फट गया। नियंत्रण खोने के बाद क्रूजर हाईवे पर खड़े एक गैस टैंकर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी में सवार यात्री बुरी तरह घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद के लिए आगे आकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला और एंबुलेंस बुलाई।
घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिनमें एक छोटे बच्चे की हालत अत्यंत नाजुक बताई गई। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। हालाँकि, उपचार से पहले ही तीन लोगों की मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान दुल्हन पूजा रवि वाघलकर, दत्तू भागवत और जगदीश वाघलकर के रूप में की गई है।
मुंबई हादसा: कांस्टेबल पर गिरा क्रेन का हिस्सा
मुंबई के मानखुर्द इलाके में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर उस समय हादसा हुआ जब क्रेन का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा। इसकी चपेट में आए नेहरूनगर पुलिस स्टेशन में तैनात कांस्टेबल संतोष चव्हाण की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, वे उस समय ड्यूटी समाप्त कर घर जा रहे थे।
मुंबई पुलिस के अनुसार, ड्रिलिंग मशीन ऊबड़-खाबड़ ज़मीन पर स्थित थी और कथित तौर पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण क्रेन का संतुलन बिगड़ा। संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध मानखुर्द पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मुंबई हादसे में एक सरकारी कर्मचारी की जान जाने के बाद प्रशासन पर निर्माण स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब मुंबई में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ चल रही हैं। आलोचकों का कहना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की नियमित जाँच अनिवार्य की जानी चाहिए।
आगे क्या होगा
जलगांव हादसे में घायल 6 लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है, जिनमें एक बच्चे की स्थिति नाजुक बनी हुई है। मुंबई में ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दोनों घटनाओं की जाँच संबंधित पुलिस स्टेशनों द्वारा की जा रही है और आने वाले दिनों में दोषियों पर कार्रवाई अपेक्षित है।