राम मंदिर ट्रस्ट में कृष्ण मोहन बने कार्यवाहक महासचिव, चंपत राय के इस्तीफे के बाद संभाली कमान
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई को हुई विशेष बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करते हुए वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया। अयोध्या के रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में यह नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट के समस्त प्रशासनिक एवं प्रबंधन कार्यों की देखरेख करेंगे।
कौन हैं कृष्ण मोहन
73 वर्षीय कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। मूल रूप से हरदोई के निवासी कृष्ण मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वर्ष 2025 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था।
चढ़ावा चोरी मामले में पहली एफआईआर
गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में सबसे पहले एफआईआर दर्ज कराने वाले भी कृष्ण मोहन ही थे। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया, और जाँच अभी जारी है।
कार्यवाहक महासचिव की प्राथमिकताएँ
नई जिम्मेदारी संभालते ही कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराना ट्रस्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से केवल ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाएँ भी आहत हुई हैं।
कृष्ण मोहन ने स्वीकार किया कि मंदिर के प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में कुछ कमियाँ थीं, जिनका गलत लोगों ने फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि अब इन कमियों को दूर कर पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ट्रस्ट की साख पर असर
कृष्ण मोहन ने माना कि हालिया घटनाक्रम से ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुँचा है और समाज में कुछ हद तक अविश्वास का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शी कार्यप्रणाली के ज़रिए लोगों का विश्वास पुनः मज़बूत करना ट्रस्ट का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।
आगे क्या होगा
स्थायी महासचिव की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट का प्रशासनिक संचालन देखते रहेंगे। चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जाँच जारी है और आठ गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ रही है। ट्रस्ट के भीतर प्रबंधन सुधारों की रूपरेखा भी जल्द सामने आने की उम्मीद है।