6 जुलाई 2026
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राम मंदिर ट्रस्ट में कृष्ण मोहन बने कार्यवाहक महासचिव, चंपत राय के इस्तीफे के बाद संभाली कमान

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राम मंदिर ट्रस्ट में कृष्ण मोहन बने कार्यवाहक महासचिव, चंपत राय के इस्तीफे के बाद संभाली कमान

सारांश

रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फेरबदल किया — चंपत राय और अनिल मिश्रा की विदाई के बाद IFS अधिकारी और RSS के पूर्वी UP संघचालक कृष्ण मोहन को कमान सौंपी गई। वही कृष्ण मोहन, जिन्होंने इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज कराई थी।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई को विशेष बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए।
वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को स्थायी महासचिव की नियुक्ति तक कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया।
कृष्ण मोहन 73 वर्षीय सेवानिवृत्त IFS अधिकारी हैं और RSS के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक हैं।
चढ़ावा चोरी मामले में पहली एफआईआर दर्ज कराने वाले भी कृष्ण मोहन ही थे; पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कृष्ण मोहन ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और ट्रस्ट की व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने को प्राथमिकता बताया।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 6 जुलाई को हुई विशेष बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करते हुए वरिष्ठ सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया। अयोध्या के रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट में यह नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट के समस्त प्रशासनिक एवं प्रबंधन कार्यों की देखरेख करेंगे।

कौन हैं कृष्ण मोहन

73 वर्षीय कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। मूल रूप से हरदोई के निवासी कृष्ण मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वर्ष 2025 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था।

चढ़ावा चोरी मामले में पहली एफआईआर

गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में सबसे पहले एफआईआर दर्ज कराने वाले भी कृष्ण मोहन ही थे। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया, और जाँच अभी जारी है।

कार्यवाहक महासचिव की प्राथमिकताएँ

नई जिम्मेदारी संभालते ही कृष्ण मोहन ने स्पष्ट किया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराना ट्रस्ट की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि इस घटना से केवल ट्रस्ट ही नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाएँ भी आहत हुई हैं।

कृष्ण मोहन ने स्वीकार किया कि मंदिर के प्रबंधन और संचालन व्यवस्था में कुछ कमियाँ थीं, जिनका गलत लोगों ने फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि अब इन कमियों को दूर कर पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ट्रस्ट की साख पर असर

कृष्ण मोहन ने माना कि हालिया घटनाक्रम से ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुँचा है और समाज में कुछ हद तक अविश्वास का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शी कार्यप्रणाली के ज़रिए लोगों का विश्वास पुनः मज़बूत करना ट्रस्ट का प्रमुख लक्ष्य रहेगा।

आगे क्या होगा

स्थायी महासचिव की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट का प्रशासनिक संचालन देखते रहेंगे। चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस जाँच जारी है और आठ गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ रही है। ट्रस्ट के भीतर प्रबंधन सुधारों की रूपरेखा भी जल्द सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नेतृत्व परिवर्तन भर से ट्रस्ट की साख पूरी तरह बहाल नहीं होगी।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण मोहन कौन हैं और उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में क्यों नियुक्त किया गया?
कृष्ण मोहन 73 वर्षीय सेवानिवृत्त IFS अधिकारी और RSS के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के संघचालक हैं, जिन्हें 2025 में ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद उन्हें 6 जुलाई को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया।
चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया?
अयोध्या के रामलला मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद ट्रस्ट की विशेष बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। यह नेतृत्व परिवर्तन इसी प्रकरण की प्रत्यक्ष परिणति है।
रामलला मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
इस मामले में कृष्ण मोहन द्वारा पहली एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। जाँच अभी जारी है और ट्रस्ट ने दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को अपनी प्राथमिकता बताया है।
कृष्ण मोहन कब तक कार्यवाहक महासचिव रहेंगे?
स्थायी महासचिव की नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्थायी नियुक्ति की समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
ट्रस्ट की व्यवस्था में क्या सुधार किए जाएंगे?
कृष्ण मोहन ने कहा है कि मंदिर प्रबंधन में जो कमियाँ थीं, उन्हें दूर कर पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुरक्षित बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों का विश्वास पुनः बहाल करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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