सपा नेता अबू आजमी ने इमरान मसूद के आतंकवाद पर बयान का समर्थन किया
सारांश
Key Takeaways
- अबू आजमी ने इमरान मसूद के बयान का समर्थन किया।
- आतंकवाद के नाम पर बेगुनाहों को फंसाने का मुद्दा उठाया गया।
- मुंबई के सीरियल ब्लास्ट का संदर्भ दिया गया।
- प्रदूषण पर भी सरकार को घेरा गया।
- अजित पवार के हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आतंकवाद के नाम पर कई निर्दोष लोगों को फंसाया जाता है।
इमरान मसूद ने आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर कहा था कि हमें नहीं पता कि किसे गिरफ्तार किया गया है, लेकिन बीस से अधिक वर्षों तक जेल में रहने के बाद कई लोग रिहा हो जाते हैं। आतंकवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी बेगुनाह को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है कि किसी निर्दोष को रिहाई के लिए 20 साल तक का इंतज़ार न करना पड़े।
अबू आजमी ने इमरान मसूद के इस बयान का समर्थन करते हुए बताया कि मुंबई में हुई सीरियल ब्लास्ट में 187 लोगों की जान गई थी, जिसमें 12 युवा गिरफ्तार हुए थे और निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। हालांकि, उच्च न्यायालय ने न्याय किया और कई बेगुनाहों को रिहा किया। 19 साल तक बेगुनाह जेल में रहे, फिर भी हमारी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दूसरी ओर, मालेगांव ब्लास्ट के आरोपियों के मामले में सरकारी वकील ने नरमी बरतने का सुझाव दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमारे देश में कानून की स्थिति क्या है। क्यों मुसलमानों को जबरदस्ती फंसाया जाता है?
इसके अलावा, प्रदूषण के मुद्दे पर भी अबू आजमी ने सरकार को घेरा। उन्होंने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण और एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के स्तर पर चिंता व्यक्त करने के लिए विधान भवन में बैनर लेकर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि मास्क पहनकर आए हैं क्योंकि मुंबई के हालात बहुत खराब हैं, प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के संदर्भ में अबू आजमी ने कहा कि 'दादा' के साथ हुए हादसे पर कई सवाल उठते हैं। हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच किसी बाहरी एजेंसी से करवाई जाए, ताकि उनके परिवार और जनता के बीच असंतोष न हो और सच्चाई सामने आ सके।