11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

देवगन मरांडी ने 70 सेकंड में नेपाली फाइटर को हराया, झारखंड के MMA स्टार बोले- 'सपोर्ट करें, आगे जाऊंगा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
देवगन मरांडी ने 70 सेकंड में नेपाली फाइटर को हराया, झारखंड के MMA स्टार बोले- 'सपोर्ट करें, आगे जाऊंगा'

सारांश

झारखंड के गोड्डा जिले के आदिवासी युवा देवगन मरांडी ने NDA का सपना टूटने के बाद MMA में नई राह चुनी — और 27 जून को कोलकाता में नेपाली फाइटर को महज 70 सेकंड में धूल चटाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। अब वे सरकार और ECL से सपोर्ट माँग रहे हैं।

मुख्य बातें

देवगन मरांडी ने 27 जून को कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय MMA मुकाबले में नेपाली फाइटर को पहले राउंड के 70 सेकंड में हराया।
राष्ट्रीय स्तर पर 14 MMA फाइट्स में से केवल 3 में हार; उत्तराखंड, दिल्ली, गोवा और छत्तीसगढ़ में मुकाबले।
देवगन झारखंड के गोड्डा जिले के नीमकाला गांव के निवासी हैं और आदिवासी समाज से आते हैं।
NDA परीक्षा में असफलता के बाद नई दिल्ली की 'हाउस ऑफ ग्लैडिएटर्स' एकेडमी में साढ़े तीन साल का प्रशिक्षण लिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ECL से आर्थिक सहायता व स्पॉन्सरशिप की माँग की है।

झारखंड के गोड्डा जिले के ललमटिया स्थित नीमकाला गांव के युवा फाइटर देवगन मरांडी ने 27 जून को कोलकाता में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) मुकाबले में नेपाल के प्रतिद्वंद्वी को पहले ही राउंड के महज 70 सेकंड में पराजित कर भारत का परचम लहराया। इस जीत ने उन्हें झारखंड के आदिवासी समाज में एक उभरते हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में पहचान दिलाई है।

मुकाबले का घटनाक्रम

भारत बनाम नेपाल के इस अंतरराष्ट्रीय MMA मुकाबले में देवगन मरांडी ने पहले ही राउंड में नेपाली फाइटर पर इतना दबाव बनाया कि मुकाबला शुरू होने के 70 सेकंड के भीतर ही समाप्त हो गया। यह जीत उनके करियर की पहली अंतरराष्ट्रीय विजय है। देवगन ने कहा, 'इसका श्रेय मेरे देश, मेरे परिवार, झारखंड और आदिवासी समाज को जाता है।'

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखने से पहले देवगन राष्ट्रीय स्तर पर 14 MMA फाइट्स में भाग ले चुके हैं। इनमें उत्तराखंड, दिल्ली, गोवा और छत्तीसगढ़ में खेले गए मुकाबले शामिल हैं। 14 में से केवल 3 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है — यानी उनका राष्ट्रीय जीत प्रतिशत उल्लेखनीय रूप से ऊँचा है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

देवगन ने महागामा के बेथल मिशन स्कूल से नर्सरी से दसवीं तक और सत्यम वेब भागलपुर स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। 2023 में उन्होंने नई दिल्ली में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की तैयारी शुरू की, लेकिन करीब एक साल की मेहनत के बाद वे परीक्षा में सफल नहीं हो सके। इसी दौरान, उनके रूममेट — केरल के अनुराग — की अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) देखने की आदत ने देवगन को MMA की ओर प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली की 'हाउस ऑफ ग्लैडिएटर्स' एकेडमी में साढ़े तीन साल तक गहन प्रशिक्षण लिया। उनके पसंदीदा फाइटर जॉन जोंस हैं।

परिवार और आर्थिक पृष्ठभूमि

देवगन के पिता सांझला मरांडी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ललमटिया से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें ₹30,000 प्रतिमाह पेंशन मिलती है। परिवार में 7 भाई और 1 बड़ी बहन गुलाबी मरांडी हैं। गुलाबी शिक्षिका बनने की तैयारी कर रही हैं, जबकि एक भाई बोकारो में निजी नौकरी करता है। देवगन परिवार में चौथे नंबर पर हैं।

सरकार और उद्योग से सहायता की अपील

देवगन मरांडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की माँग की है। साथ ही उन्होंने अपने क्षेत्र में कार्यरत ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) से स्पॉन्सरशिप दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, 'मैं विनती करता हूं कि लोग मुझे सपोर्ट करें। मैं काफी आगे तक जाऊंगा।' स्थानीय लोगों का मानना है कि देवगन की यह उपलब्धि आदिवासी समाज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड के आदिवासी युवाओं के सामने मौजूद सीमित अवसरों का आईना है — जहाँ NDA जैसे सरकारी रास्ते बंद होने के बाद प्रतिभा को अपना रास्ता खुद बनाना पड़ता है। सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार और सार्वजनिक उपक्रम ECL केवल उपलब्धि का श्रेय लेंगे या वास्तविक वित्तीय सहायता भी देंगे। भारत में MMA अभी भी संस्थागत समर्थन के लिहाज़ से हाशिये पर है, और ऐसे में एक आदिवासी परिवार की ₹30,000 मासिक पेंशन पर अंतरराष्ट्रीय करियर बनाना लगभग असंभव है। देवगन की अपील सुनी जाए या नहीं — यह झारखंड सरकार की खेल नीति की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवगन मरांडी कौन हैं और उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की?
देवगन मरांडी झारखंड के गोड्डा जिले के नीमकाला गांव के MMA फाइटर हैं, जिन्होंने 27 जून को कोलकाता में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में नेपाली फाइटर को मात्र 70 सेकंड में हराया। वे आदिवासी समाज से आते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर 14 में से 11 मुकाबले जीत चुके हैं।
देवगन मरांडी ने MMA की शुरुआत कैसे की?
2023 में NDA परीक्षा में असफल होने के बाद देवगन के दिल्ली के रूममेट अनुराग की UFC देखने की आदत ने उन्हें MMA की ओर प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली की 'हाउस ऑफ ग्लैडिएटर्स' एकेडमी से साढ़े तीन साल तक प्रशिक्षण लिया।
देवगन मरांडी ने किससे आर्थिक सहायता माँगी है?
देवगन ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आर्थिक सहायता और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) से स्पॉन्सरशिप दिलाने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह सहायता उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने में मदद करेगी।
देवगन मरांडी की पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है?
देवगन के पिता सांझला मरांडी ECL ललमटिया से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें ₹30,000 प्रतिमाह पेंशन मिलती है। परिवार में 7 भाई और 1 बड़ी बहन गुलाबी मरांडी हैं। देवगन परिवार में चौथे नंबर पर हैं।
इस जीत का आदिवासी समाज के लिए क्या महत्व है?
स्थानीय लोगों का मानना है कि देवगन की यह उपलब्धि झारखंड के आदिवासी समाज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगी। यह जीत उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल में करियर बनाना चाहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले