गुप्ता धाम श्रावणी मेला 30 जुलाई से: रोहतास प्रशासन ने कसी कमर, ऑक्सीजन-सुरक्षा-भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के रोहतास जिले में स्थित प्रसिद्ध गुप्ता धाम में 30 जुलाई 2025 से शुरू होने वाले श्रावणी मेले की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। भगवान गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन के लिए हर वर्ष हज़ारों श्रद्धालु यहाँ उमड़ते हैं, और इस बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा बुनियादी सुविधाओं को पहले से कहीं अधिक मज़बूत करने का संकल्प लिया है।
अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने 10 जुलाई को स्वयं गुप्ता धाम पहुँचकर तैयारियों का जायज़ा लिया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, ऑक्सीजन आपूर्ति, पेयजल और शौचालय सुविधाओं को और बेहतर बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह ऐसे समय में आया है जब श्रावण माह में तीर्थ स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की विफलता को लेकर देशभर में चिंताएँ उठती रही हैं।
गुफा में ऑक्सीजन और सुविधाओं का होगा विस्तार
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि गुफा के भीतर ऑक्सीजन की माँग अधिक रहती है। फिलहाल वहाँ ऑक्सीजन की व्यवस्था मौजूद है, परंतु श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ऑक्सीजन इंतज़ाम किए जा रहे हैं। गुफा में पहले से लगे एग्जॉस्ट सिस्टम को भी उन्नत किया जाएगा।
परिसर में कुछ स्थानों पर कंकड़ होने से श्रद्धालुओं को चलने में कठिनाई होती है। इसके समाधान के लिए परफोरेटेड मैट बिछाए जाएँगे, जिन पर चलना सुगम रहेगा और फिसलने का जोखिम भी कम होगा। इसके साथ ही पेयजल और शौचालय सुविधाओं को पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर किया जाएगा।
मेले के दौरान लगने वाली दुकानों को लेकर पूजा समिति के साथ सहमति बनी है कि दुकानें पुल से पहले ही लगाई जाएँगी, ताकि मुख्य मार्ग पर भीड़ का दबाव न बढ़े और आवाजाही सुचारु रहे।
सुरक्षा का मज़बूत घेरा
पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने बताया कि गेट से पुल तक लगभग 50 मीटर के क्षेत्र को खाली कराया जाएगा, जहाँ कंट्रोल रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, मजिस्ट्रेट और मेडिकल टीम तैनात रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग के साथ क्यूइंग सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते होंगे।
बिजली के तार और जनरेटर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी इस मेले में भाग लेती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएँगे।
तकनीकी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया दल
पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँगे। इसके अतिरिक्त क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और बाइक QRT की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मेले में मौजूद रहेंगी।
आगे क्या
30 जुलाई 2025 से शुरू होने वाले इस श्रावणी मेले से पहले प्रशासन सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। यदि इन योजनाओं को समय पर क्रियान्वित किया गया, तो यह मेला श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव साबित हो सकता है।