ओडिशा क्राइम ब्रांच ने बिहार के युवक को 2.06 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा

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ओडिशा क्राइम ब्रांच ने बिहार के युवक को 2.06 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा

सारांश

ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2.06 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के मामले में बिहार के एक 31 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। यह मामला भुवनेश्वर के एक व्यवसायी की शिकायत पर आधारित है, जिसमें ठगों ने शेयर बाजार में फर्जी ट्रेडिंग के जरिए पैसे ठगे।

मुख्य बातें

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने 2.06 करोड़ रुपए की ठगी में एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया।
व्यवसायी को व्हाट्सऐप पर संपर्क कर ठगा गया।
आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
व्यवसायी ने कुल 54 किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए।
ओडिशा में अन्य साइबर ठगी के मामले भी सामने आए हैं।

भुवनेश्वर, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2.06 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के मामले में बिहार के 31 वर्षीय साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जानकारी शुक्रवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने साझा की।

आरोपी की पहचान बिहार के बेगूसराय जिले के रतनापुर निवासी प्रिंस राज के रूप में हुई है। उसे 28 मार्च 2025 को क्राइम ब्रांच साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया। यह मामला भुवनेश्वर के एक व्यवसायी की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था।

शिकायत में व्यवसायी ने बताया कि 23 दिसंबर 2024 को अज्ञात साइबर ठगों ने उनसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप पर संपर्क किया। इसके बाद उन्हें बिना पूछे एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया।

व्यवसायी के अनुसार, एक व्यक्ति ने खुद को एक प्रसिद्ध कंपनी का फंड मैनेजर बताकर उनसे संपर्क किया। उसने मदद की पेशकश की और एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने के लिए उन्हें राजी किया।

ग्रुप में मुफ्त में शेयर बाजार से संबंधित सलाह और रोजाना निफ्टी का तकनीकी विश्लेषण दिया जाता था।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार, 23 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025 के बीच व्यवसायी ने तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 2,06,07,500 रुपए 54 किस्तों में पांच अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए, जो साइबर अपराधियों से जुड़े थे।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “जब पीड़ित ने अपना पैसा निकालना चाहा तो तथाकथित ‘रिस्क कंट्रोल टीम’ ने अलग-अलग बहाने बनाकर रकम जारी करने से मना कर दिया। तब उसे समझ आया कि वह एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार हो गया है। इसके बाद उसने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।”

शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और बुधवार रात बिहार के बेगूसराय से आरोपी राज को गिरफ्तार कर लिया। कुल 2.06 करोड़ रुपए की ठगी में से 40 लाख रुपए आरोपी राज के खाते में आए थे।

एक अन्य साइबर ठगी मामले में क्राइम ब्रांच ने ओडिशा के अंगुल जिले के राजकिशोरपाड़ा से हिमांशु प्रसाद कर्णा और उनकी पत्नी सैलेंद्री कर्णा को 1.55 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।

शिकायत के अनुसार, अज्ञात साइबर ठगों ने पहले सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित से संपर्क किया और बाद में उसे ‘स्टॉक मार्केट पायनियर्स’ और व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद एक लिंक भेजकर ऊंचे और सुनिश्चित मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में निवेश करने के लिए उकसाया।

झूठे भरोसे में आकर पीड़ित ने ठगों के निर्देश पर कई किस्तों में कुल 1,55,66,000 रुपए सात अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दर्शाता है कि समाज में ऐसे ठगों से सावधान रहने की आवश्यकता है। यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की जानकारी को विश्वसनीयता के बिना नहीं लेना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने किस मामले में युवक को गिरफ्तार किया?
ओडिशा क्राइम ब्रांच ने 2.06 करोड़ रुपए की निवेश धोखाधड़ी के मामले में बिहार के युवक को गिरफ्तार किया।
आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी का नाम प्रिंस राज है और वह बिहार के बेगूसराय जिले का निवासी है।
व्यवसायी ने ठगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
व्यवसायी ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई।
ठगी के दौरान व्यवसायी ने कितनी राशि ट्रांसफर की?
व्यवसायी ने कुल 2,06,07,500 रुपए ट्रांसफर किए।
क्या ओडिशा में और भी साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं?
हाँ, ओडिशा में एक अन्य साइबर ठगी मामले में 1.55 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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