गोवा पुलिस ने 60 लाख की साइबर ठगी के आरोपी को महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी
- आरोपी की गिरफ्तारी महाराष्ट्र से
- वीडियो कॉल के माध्यम से ठगी
- साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा
- सावधानी बरतने की अपील
पणजी, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गोवा के साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए 60 लाख रुपए की ठगी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला एक पणजी निवासी की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपियों ने स्वयं को सीबीआई अधिकारी और मजिस्ट्रेट बताकर धोखाधड़ी की थी।
पुलिस द्वारा शनिवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह मामला 20 फरवरी 2026 को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, गोवा में अपराध संख्या 11/2026 के तहत दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच में यह सामने आया कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से शिकायतकर्ता से संपर्क किया। उन्होंने झूठा दावा किया कि शिकायतकर्ता ने उनसे पैसे लिए हैं। इसके बाद अन्य आरोपियों ने खुद को सीबीआई मुंबई और मजिस्ट्रेट बताकर पीड़ित को डराया। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उसका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है और उसे वीडियो कॉल के जरिए ‘निगरानी’ में रखा गया है। इसी डर का लाभ उठाकर आरोपियों ने पीड़ित पर कथित मामले को सेटल करने का दबाव बनाया और 60 लाख रुपए की रकम दो अलग-अलग बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करवा ली।
मामले की गहन तकनीकी जांच के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी का लोकेशन सातारा में ट्रेस किया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने महाराष्ट्र पहुंचकर आरोपी अक्षय सुरेश निकम को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पीएसआई अनिल पोलेकर, हेड कांस्टेबल अनय नाइक और पीसी विनय अमोनकर माथ के नेतृत्व में की गई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी के बैंक खाते में 46 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर हुई थी, जिसे बाद में उसके सहयोगियों के विभिन्न खातों में भेज दिया गया। आगे की जांच में यह खाता देश के कई राज्यों, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा में दर्ज 12 अन्य साइबर ठगी मामलों से जुड़ा पाया गया। इन सभी मामलों में कुल मिलाकर करीब 3.10 करोड़ रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है, जिससे यह एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।
गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया जारी है। मामले की आगे की जांच पुलिस निरीक्षक दीपक पेडनेकर द्वारा की जा रही है, जो एएसपी बीवी श्रीदेवी के पर्यवेक्षण और एसपी साइबर क्राइम राजू राउत देसाई के समग्र मार्गदर्शन में चल रही है।
गोवा साइबर क्राइम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार के फर्जी कॉल, वीडियो कॉल या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।