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अमित शाह की सिलीगुड़ी में हाई-लेवल बैठक: कटमनी-सिंडिकेट के खिलाफ 4 हेल्पलाइन नंबर जारी

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अमित शाह की सिलीगुड़ी में हाई-लेवल बैठक: कटमनी-सिंडिकेट के खिलाफ 4 हेल्पलाइन नंबर जारी

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में सुवेंदु अधिकारी के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कटमनी, सिंडिकेट, अवैध टोल और अवैध शराब के खिलाफ चार हेल्पलाइन नंबर जारी किए। साथ ही BNS प्रदर्शनी और नए पुलिस कमिश्नरेट का उद्घाटन कर ममता सरकार पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 अगस्त 2026 को सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
कटमनी के लिए 155334 , सिंडिकेट के लिए 155335 , अवैध टोल वसूली के लिए 155337 और अवैध शराब के लिए 155339 हेल्पलाइन नंबर जारी।
पूर्व में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदला जा रहा है।
शाह ने नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया; ममता सरकार पर इसे न लागू करने का आरोप।
सिलीगुड़ी में नवनिर्मित विधान नगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 21 अगस्त 2026 को सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई चार नई शिकायत हेल्पलाइन सेवाओं पर विशेष चर्चा हुई और शाह ने आम जनता से इनका लाभ उठाने की अपील की।

चार हेल्पलाइन नंबर: क्या है व्यवस्था

राज्य सरकार ने चार प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं। कटमनी (अवैध वसूली) की शिकायत के लिए 155334, सिंडिकेट राज से जुड़ी शिकायतों के लिए 155335, अवैध रोड एवं टोल टैक्स वसूली के लिए 155337 और अवैध शराब की शिकायत दर्ज कराने के लिए 155339 नंबर जारी किया गया है।

शाह ने कहा कि इन चारों नंबरों पर दर्ज प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार यह व्यवस्था पश्चिम बंगाल की जनता को अवैध वसूली और उगाही के चंगुल से राहत दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

ममता सरकार पर सीधा हमला

गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में कटमनी, सिंडिकेट राज और अवैध वसूली से राज्य की जनता वर्षों तक परेशान रही। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार इस पूरे तंत्र को जड़ से समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है।

शाह ने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने सिंडिकेट तंत्र और भय के माहौल को बचाने के लिए नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) को राज्य में लागू नहीं किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस संहिता को लागू कर 'डर नहीं, विश्वास' के संकल्प को साकार किया है।

सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा

बैठक में राज्य की सुरक्षा स्थिति और प्रशासनिक सुधारों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। शाह ने बताया कि पूर्व में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदला जा रहा है।

इसके अलावा चुनावी हिंसा के प्रमुख मामलों की सुनवाई की निगरानी, नशा-मुक्ति अभियान और सीमा पार से पशुओं, हथियारों तथा नकली मुद्रा की तस्करी पर रोक लगाने के लिए भी तेजी से काम किए जाने की बात कही गई।

BNS प्रदर्शनी और नए पुलिस कमिश्नरेट का उद्घाटन

अपने सिलीगुड़ी दौरे के दौरान अमित शाह ने नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) पर आधारित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नई संहिता में तकनीक और फोरेंसिक के व्यापक उपयोग से न्याय प्रक्रिया को तेज, समयबद्ध और पीड़ित-केंद्रित बनाया गया है। शाह ने न्यायपालिका, कानून व्यवस्था और पुलिस से जुड़े लोगों से इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की।

इसके अतिरिक्त उन्होंने सिलीगुड़ी में नवनिर्मित विधान नगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया। यह कदम उत्तर बंगाल में पुलिस अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की राह

शाह ने कहा कि ये सभी पहल आने वाले समय में पश्चिम बंगाल में सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य में भाजपा सरकार अपनी प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और जनता के बीच विश्वास बहाल करने की कोशिश में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक पुनर्स्थापना की कोशिश का हिस्सा है — जहाँ हेल्पलाइन नंबर उतने ही प्रतीकात्मक हैं जितने व्यावहारिक। असली सवाल यह है कि इन नंबरों पर दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई की जवाबदेही कौन तय करेगा और उसकी निगरानी कैसे होगी। कटमनी और सिंडिकेट जैसी समस्याएँ दशकों पुरानी हैं और केवल हेल्पलाइन से नहीं मिटतीं — इसके लिए जमीनी पुलिस सुधार और स्वतंत्र निगरानी तंत्र जरूरी है। BNS प्रदर्शनी और नए कमिश्नरेट भवन के उद्घाटन के साथ यह दौरा संदेश देता है कि राज्य में 'नई व्यवस्था' की नींव रखी जा रही है, लेकिन क्रियान्वयन ही इसकी असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कटमनी और सिंडिकेट के खिलाफ कौन-से हेल्पलाइन नंबर जारी हुए हैं?
राज्य सरकार ने चार टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं: कटमनी के लिए 155334, सिंडिकेट शिकायत के लिए 155335, अवैध रोड/टोल टैक्स वसूली के लिए 155337 और अवैध शराब की शिकायत के लिए 155339। इन नंबरों पर दर्ज प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
अमित शाह की सिलीगुड़ी बैठक में क्या-क्या मुद्दे उठे?
21 अगस्त 2026 को हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था, चुनावी हिंसा के मामलों की निगरानी, नशा-मुक्ति अभियान, सीमा पार तस्करी और चार नई हेल्पलाइन सेवाओं की समीक्षा की गई। साथ ही पूर्व वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा शिविरों को जन सुविधा केंद्रों में बदलने पर भी चर्चा हुई।
नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) प्रदर्शनी का उद्देश्य क्या है?
BNS प्रदर्शनी का उद्देश्य न्यायपालिका, पुलिस और कानून-व्यवस्था से जुड़े लोगों को नई संहिता की जानकारी देना है, जिसमें तकनीक और फोरेंसिक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया को तेज और पीड़ित-केंद्रित बनाया गया है। अमित शाह ने सिलीगुड़ी में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
विधान नगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय का उद्घाटन क्यों महत्वपूर्ण है?
सिलीगुड़ी में नवनिर्मित विधान नगर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय भवन का उद्घाटन उत्तर बंगाल में पुलिस अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की निगरानी और प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
ममता बनर्जी सरकार पर अमित शाह ने क्या आरोप लगाए?
अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में कटमनी, सिंडिकेट राज और अवैध वसूली से जनता वर्षों तक परेशान रही। उन्होंने यह भी कहा कि ममता सरकार ने सिंडिकेट तंत्र को बचाने के लिए नई भारतीय न्याय संहिता को राज्य में लागू नहीं किया था।
राष्ट्र प्रेस
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