शिलांग हिंसा: केएसयू के तीन शीर्ष नेता गारो हिल्स की अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित होंगे, CRPF तैनात
सारांश
मुख्य बातें
खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के तीन वरिष्ठ नेताओं को शुक्रवार, 22 अगस्त को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शिलांग से गारो हिल्स की अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया जाएगा। ये नेता 21 अगस्त को केएसयू की बाइक रैली के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए थे, जिसमें 16 लोग घायल हुए, 31 से अधिक वाहनों में तोड़-फोड़ की गई और दो वाहनों में आग लगाई गई।
कौन नेता कहाँ भेजे जाएंगे
केएसयू के वाइस-प्रेसिडेंट पिनकमेनलांग सैनमीट और जनरल सेक्रेटरी रूबेन नजीयार को तुरा ले जाए जाने की संभावना है, जबकि प्रेसिडेंट रेमंड खार्जाना को विलियमनगर भेजा जाएगा। तीनों को गुरुवार को शिलांग की डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
हिंसा की पृष्ठभूमि और मांगें
केएसयू ने मेघालय सरकार को 15 दिन की समय-सीमा दी थी, जो समाप्त होने के बाद संगठन ने 17 और 18 अगस्त को जनसभाएँ कीं और फिर बाइक रैली निकाली। संगठन की पाँच प्रमुख माँगें थीं — ईस्ट जयंतिया हिल्स में श्री सीमेंट प्रोजेक्ट की प्रस्तावित जनसुनवाई पर कार्रवाई, मेघालय लोक सेवा आयोग और जिला चयन समितियों के ज़रिए भर्ती में सुधार, मेघालय निवासी सुरक्षा और संरक्षा अधिनियम (एमआरएसएसए) का सख्त क्रियान्वयन, एनईआईजीआरआईएचएमएस में भर्ती सुधार और प्रवासी मज़दूरों से संबंधित संशोधन।
इसके अतिरिक्त, केएसयू ने 31 जुलाई को हुई श्री सीमेंट प्रोजेक्ट की जनसुनवाई से जुड़े अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और एंट्री-पॉइंट चेकिंग सेंटर्स के माध्यम से एमआरएसएसए को सख्ती से लागू करने की माँग भी की थी।
हिंसा का विवरण
विरोध-प्रदर्शन हिंसक होने के बाद शिलांग के अनेक हिस्सों से पत्थरबाजी, झड़प और वाहनों पर हमले की खबरें सामने आईं। सरकारी वाहनों, सार्वजनिक संपत्ति और मेघालय के बाहर पंजीकृत वाहनों को निशाना बनाया गया। गृह (पुलिस) विभाग के प्रभारी डिप्टी सीएम प्रेस्टोन टिनसोंग ने आरोप लगाया कि नकाबपोश प्रदर्शनकारी टकराव के लिए पूरी तरह तैयार होकर आए थे। पुलिस ने हिंसा के संबंध में 15 एफआईआर दर्ज की हैं और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
केंद्रीय बलों की तैनाती
कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मेघालय में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती को मंजूरी दी है। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की चार कंपनियाँ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक कंपनी को 25 अगस्त तक के लिए तैनात किया गया है।
आगे की स्थिति
केएसयू नेताओं का स्थानांतरण और न्यायिक हिरासत छात्र संगठन तथा राज्य सरकार के बीच तनाव को और गहरा कर सकती है। अधिकारी हालात सामान्य करने और हिंसा के लिए जिम्मेदार अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मेघालय में जनजातीय पहचान, रोज़गार और बाहरी प्रवासियों को लेकर संवेदनशीलता पहले से ही उच्च स्तर पर है।