मेघालय: CM कोनराड संगमा ने ₹30 करोड़ के 95 पुलिस वाहनों के बेड़े को दिखाई हरी झंडी

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मेघालय: CM कोनराड संगमा ने ₹30 करोड़ के 95 पुलिस वाहनों के बेड़े को दिखाई हरी झंडी

सारांश

मेघालय सरकार ने ₹30 करोड़ की लागत से 95 नए पुलिस वाहनों का बेड़ा तैयार किया है — जिसमें 79 केंद्रीय सहायता से खरीदे गए हैं। CM संगमा ने इसे 3,000 से अधिक नई भर्तियों और 'पुलिस रिजर्व फंड' के साथ जोड़ते हुए राज्य पुलिस के व्यापक आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

मेघालय के CM कोनराड के.
संगमा ने शिलांग में ₹30 करोड़ के 95 नए पुलिस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाई।
कुल 79 वाहन भारत सरकार की 'राज्य पुलिस को केंद्रीय सहायता योजना' के तहत खरीदे गए हैं।
बेड़े में 20 मारुति जिम्नी , 19 टाटा ट्रक ट्रूप कैरियर , 8 टाटा योद्धा (सीआईडी) और विभिन्न क्षमता की बसें शामिल हैं।
सरकार ने लंबे समय से रिक्त पदों पर 3,000 से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की है।
पश्चिम जयंतिया हिल्स के लापांगाप में तनाव के बीच पुलिस की भूमिका की सराहना की गई।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 15 मई 2025 को शिलांग के गोल्फलिंक स्थित पुलिस ऑफिसर्स मेस में 95 नए पुलिस वाहनों के बेड़े को हरी झंडी दिखाई। इस खरीद पर अनुमानित ₹30 करोड़ खर्च हुए हैं और इसका उद्देश्य राज्य पुलिस की ऑपरेशनल तैयारी, गतिशीलता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक इदाशिशा नोंगरंग, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।

बेड़े में कौन-कौन से वाहन शामिल

अधिकारियों के अनुसार, कुल 95 वाहनों में से 79 वाहन भारत सरकार की 'राज्य पुलिस को केंद्रीय सहायता योजना' के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से खरीदे गए हैं। इस बेड़े में 20 मारुति जिम्नी, 19 टाटा ट्रक ट्रूप कैरियर, पाँच महिंद्रा मिनी ट्रक, 20 कर्मियों की क्षमता वाली 19 बसें, 24 कर्मियों की क्षमता वाली 10 बसें, 36 कर्मियों को ले जाने में सक्षम आठ बसें और सीआईडी विंग के लिए आठ टाटा योद्धा वाहन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री का संबोधन और सरकार की प्राथमिकता

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी भी सरकार की मूलभूत जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'इन सुधारों के माध्यम से, जो बुनियादी ढाँचा कभी जर्जर हालत में था, अब उसका नवीनीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। काम को तेज़ी से पूरा करने के लिए पुलिस अधीक्षकों और यूनिट कमांडरों को अधिकार और जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।'

संगमा ने यह भी बताया कि सरकार ने 'पुलिस रिजर्व फंड' जैसे उपाय शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य जमीनी स्तर पर बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक दक्षता में सुधार लाना है।

3,000 से अधिक नई भर्तियाँ और मानवशक्ति सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर 3,000 से अधिक कर्मियों की भर्ती पर प्रकाश डाला और इसे पुलिस बल की मानवशक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। गौरतलब है कि यह भर्ती अभियान वाहन आधुनिकीकरण के साथ-साथ चल रहा है, जो राज्य सरकार के समग्र पुलिस सुधार कार्यक्रम का हिस्सा है।

लापांगाप तनाव और सीमा विवाद का संदर्भ

संगमा ने पश्चिम जयंतिया हिल्स के लापांगाप में हाल ही में उत्पन्न तनाव का उल्लेख करते हुए मेघालय पुलिस की सराहना की, जिसने असम के साथ अंतर-राज्य सीमा विवाद पर बातचीत जारी रहने के दौरान शांति और स्थिरता बनाए रखी। उन्होंने डीजीपी नोंगरंग और समूचे पुलिस बल को उनके समर्पण और व्यावसायिकता के लिए धन्यवाद दिया।

आगे की राह

यह वाहन बेड़ा राज्य भर में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय और दुर्गम भूभाग वाले मेघालय में उन्नत गतिशीलता कानून-व्यवस्था प्रबंधन में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। राज्य सरकार का पुलिस आधुनिकीकरण पर यह ध्यान आने वाले समय में और अधिक सुधारों का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है। हालाँकि 3,000 भर्तियाँ और ₹30 करोड़ का निवेश उल्लेखनीय है, असली कसौटी यह होगी कि ये संसाधन दुर्गम पहाड़ी जिलों तक कितनी प्रभावी रूप से पहुँचते हैं। केंद्रीय सहायता पर निर्भरता — 95 में से 79 वाहन — यह भी दर्शाती है कि राज्य की स्वयं की राजकोषीय क्षमता अभी सीमित है। बिना पारदर्शी तैनाती योजना और जवाबदेही ढाँचे के, यह घोषणा प्रभाव से अधिक प्रतीकात्मक बन सकती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय पुलिस के नए वाहन बेड़े में कितने और कौन-से वाहन शामिल हैं?
कुल 95 वाहन शामिल हैं, जिनमें 20 मारुति जिम्नी, 19 टाटा ट्रक ट्रूप कैरियर, पाँच महिंद्रा मिनी ट्रक, विभिन्न क्षमता की बसें और सीआईडी के लिए आठ टाटा योद्धा वाहन हैं। इनमें से 79 वाहन केंद्र सरकार की 'राज्य पुलिस को केंद्रीय सहायता योजना' के तहत खरीदे गए हैं।
इस पुलिस वाहन खरीद पर कितना खर्च हुआ?
अधिकारियों के अनुसार इस खरीद पर अनुमानित ₹30 करोड़ खर्च हुए हैं। इसमें केंद्रीय और राज्य दोनों स्रोतों से धनराशि जुटाई गई है।
मेघालय पुलिस में 3,000 से अधिक भर्तियाँ किस संदर्भ में की गई हैं?
मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि ये भर्तियाँ लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर की गई हैं, जो पुलिस बल की मानवशक्ति को सुदृढ़ करने की व्यापक नीति का हिस्सा हैं। यह कदम वाहन आधुनिकीकरण और 'पुलिस रिजर्व फंड' जैसे उपायों के साथ मिलकर राज्य पुलिस सुधार कार्यक्रम को आकार दे रहा है।
लापांगाप तनाव और इस कार्यक्रम का क्या संबंध है?
CM संगमा ने पश्चिम जयंतिया हिल्स के लापांगाप में हाल के तनाव का उल्लेख करते हुए पुलिस की सराहना की, जिसने असम के साथ सीमा वार्ता के दौरान शांति बनाए रखी। यह संदर्भ दर्शाता है कि वाहन आधुनिकीकरण सीधे राज्य की सीमा-प्रबंधन चुनौतियों से जुड़ा है।
'राज्य पुलिस को केंद्रीय सहायता योजना' क्या है?
यह भारत सरकार की एक केंद्र-प्रायोजित योजना है, जिसके तहत राज्यों को पुलिस आधुनिकीकरण — वाहन, हथियार, संचार उपकरण और बुनियादी ढाँचे — के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। मेघालय ने इस योजना के अंतर्गत 95 में से 79 वाहन खरीदे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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