मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने तुरा में हिंसा के बाद किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
सारांश
Key Takeaways
- सीएम कॉनराड संगमा ने तुरा का दौरा किया और प्रभावित लोगों को समर्थन का भरोसा दिया।
- स्थानीय समुदाय ने सफाई अभियान शुरू किया है।
- अधिकारियों ने सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
- हिंसा के कारण जीएचएडीसी चुनाव स्थगित किए गए।
- प्रशासन स्थिति की निगरानी कर रहा है।
शिलांग, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने तुरा में हालिया हिंसा और संपत्ति के नुकसान के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया। गुरुवार को तुरा पहुंचे सीएम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और वहां के निवासियों, समुदाय के नेताओं और अधिकारियों के साथ बातचीत की।
सीएम ने उन स्थानों का निरीक्षण किया जहां दुकानों, वाहनों और अन्य संरचनाओं को नुकसान हुआ था। उन्होंने प्रभावित व्यक्तियों और व्यापारियों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी सहायता के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
इस बीच, तुरा के नागरिकों ने बड़ी संख्या में स्वतःस्फूर्त सफाई अभियान शुरू किए। समुदाय के सदस्य, युवा समूह और स्थानीय संगठन हाल की हिंसा के बाद बचे हुए मलबे, जले हुए अवशेषों और खराब सामान को हटाने में जुट गए हैं। कई मार्केट, सड़क किनारे और प्रभावित क्षेत्रों में यह कार्य चल रहा है। लोगों ने औजारों, वाहनों और सामूहिक प्रयास से शहर को साफ करने और सामान्य स्थिति बहाल करने का संकल्प लिया है। इस पहल ने तुरा में एकता और सामुदायिक भावना को और मजबूत किया है।
अधिकारियों और समुदाय के नेताओं ने लोगों की इस पहल की सराहना की है और कहा कि ऐसे सामूहिक प्रयास शांति स्थापित करने और शहर को फिर से खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए है और स्थानीय समूहों के साथ समन्वय कर रहा है ताकि सफाई और मरम्मत का काम सुचारू रूप से चल सके।
यह हिंसा जीएचएडीसी (गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल) चुनावों से जुड़ी है, जो अप्रैल में होने वाली थीं लेकिन हिंसा के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया। सोमवार से शुरू हुई घटनाओं में गैर-जनजातीय उम्मीदवारों की भागीदारी के विरोध में प्रदर्शन हुए। तुरा में दुकानों को लूटने, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। एनपीपी ऑफिस सहित कई स्थानों पर हमले हुए। पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद कर्फ्यू लगाया गया और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं। आर्मी को भी तैनात किया गया है।
सीएम कॉनराड संगमा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर जानकारी मिली थी कि कुछ लोग उनके घर पर हमला करने और आग लगाने की योजना बना रहे थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा कि वे डरते नहीं हैं। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की।
एनपीपी ऑफिस में मौजूद होकर सीएम ने कहा, "हम सभी को कल की घटना के बारे में पता है। एनपीपी ऑफिस समेत कई जगहों पर तोड़-फोड़, हमला और आगजनी हुई, हम इससे बहुत दुखी हैं। पार्टी ऑफिस पर हमला करने की कोई वजह नहीं थी, लेकिन इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर टारगेट किया गया। जिन्होंने यह किया, उनसे कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा। मैं अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संदेश देना चाहता हूं कि जिन्होंने आज हमारा ऑफिस जलाया, वे सोचते हैं कि एनपीपी को खत्म कर देंगे। लेकिन एनपीपी लोगों के दिलों में बसती है। इसे कोई नहीं मिटा सकता। हम एक बेहतर पार्टी ऑफिस बनाएंगे और संगठन को और मजबूत करेंगे।