ऑस्ट्रियन अल्पाइन ओपन: युवराज संधू का पहला राउंड 1-ओवर 71, टी-100 पर; झोउ ने 8-अंडर 62 से जमाई बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
किट्जब्यूहेल (ऑस्ट्रिया) में जारी ऑस्ट्रियन अल्पाइन ओपन गोल्फ टूर्नामेंट के पहले दिन 29 मई को भारत के एकमात्र प्रतिनिधि युवराज संधू के लिए शुरुआत बेहद कठिन रही — उन्होंने 1-ओवर 71 का स्कोर दर्ज किया और टी-100 स्थान पर रहे। दिन का समापन चीन के यानहान झोउ के नाम रहा, जिन्होंने 8-अंडर 62 के शानदार स्कोर के साथ लीडरबोर्ड पर शीर्ष स्थान हासिल किया।
संधू का उतार-चढ़ाव भरा पहला राउंड
प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) में कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके 29 वर्षीय संधू ने फ्रंट नाइन की शुरुआत लगातार तीन बोगी से की। पाँचवें होल पर एक डबल बोगी ने स्थिति और बिगाड़ी — राउंड के पहले पाँच होल में ही उन्होंने पाँच शॉट गंवा दिए।
हालाँकि संधू ने हार नहीं मानी। फ्रंट नाइन के अंतिम चरण में लगातार तीन बर्डी और फिर 12वें तथा 13वें होल पर बर्डी की बदौलत वे वापस इवन पार पर लौट आए — यह उनके मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था।
14वें होल पर एक शॉट गंवाने के बाद 16वें होल पर उन्होंने एक शॉट वापस लिया। अंततः 17वें होल पर बर्डी के साथ उन्होंने दिन का खेल 1-ओवर पार पर समाप्त किया।
कट बचाने की चुनौती
किट्जब्यूहेल का यह गोल्फ कोर्स कम स्कोर के लिए जाना जाता है, जहाँ शीर्ष खिलाड़ी गहरे अंडर-पार स्कोर बनाते हैं। ऐसे में संधू के लिए इस हफ्ते सीजन का अपना चौथा 'कट' हासिल करना आसान नहीं होगा — उन्हें दूसरे राउंड में अपनी गति में उल्लेखनीय सुधार करना होगा।
झोउ की धमाकेदार शुरुआत
टूर्नामेंट के सबसे युवा खिलाड़ी 18 वर्षीय यानहान झोउ ने पहले दिन सात बर्डी, एक ईगल और केवल एक बोगी की मदद से 8-अंडर 62 का असाधारण राउंड खेला। यदि वे इस हफ्ते खिताब जीतते हैं, तो सीधे 'रेस टू दुबई' रैंकिंग के शीर्ष-30 खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे।
लीडरबोर्ड की स्थिति
पुर्तगाल के रिकार्डो गौवेइया 7-अंडर 63 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर हैं। 2009 में ऑस्ट्रिया में अपना पहला खिताब जीतने वाले अनुभवी राफा कैबरेरा बेल्लो 6-अंडर 64 के साथ तीसरे स्थान पर छह खिलाड़ियों के साथ बराबरी पर हैं। इस समूह में मार्सेल श्नाइडर, टोबियास जॉनसन, डेविस ब्रायंट, लुकास ब्जेरेगार्ड और ब्रैंडन रॉबिन्सन थॉम्पसन भी शामिल हैं।
आगे क्या
दूसरा राउंड संधू के लिए निर्णायक होगा — कट से आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने खेल में बड़ा सुधार लाना होगा। वहीं झोउ जैसे युवा खिलाड़ी की आक्रामक शुरुआत यूरोपियन टूर पर एशियाई गोल्फ की बढ़ती उपस्थिति का संकेत देती है।