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नोएडा में बिजली शिकायत अब QR कोड से दर्ज करें, 4.47 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

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नोएडा में बिजली शिकायत अब QR कोड से दर्ज करें, 4.47 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

सारांश

नोएडा में बिजली विभाग ने QR कोड स्कैन कर शिकायत दर्ज करने की नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। इससे 4.47 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी — अब न कार्यालय के चक्कर, न हेल्पलाइन पर इंतज़ार। शिकायत का हाल ई-मेल से मिलेगा।

मुख्य बातें

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में बिजली विभाग ने 12 मई 2026 को QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली लॉन्च की।
इस सुविधा से 4.47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उपभोक्ता बिजली बिल, मीटर खराबी, कटौती, लाइन फॉल्ट और ट्रांसफार्मर समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
शिकायत का समाधान होने पर उपभोक्ता को ई-मेल के ज़रिए सूचना दी जाएगी।
नई सुविधा को मौजूदा 1912 हेल्पलाइन के साथ एकीकृत किया गया है।
मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन ने बताया कि भविष्य में यह सुविधा अन्य जिलों में भी लागू की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में बिजली विभाग ने 12 मई 2026 को एक नई QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली की शुरुआत की है, जिससे 4.47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा के ज़रिए उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से QR कोड स्कैन करके तुरंत शिकायत पोर्टल पर पहुँच सकेंगे — बिना किसी कार्यालय के चक्कर लगाए।

नई सुविधा में क्या है खास

QR कोड स्कैन करते ही उपभोक्ता सीधे ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर पहुँच जाएंगे। यहाँ वे बिजली बिल, मीटर खराबी, बिजली कटौती, लाइन फॉल्ट, ट्रांसफार्मर संबंधी समस्या और अन्य तकनीकी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था तेज़, पारदर्शी और सरल सेवा देने के उद्देश्य से लागू की गई है।

शिकायत की निगरानी और सूचना

शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी डिजिटल माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। समस्या के समाधान के बाद उपभोक्ता को ई-मेल के ज़रिए सूचना भेजी जाएगी, जिससे वे जान सकेंगे कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और समाधान कब पूरा हुआ। यह पारदर्शिता पहले की व्यवस्था में नदारद थी।

1912 हेल्पलाइन से जोड़ा गया

अब तक उपभोक्ता मुख्य रूप से 1912 हेल्पलाइन नंबर के ज़रिए शिकायतें दर्ज कराते थे, लेकिन अधिक कॉल की वजह से अक्सर परेशानी होती थी। नई QR कोड सुविधा को इसी 1912 हेल्पलाइन के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि शिकायत प्रक्रिया और अधिक सुगम बन सके।

मुख्य अभियंता की प्रतिक्रिया

बिजली विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन ने बताया कि विभाग लगातार उपभोक्ताओं को बेहतर और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से शिकायतों का निस्तारण तेज़ी से होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। विभाग की योजना है कि भविष्य में इस सुविधा को अन्य जिलों में भी लागू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सके।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार बिजली वितरण व्यवस्था को डिजिटल और जवाबदेह बनाने पर ज़ोर दे रही है। गौतमबुद्ध नगर से शुरू हुई यह प्रणाली यदि सफल रही, तो यह प्रदेश के अन्य शहरी व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। नोएडा जैसे घनी आबादी वाले शहर में जहाँ बिजली कटौती और मीटर विवाद आम हैं, डिजिटल पोर्टल तभी कारगर होगा जब बैकएंड में शिकायत निस्तारण की समयसीमा भी तय हो। केवल शिकायत दर्ज करने की सुविधा देना पर्याप्त नहीं — ई-मेल अधिसूचना तब तक अर्थहीन है जब तक समाधान की कोई बाध्यकारी समयसीमा न हो। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बिजली वितरण कंपनियों पर उपभोक्ता शिकायतों के लंबित रहने के आरोप पुराने हैं — यह प्रणाली उस जवाबदेही को बदल सकती है, बशर्ते डेटा सार्वजनिक किया जाए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में QR कोड से बिजली शिकायत कैसे दर्ज करें?
अपने स्मार्टफोन से बिजली विभाग का QR कोड स्कैन करें, जिससे आप सीधे ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर पहुँच जाएंगे। वहाँ बिजली बिल, मीटर खराबी, कटौती या ट्रांसफार्मर जैसी समस्याएं दर्ज की जा सकती हैं।
इस सुविधा से कितने उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा?
बिजली विभाग के अनुसार इस नई प्रणाली का लाभ गौतमबुद्ध नगर जनपद के करीब 4.47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। भविष्य में इसे अन्य जिलों में भी विस्तारित करने की योजना है।
शिकायत दर्ज होने के बाद क्या होगा?
शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी डिजिटल माध्यम से निगरानी की जाएगी। समस्या का समाधान होने पर उपभोक्ता को ई-मेल के ज़रिए सूचना भेजी जाएगी।
क्या 1912 हेल्पलाइन बंद हो जाएगी?
नहीं, 1912 हेल्पलाइन बंद नहीं होगी। नई QR कोड सुविधा को 1912 हेल्पलाइन के साथ एकीकृत किया गया है ताकि दोनों माध्यमों से शिकायत दर्ज की जा सके।
यह सुविधा पहले कहाँ शुरू हुई है?
यह QR कोड आधारित शिकायत सुविधा सबसे पहले उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद (नोएडा) से शुरू की गई है। मुख्य अभियंता संजय कुमार जैन के अनुसार, सफलता के बाद इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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