कपिल देव बोले — क्रिकेट ने सब दिया, पर अन्य खेलों को भी मिले बराबर का सम्मान
सारांश
मुख्य बातें
भारत के पूर्व कप्तान और प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के अध्यक्ष कपिल देव ने 29 अगस्त को हैदराबाद में कहा कि क्रिकेट के अलावा देश के अन्य खेलों को भी उचित समर्थन और मीडिया कवरेज मिलनी चाहिए, क्योंकि उन खेलों के खिलाड़ी भी उतनी ही मेहनत करते हैं। वे 1 सितंबर से शुरू होने वाले तेलंगाना गोलकोंडा मास्टर्स टूर्नामेंट के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
क्रिकेट और अन्य खेलों पर कपिल का नज़रिया
कपिल देव ने कहा, 'मैंने क्रिकेट खेला और मुझे यह खेल बहुत पसंद था। इसमें कोई शक नहीं कि क्रिकेट ने मुझे इस दुनिया में सब कुछ दिया है। हालांकि, मुझे लगता है कि हमें दूसरे खेलों को भी सपोर्ट और बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि इन खेलों के खिलाड़ी भी बहुत मेहनत करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी खेल की तुलना क्रिकेट से नहीं करना चाहते, लेकिन जब तक मीडिया अन्य खेलों पर ध्यान नहीं देगा, तब तक वे उस स्तर की लोकप्रियता तक नहीं पहुँच सकते।
गोल्फ न खेलने का अफसोस
1983 विश्व कप विजेता कप्तान ने स्वीकार किया कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के दौरान गोल्फ नहीं खेला। उन्होंने कहा, 'अगर मैं क्रिकेट खेलते समय गोल्फ भी खेलता, तो शायद 2,000 रन और बना पाता।' उनका मानना है कि गोल्फ खेलने से एकाग्रता बढ़ती है और स्वभाव में एक अलग किस्म का संयम आता है।
सभी खिलाड़ियों से अपील
कपिल देव ने सभी क्रिकेटरों से आग्रह किया कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार गोल्फ ज़रूर खेलें। उन्होंने कहा, 'इससे आपका स्वभाव बदलता है, जिसकी आपको जरूरत होती है।' उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे कोई न कोई खेल अवश्य खेलें, क्योंकि खेल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक विकास में भी सहायक होते हैं।
हैदराबाद को बताया खेलों का शहर
कपिल देव ने हैदराबाद को खेलों का शहर करार देते हुए कहा, 'हैदराबाद एक खूबसूरत और खेलों को पसंद करने वाला शहर है, जहाँ कई खेल हस्तियाँ आती रहती हैं।' उन्होंने कहा कि शहर अब केवल क्रिकेटरों के लिए नहीं जाना जाता — यहाँ गोल्फर, बैडमिंटन और टेनिस खिलाड़ी भी अपनी पहचान बना रहे हैं। टूर्नामेंट के लिए हैदराबाद आने पर उन्होंने प्रसन्नता जताई और उम्मीद जताई कि सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ही विजेता बनेगा।