ऑपरेशन सिंदूर ने स्वदेशी रक्षा शक्ति साबित की: मंत्री बी.एल. वर्मा का NTH के 115वें स्थापना दिवस पर बयान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने 29 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) के 115वें स्थापना दिवस समारोह में स्पष्ट रूप से कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत के स्वदेशी हथियारों और मिसाइलों की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रमाणित किया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री वर्मा ने यह भी कहा कि रक्षा क्षमताओं के क्षेत्र में भारत अब किसी भी देश से पीछे नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर और आत्मनिर्भरता का संदेश
वर्मा ने समारोह में कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों और ताकतवर मिसाइलों की क्षमता देखी। आज भारत किसी से पीछे नहीं है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि यह ऑपरेशन देश की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत विकसित उत्पादों की व्यावहारिक सफलता का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी रक्षा आयात-निर्भरता को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
NTH की 114 वर्षों की विरासत
मंत्री ने NTH की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि यह संस्थान 1912 में कोलकाता के अलीपुर में 'गवर्नमेंट टेस्ट हाउस' के रूप में स्थापित हुआ था और आज यह भारत के राष्ट्रीय गुणवत्ता बुनियादी ढाँचे का एक अहम स्तंभ बन चुका है। वर्मा ने कहा, '115वाँ स्थापना दिवस NTH की 114 साल की समर्पित सेवा पूरी होने का प्रतीक है — यह सिर्फ एक संस्थागत उपलब्धि नहीं, बल्कि वैज्ञानिक परीक्षण, गुणवत्ता, उत्पाद सुरक्षा और विश्वसनीयता के क्षेत्र में भारत की गौरवशाली यात्रा का उत्सव है।'
ड्रोन और EV बैटरी परीक्षण में नई छलांग
समारोह में मंत्री वर्मा ने NTH द्वारा ड्रोन परीक्षण एवं प्रमाणन जैसे नए क्षेत्रों में प्रवेश पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रक्षा, कृषि, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन और नागरिक क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए विश्वसनीय परीक्षण और प्रमाणन से एक सुरक्षित एवं सशक्त ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरी परीक्षण सुविधाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे औद्योगिक सुरक्षा, दक्षता और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बल मिलेगा।
बेंगलुरु में नई इमारत का महत्व
इस अवसर पर बेंगलुरु में NTH की नई इमारत का उद्घाटन भी किया गया। वर्मा ने कहा कि बेंगलुरु प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, इंजीनियरिंग और उन्नत उद्योगों का प्रमुख केंद्र है, इसलिए यहाँ NTH की उपस्थिति उद्योगों, स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को बेहतर परीक्षण एवं तकनीकी सेवाएँ उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई इमारत महज एक भौतिक संरचना नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं और गुणवत्ता बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मेक इन इंडिया और विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
मंत्री वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में गुणवत्ता की भूमिका केंद्रीय है। उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद की गुणवत्ता ही उसकी विश्वसनीयता तय करती है और वही विश्वसनीयता उसे एक ब्रांड के रूप में पहचान दिलाती है। NTH को प्रधानमंत्री के 'सुधार, प्रदर्शन और बदलाव' के विज़न के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है — और बेंगलुरु की यह नई सुविधा उसी दिशा में अगला पड़ाव है।