राजनाथ सिंह का शिलांग में संदेश: आत्मनिर्भरता से ही सुनिश्चित होगी राष्ट्रीय सुरक्षा, ऑपरेशन सिंदूर बना प्रमाण
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 जून 2026 को शिलांग, मेघालय स्थित पूर्वी वायु कमान मुख्यालय में सैनिकों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा केवल आत्मनिर्भरता के बल पर ही अपनी शर्तों पर सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप में तकनीकी फुर्ती, रणनीतिक दूरदर्शिता और संस्थागत नवाचार अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य हो गए हैं।
आधुनिक युद्ध की नई चुनौतियाँ
राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि युद्ध का स्वरूप तेज़ी से बदल रहा है। हाइब्रिड खतरे, साइबर युद्ध, सूचना संघर्ष, लॉजिस्टिक्स क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और ड्रोन युद्ध अब निर्णायक तत्व बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में केवल पारंपरिक तैयारी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है — रक्षा बलों को हर मोर्चे पर एक साथ सक्षम होना होगा।
ऑपरेशन सिंदूर: आत्मनिर्भरता की ऐतिहासिक परीक्षा
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आत्मनिर्भरता के प्रयासों का ठोस प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के ज़रिए भारत ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों को यह संदेश दे दिया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। उनके अनुसार, रक्षा बलों की क्षमता, सतर्कता और दृढ़ संकल्प ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती शक्ति को रेखांकित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक रक्षा निर्यात और स्वदेशी हथियार उत्पादन में लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
पूर्वी वायु कमान की भूमिका और पूर्वोत्तर का महत्व
राजनाथ सिंह ने पूर्वी वायु कमान को भारत की पूर्वी सीमा का अपरिहार्य सुरक्षा स्तंभ बताते हुए उसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि युद्ध हो, शांतिकाल की तैनाती हो, आपदा राहत हो, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अभियान हो या सीमा प्रबंधन — पूर्वी वायु कमान ने हर परिस्थिति में व्यावसायिकता, साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत न केवल भौगोलिक सीमाओं का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का रणनीतिक आधार भी है। रक्षा मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका सुदृढ़ कर रहा है, पूर्वोत्तर का सामरिक महत्व और भी बढ़ता जा रहा है।
सैनिकों की सराहना और महिलाओं की बढ़ती भूमिका
रक्षा मंत्री ने कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान और समर्पण के कारण ही देश के नागरिक सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं और राष्ट्रीय संकटों में सेना की अग्रणी भूमिका की प्रशंसा की। रक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने केवल संस्थागत प्रगति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उन मूल्यों का प्रमाण बताया जो आधुनिकता को अपनाते हुए भी अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी और आगे का कार्यक्रम
इस अवसर पर वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया और भारतीय वायु सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। रक्षा मंत्री 21 जून 2026 को पूर्वी वायु कमान मुख्यालय में सैनिकों के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाएंगे — जो इस यात्रा का एक अहम पड़ाव होगा।