18 जुलाई 2026
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ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह बोले — रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर, 2029 तक ₹3 लाख करोड़ का लक्ष्य

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ऑपरेशन सिंदूर: राजनाथ सिंह बोले — रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर, 2029 तक ₹3 लाख करोड़ का लक्ष्य

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ आतंकियों को जवाब नहीं दिया — उसने भारत के 12 साल के रक्षा सुधारों की असली परीक्षा ली। राजनाथ सिंह के आँकड़े बताते हैं कि रक्षा उत्पादन ₹40,000 करोड़ से ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुँचा और निर्यात 55 गुना बढ़ा। अब सवाल है — क्या 2029 के ₹3 लाख करोड़ का लक्ष्य हकीकत बनेगा?

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आधुनिक सैन्य क्षमता का प्रतीक बताया।
ऑपरेशन में आकाश तीर , आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस समेत कई स्वदेशी प्रणालियों का प्रभावी उपयोग हुआ।
वार्षिक रक्षा उत्पादन वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पर; 2014 में यह ₹40,000 करोड़ था।
रक्षा निर्यात ₹686 करोड़ (2013-14) से बढ़कर ₹38,000 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर।
रक्षा बलों द्वारा 509 मदों की पाँच और रक्षा PSU द्वारा 5,012 मदों की पाँच स्वदेशीकरण सूचियाँ जारी; एक और सूची शीघ्र अपेक्षित।
2029 तक रक्षा उत्पादन ₹3 लाख करोड़ और निर्यात ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आधुनिक और सुदृढ़ सैन्य क्षमता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में रक्षा क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों ने देश की सुरक्षा तैयारियों को एक नई धार दी है।

ऑपरेशन सिंदूर: शौर्य और संकल्प का प्रतीक

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय रक्षा बलों के अद्वितीय पराक्रम की याद दिलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को मुंहतोड़ जवाब दिया और सरकार की 'शून्य सहिष्णुता' नीति को कार्रवाई में परिणत किया। उनके शब्दों में, 'आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक कार्य योजना है' — और भारत के पास अब आतंकियों के ठिकानों में घुसकर प्रहार करने की क्षमता है।

रक्षा मंत्री ने इस ऑपरेशन को तकनीकी युद्ध का उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। उन्होंने बताया कि इस दौरान आकाश तीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी स्वदेशी उन्नत प्रणालियों सहित कई अत्याधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया — जो पिछले 12 वर्षों में रखी गई नींव का परिणाम है।

रक्षा उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल

रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भरता के ठोस परिणाम गिनाए। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में वार्षिक रक्षा उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, जबकि 2014 के आसपास यह आँकड़ा मात्र ₹40,000 करोड़ था। यह वृद्धि एक दशक में चार गुने से अधिक है।

रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है — वित्त वर्ष 2013-14 में ₹686 करोड़ का निर्यात अब बढ़कर ₹38,000 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच चुका है। राजनाथ सिंह ने घोषणा की कि इस वर्ष रक्षा उत्पादन का लक्ष्य ₹2 लाख करोड़ और 2029 तक ₹3 लाख करोड़ को पार करना है। साथ ही रक्षा निर्यात को 2029 तक ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वदेशीकरण सूचियाँ और नीतिगत बदलाव

रक्षा बलों द्वारा अब तक 509 मदों वाली पाँच सकारात्मक स्वदेशीकरण सूचियाँ जारी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ने 5,012 मदों वाली पाँच अलग सूचियाँ भी जारी की हैं। राजनाथ सिंह ने संकेत दिया कि इस लक्ष्य को और गति देने के लिए जल्द ही एक और सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की जाएगी।

गौरतलब है कि 2014 से पहले भारत की रक्षा खरीद नीति आयात-केंद्रित थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने इस पुरानी सोच को पूरी तरह बदल दिया है और अब घरेलू रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया गया है — जो घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है।

आगे की राह

यह घोषणाएँ ऐसे समय में आई हैं जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की रक्षा नीति और स्वदेशी हथियार प्रणालियों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी प्रणालियों के सफल परिचालन ने भारतीय रक्षा उद्योग के लिए निर्यात के नए द्वार खोले हैं। आने वाले महीनों में नई स्वदेशीकरण सूची और उत्पादन लक्ष्यों की दिशा में सरकार के कदम यह तय करेंगे कि यह गति टिकाऊ है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

012 मदों की स्वदेशीकरण सूचियाँ नीतिगत दृढ़ता दर्शाती हैं, परंतु इन मदों की गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति की जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है। 2029 का ₹3 लाख करोड़ का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, किंतु बिना पारदर्शी मापन तंत्र के यह भी उन्हीं घोषणाओं की श्रेणी में जा सकता है जो सुर्खियाँ बनाती हैं पर जमीन पर सूई नहीं हिलातीं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या था और इसमें कौन-सी स्वदेशी प्रणालियाँ इस्तेमाल हुईं?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय रक्षा बलों द्वारा आतंकवादियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार इसमें आकाश तीर, आकाश मिसाइल प्रणाली और ब्रह्मोस समेत कई अत्याधुनिक स्वदेशी उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया गया।
भारत का रक्षा उत्पादन 2014 से अब तक कितना बढ़ा है?
2014 के आसपास भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन लगभग ₹40,000 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। यह एक दशक में चार गुने से अधिक की वृद्धि है।
भारत का रक्षा निर्यात कितना है और 2029 तक क्या लक्ष्य है?
वित्त वर्ष 2013-14 में भारत का रक्षा निर्यात मात्र ₹686 करोड़ था, जो अब ₹38,000 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य 2029 तक इसे ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाना है।
सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची क्या है और अब तक कितनी जारी हुई हैं?
सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची उन रक्षा उपकरणों और सामग्रियों की सूची है जिन्हें अब आयात नहीं किया जाएगा और घरेलू स्तर पर उत्पादित किया जाएगा। रक्षा बलों द्वारा 509 मदों वाली पाँच सूचियाँ और रक्षा PSU द्वारा 5,012 मदों वाली पाँच सूचियाँ जारी की जा चुकी हैं; एक और सूची शीघ्र अधिसूचित की जाएगी।
2029 तक भारत का रक्षा उत्पादन लक्ष्य क्या है?
राजनाथ सिंह ने बताया कि इस वर्ष रक्षा उत्पादन का लक्ष्य ₹2 लाख करोड़ और 2029 तक ₹3 लाख करोड़ को पार करना है। साथ ही 2029 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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